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वास्तु शास्त्र के अनुसार नौकरी और बिजनेस की तरक्की तय करता है आपके घर का ये कोना

vastu shastra for home: वास्तुशास्त्र में पूर्व और उत्तर दिशा जहां मिलती हैं वो स्थान आपकी तरक्की के लिए खास होता है।

Dainik Bhaskar

Sep 03, 2018, 07:36 PM IST
Vastu Shastra For Home Importance of North East Corner it Gives Job And Business Growth

वास्तु शास्त्र के अनुसार पूर्व और उत्तर दिशाएं जहां पर मिलती हैं उस स्थान को ईशान कोण कहते हैं। भगवान शिव का एक नाम ईशान भी है चूंकि भगवान शिव का आधिपत्य उत्तर-पूर्व दिशा में होता है इसीलिए इसका ये नाम है। इस दिशा के स्वामी ग्रह बृहस्पति और केतु माने गए हैं। सभी दिशाओं में इसे सबसे उत्तम माना गया है। घर का ये हिस्सा सबसे पवित्र होता है इसलिए ईशान में सभी देवी और देवताओं का वास होता है। यही कारण है कि इस दिशा को सबसे शुभ माना गया है। इसे साफ-स्वच्छ और खाली रखा जाना चाहिए। आपकी नौकरी और बिजनेस की तरक्की ये दिशा ही तय करती है।

ये नहीं होना चाहिए ईशान कोण में -

- इस स्थान पर कूड़ा-कचरा नहीं हाेना चाहिए। इसके कारण कामकाज में रुकावटें आती हैं।

- स्टोररुम और टॉयलेट भी इस दिशा में नहीं होना चाहिए। इससे असफलता और नुकसान होता है।

- किचन और बेडरुम इस दिशा में होने से वास्तुदोष बनता है।

- लोहे का कोई भारी भी इस दिशा में नहीं होना चाहिए।

- ईशान कोण में कोई नुकीली चीज तथा झाडू भी नहीं रखना चाहिए वरना धन हानि होती है।

- घर या ऑफिस के इस हिस्से में बैठक व्यवस्था नहीं होनी चाहिए।

- सिंक या वॉशबेसिन भी इस दिशा में नहीं होनी चाहिए।

ऐसा ईशान कोण देता है तरक्की -

- निवास या कार्यालय के ईशान कोण में देवी-देवताओं की तस्वीर लगाकर रोज पूजा करें।

- इस हिस्से की नियमित सफाई भी करवाते रहें क्योंकि घर का ये हिस्सा साफ रहेगा तो वहां मां लक्ष्मी का स्थाई वास होगा।

- इस दिशा में पूजा स्थल बनाएं और वहां लक्ष्मी जी की मूर्ति रखें।

- ईशान कोण में श्वेतार्क गणपति (सफेद मदार की जड़ से बने गणेश जी) रखने से धन लाभ और तरक्की मिलती है।

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