पटवारी अभ्यर्थियों को सता रहा डर:तैयारी में दिन-रात एक कर रहे, लेकिन पेपर आउट के डर से टूट रहा मनोबल, बोले- मुश्किल में भविष्य

जयपुरएक वर्ष पहलेलेखक: करिश्मा वर्मा

राजस्थान में लंबे इंतजार के बाद 23 और 24 अक्टूबर को पटवारी भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश में कुल 5 हजार 378 पदों के लिए 15 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी पटवारी भर्ती परीक्षा देंगे। इस दौरान अभ्यर्थी को 3 घंटे में डेढ़ सौ प्रश्नों को हल करना होगा। जयपुर के एक कोचिंग क्लास में भास्कर टीम पहुंची। वहां तैयारी में जुटे अभ्यर्थियों ने भास्कर से अपनी परेशानी साझा की। उन्होंने बताया कि वह पटवारी परीक्षा की तैयारी किन मुश्किल हालातों में कर रहे हैं।

कोई बीकानेर से आकर यहां तैयारी में जुटा है तो कोई झुंझुनू और अलवर से आकर एग्जाम की तैयारी में दिन-रात एक कर रहा है। बीते दिनों हुई दो बड़ी परीक्षाओं सब इंस्पेक्टर और REET-2021 में पेपर लीक प्रकरणों के बाद स्टूडेंट्स में भय की बना हुआ है। स्टूडेंट्स को भय इस बात का है कि कहीं फिर से पेपर लीक हुआ तो भर्ती कोर्ट में अटक जाएगी। फिर नौकरी पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

पेपर लीक मामलों से टूट रहा मनोबल
झुंझुनूं की रहने वाली 24 वर्षीय रश्मि यादव का कहना है की वे आर्मी बैकग्राउंड से जुड़ी हैं और जॉइंट फैमिली में रहती हैं। घर से दूर रहकर वे पटवारी भर्ती की तैयारी तो कर रही हैं, लेकिन हाल ही में हुए रीट और एसआई पेपर लीक मामले को लेकर मन में एक सवाल उठता है कि कहीं इस परीक्षा में ऐसा नहीं हो जाए। परीक्षा के बाद नकल गिरोह पकड़े तो जाते हैं, लेकिन इससे भर्ती अटक जाती है। लंबे समय से जो मेहनत की है, उसका फल नहीं मिल पाता। हमारा मनोबल भी टूट जाता है।

आत्मसम्मान के लिए जरूरी है नौकरी
27 वर्षीय अंकिता कनोजिया मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं, लेकिन उनकी शादी बीकानेर में हुई है। वे पिछले 2 साल से अपने पति और परिवारजनों से दूर रहकर जयपुर में एग्जाम की तैयारी कर रही हैं। कई बार परिवार वालों का प्रेशर भी रहता है। वे वापस घर आने के लिए कहते हैं, लेकिन सरकारी नौकरी पाने का लक्ष्य और आत्मसम्मान के लिए भी ये परीक्षा जरूरी है। एग्जाम के दिन करवा चौथ भी है, तो 3 घंटे लगातार परीक्षा में भूखे प्यासे बैठना बहुत मुश्किल रहेगा।

फाइनेंशियल प्रॉब्लम से गुजरना पड़ रहा
अलवर के निवासी 23 वर्षीय तरुण का कहना है कि चार साल बाद अब जा कर पटवारी भर्ती की परीक्षा हो रही है। फिर बीच में कोरोना काल से पढ़ाई में बड़ा गैप आ गया। तैयारी के लिए घर से दूर बार-बार कोचिंग सेंटर में फीस जमा करवाना मुश्किल हो जाता है। फाइनेंशियल प्रॉब्लम फेस करनी पड़ रही है। ऐसे में कई बार तो लगता है वापस घर ही चले जाएं।

सरकार को बनानी चाहिए कमेटी
अलवर के रहने वाले 24 वर्षीय विशाल का कहना है कि मेरे मन में अभी से ये शंका चल रही है कि पटवारी परीक्षा का पेपर आउट न हो जाए, जिस प्रकार रीट में घपला हुआ। सरकार को सोचना चाहिए कि पेपर आउट क्यों हो रहे हैं। कोई समिति बनानी चाहिए जो इस पर लगाम लगाए कि पेपर लीक न हो। क्योंकि बच्चों के फ्यूचर का सवाल है। विशाल ने बताया कि घर से दूर रहकर तैयारी करने के लिए एक स्टूडेंट को बहुत कुछ मैनेज करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि वे सिविल इंजीनियरिंग कर चुके हैं, लेकिन पटवारी भर्ती के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं।

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