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वास्तु शास्त्र: दक्षिण दिशा में पैर रखकर सोने से सुबह महसूस होगी थकावट, ये है इसका वैज्ञानिक और धार्मिक कारण

Vastu shastra: वास्तुशास्त्र विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण दिशा की तरफ पैर करके सोने से सेहत खराब होती है।

Danik Bhaskar | Aug 30, 2018, 12:19 AM IST

वास्तुशास्त्र जीवन के हर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाता है। घर हो या ऑफिस, खाना हो या सोना सब जगह वास्तुशास्त्र के नियमों लागू होते हैं होता है। ये नियम व्यक्ति के जीवन को सुधार भी सकते हैं और अगर इनका पालन ना किया जाए तो यह जीवन का बिगाड़ भी सकते है। वास्तुशास्त्र विशेषज्ञों के अनुसार सोने का एक सही तरीका होता है। दक्षिण दिशा की तरफ पैर करके सोते हैं तो यह स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

स्वास्थ्य और मस्तिष्क पर पड़ता है गहरा असर -
विज्ञान के अनुसार पृथ्वी के दोनों ध्रुव, उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के भीतर चुंबकीय शक्ति विद्यमान है। शारीरिक संरचना के अनुसार आपका सिर उत्तर दिशा है और आपके पांव दक्षिण दिशा। जब आप उत्तर दिशा की ओर सिर और दक्षिण दिशा की ओर पांव रखकर सोते हैं तो यह प्रतिरोधक का काम करती हैं। विपरीत दिशाएं एक-दूसरे को आकर्षित करती हैं और समान दिशाएं प्रतिरोधक बन जाती हैं, जिसके चलते स्वास्थ्य और मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह माना गया है कि दक्षिण दिशा की ओर पैर रखकर सोने से व्यक्ति की शारीरिक ऊर्जा का हरण होता है। जब वह सुबह उठता है तो उसे अजीब सी थकावट महसूस होती है। जबकि अगर यही दक्षिण दिशा की ओर सिर रखकर सोया जाए तो सुबह तरोताजा महसूस किया जा सकता है।

ये है धार्मिक कारण -

पुराणों के अनुसार दक्षिण को यम की दिशा माना गया है। इस दिशा में पैर रखकर सोने से दोष लगता है। महाभारत के अनुशासन पर्व, पद्म पुराण और सृष्टि पुराण के अनुसार दक्षिण दिशा की तरफ पैर रखकर सोने से उम्र कम होती है। इसके साथ बीमारियां बढ़ती हैं और ऐसे घर से लक्ष्मी जी चली जाती हैं।