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कालभैरव अष्टमी / भैरव मंदिर जाकर साफ-सफाई करें, भगवान को सिंदूर और सरसों के तेल से चोला चढ़ाएं



poojan vidhi for kaal bhairav jayanti
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poojan vidhi for kaal bhairav jayanti

Dainik Bhaskar

Nov 30, 2018, 11:35 AM IST

रिलिजन डेस्क. आज (30 नवंबर, शुक्रवार) मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। इस दिन कालभैरव अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने कालभैरव का अवतार लिया था। भगवान कालभैरव को तंत्र का देवता माना गया है। इनकी कृपा के बिना तंत्र साधना अधूरी रहती है। इनके 52 रूप माने जाते हैं। भगवान कालभैरव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन कुछ आसान काम करने चाहिए। ये काम इस प्रकार हैं...


1. शुक्रवार को भगवान कालभैरव के मंदिर में सरसो के तेल का दीपक लगाएं। साथ ही नीले फूल भी चढ़ाएं।

 

2. किसी पुराने भैरव मंदिर में जाकर साफ-सफाई करें और भैरव प्रतिमा पर सिंदूर व सरसो के तेल से चोला चढ़ाएं।

 

3. कालभैरव अष्टमी पर भगवान कालभैरव को दही में गुड़ मिलाकर भोग लगाएं।

 

4. इस दिन घर में भैरव यंत्र की स्थापना करें और इसकी विधि-विधान से पूजा करें।

 

5. अष्टमी की सुबह भगवान कालभैरव के मंदिर में बैठकर ऊं कालभैरवाय नम: मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें। जाप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें।

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