• Hindi News
  • Religion
  • Upaay
  • Ganga Dashahara 2019; Date, Auspicious Muhurat, Significance, jyotish mahatva and Rashinusar Kya Daan Karen

पर्व / गंगा दशहरा पर 75 साल बाद बन रहे हैं दस महायोग, खरीदारी और मांगलिक कार्यों के लिए है शुभ मुहूर्त



Ganga Dashahara 2019; Date, Auspicious Muhurat, Significance, jyotish mahatva and Rashinusar Kya Daan Karen
X
Ganga Dashahara 2019; Date, Auspicious Muhurat, Significance, jyotish mahatva and Rashinusar Kya Daan Karen

Dainik Bhaskar

Jun 10, 2019, 07:43 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क. गंगा दशहरा पर 75 साल बाद फिर वही 10 योग बन रहे हैं जो पौराणिक काल में गंगा अवतरण पर बने थे। ये सभी प्रबल योग हैं। ज्योतिषियों के अनुसार इन योगों में गंगा दशहरा आने से श्रद्धालुओं को इस दिन तीर्थ स्नान के साथ धर्म-अनुष्ठान और पितरों के लिए तर्पण करना चाहिए। इसके अलावा अपनी राशि के अनुसार दान भी करना चाहिए। धर्मशास्त्रों की मान्यता और पुराणों के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को गंगा का अवतरण हुआ था। इस बार ये संयोग 12 जून को पड़ रहा है।

 

  • बन रहा है ये खास संयोग

गंगा अवतरण के 10 योग हैं- ज्येष्ठ, शुक्ल पक्ष, दशमी, बुधवार, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग, गर करण, आनंद योग, कन्या राशि का चंद्रमा, वृषभ राशि का सूर्य है। पं. अमर डिब्बावाला के अनुसार ये सभी 12 जून को बन रहे हैं। बुधवार और हस्त नक्षत्र होने से आनंद योग बनता है। इसमें दशमी और व्यतिपात मुख्य माने गए हैं। 

ग्रंथों में लिखा है कि दशहरा और चारों युगादि तिथियों में उत्कर्ष नहीं। यानी गौण और मुख्य का विचार नहीं होता है। इसलिए इस दिन अपने तीर्थ में स्नान कर गंगा का पूजन करना चाहिए। बुधवार को हस्त नक्षत्र से सर्वार्थ सिद्धि योग बनता है। वहीं ज्येष्ठ सभी बारह महीनों में सबसे बड़ा है। इस महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर सर्वार्थसिद्धि योग बहुत महत्वपूर्ण है। इस योग में किए दान सिद्ध माने गए हैं। 

 

  • खरीदारी और मांगलिक कार्य के लिए मुहूर्त  

गंगा दशहरा पर बन रहे प्रबल योगों में नागरिक अपने शुभ और मंगल कार्य भी करा सकेंगे। ज्योतिषियों के अनुसार इन शुभ योगों के अलावा रवियोग भी बन रहा है। इसलिए इस दिन वाहन और अन्य चीजों की खरीदारी, गृह प्रवेश, नव निर्माण की शुरुआत, नए प्रतिष्ठान का आरंभ, यज्ञोपवित संस्कार, चौलकर्म, विवाह, धार्मिक यात्रा की शुरुआत, अनुष्ठान की पूर्णाहुति या आरंभ, यज्ञ, जप, दान करने की शास्त्रीय मान्यता है। इस कारण शुभ कार्यों को करने में किसी तरह की बाधा नहीं है। 

 

 

  • राशि अनुसार क्या करें 

 

मेष - तीर्थ स्नान कर गुड़ व काली तिल का दान करें। 

 

वृष- तांबे के कलश में चावल, काली तिल, मिश्री रखकर दान करें। 

 

मिथुन- सुहाग सामग्री, सत्तु का दान ब्राह्मण की प|ी को करें। 

 

कर्क- जल से भरा घट, फल दान करें। 

 

सिंह- तांबे के कलश में सफेद तिल व सोने का दाना रखकर दान करें। 

 

कन्या- विभिन्न प्रकार के फलों का दान शिव मंदिर के पुजारी को करें। 

 

तुला- चांदी की वस्तु या सफेद खाद्य सामग्री दान करें। 

 

वृश्चिक- वैदिक विद्वान को धार्मिक पुस्तकें दान करें। 

 

धनु- रूद्राभिषेक कराएं, सात तरह के धान दान करें। 

 

मकर- कपड़े और बर्तन ब्राह्मण को दान करें। 

 

कुंभ- जौ, मक्का सहित 8 प्रकार का धान दान करें। 

 

मीन- किसी गरीब को भोजन कराएं, पशु-पक्षियों को भोजन दान करें।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना