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वास्तुशास्त्र से ली गई 5 कहावतें, जो बताती हैं कैसा होना चाहिए आपका घर

Vastu Shastra: वास्तुशास्त्र की 5 ऐसी कहावतें जो बताती हैं कि कहां और केसा होना चाहिए आपका घर

Danik Bhaskar | Aug 05, 2018, 06:21 PM IST

हमारे बुर्जुगों और पुराने लाेगों ने वास्तुशास्त्र को समझकर उसकी खास बातों को कहावतों में भी समझाया है। जिनको समझकर आप भी अपने घर के वास्तु दोष को खत्म कर सकते हैं। इन कहावतों में घर की बनावट, दरवाजों की उंचाई, घर के आसपास के पेड़-पौधे और घर में रहने वाले लोगों की आदतों के बारे में बताया गया है। जिस घर में इन सभी बातों का ध्यान रखा जाता है वहां किसी भी तरह का दोष नहीं होता। ऐसे घरों में सुख और समृद्धि रहती है और वहां रहने वाले लाेग तरक्की करते हैं।

वास्तुदोष दूर करने के लिए समझें 5 महत्वपूर्ण कहावतें -

1. जाकै पूरब पीपल होवे। सो लक्ष्मी पर लक्ष्मी खोवे।।

अर्थ - जिस घर के पूर्व में पीपल होता है, उस घर में रहने वाले लोगों को लगातार आर्थिक हानि होती है। ऐसे घर में पैसा नहीं टीकता है।

2. जेहिं मुंडे पर अशोक वृक्ष बासा। शोक रहत उई भवत सुवासा।।

अर्थ - जिस भूमि पर अशोक का पेड़ होता है, उस जमीन पर बना मकान बहुत अच्छा माना गया है। ऐसे घर में रहने वाले लोगों को सुख मिलता है, यानि घर की सीमा में अशोक का पेड़ होने से वास्तुदोष खत्म हो जाते हैं।

3. सिंह मुखी जो रहने जावै। तन, धन आपन सकल गंवावै।

अर्थ - आगे से चौड़े और पीछे की ओर से संकरे यानी सिंह मुखी भवन में रहने वाले लोगों को सेहत संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं। किसी न किसी तरह की बीमारी होने के साथ ही लगातार खर्चा भी बना रहता है।

4. छोटे दरवाजो मोटी चोर। बहों होय तो आफत घोर।।

अर्थ - जिस मकान का मेनगेट बहुत छोटा होता है वहां चोरी होने की संभावना ज्यादा होती है। वहीं जिस घर का मुख्य दरवाजा बहुत बड़ा होता है, वहां अनेक समस्याएं आती हैं। यानी ध्यान रखें कि घर का मेनगेट न ताे ज्यादा छोटा होना चाहिए और न ही ज्यादा बड़ा हो।

5. गज जेहि हारै झूंड उठावैं। सकल शगुन अस बात जतावै।।

जो पहिले घर-देव खिचावै। उहि घर को बहि दैव रखावै।।

अर्थ - जिस घर में पहले वास्तु देवता को नैवेद्य लगाया जाता हो और बाद में घर के अन्य लोग भोजन करते हों उस घर में सुख, समृद्धि और शांति होती है। ऐसे घर में रहने वाले लोग भी जल्दी तरक्की करते हैं।