ये स्किल्स आपको किसी भी इंडस्ट्री में जॉब हासिल करने में मदद करेंगी

DainikBhaskar.com | Jul 21,2018 21:37 PM IST

जॉब के लिए सही उम्मीदवार की तलाश में जहां एम्प्लॉयर जॉब से जुड़ी स्किल्स को महत्व देते हैं वहीं कुछ सामान्य स्किल्स भी उन्हें आकर्षित करती हैं। इन स्किल्स को एम्प्लॉएबिलिटी स्किल्स भी कहा जाता है। ये स्किल्स न केवल आपको जॉब हासिल करने में बल्कि कॅरिअर में तरक्की हासिल करने में भी मदद करती हैं चाहे आप किसी भी इंडस्ट्री में काम करें। अच्छी कम्यूनिकेशन, पब्लिक स्पीकिंग और मैनेजमेंट स्किल्स के अलावा आपके लिए ये स्किल्स सीखना भी फायदेमंद होगा।

लक्ष्मीनारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी (LNCT)

DainikBhaskar.com | Jul 20,2018 15:13 PM IST

लक्ष्मीनारायण कालेज ऑफ टेक्नोलॉजी मध्य प्रदेश का सबसे पहला सेल्फ फाइनेंस्ड इंस्टीट्यूट है। इसकी स्थापना 1993-94 में की गई। यह मध्य प्रदेश का पहला ऐसा सेल्फ फाइनेंस्ड इंस्टीट्यूट है जिसे एमबीए, एआईसीटीई दिल्ली से मान्यता मिली। यह ISO : 9001-2000 सर्टिफिकेशन पाने वाला एमपी का पहला संस्थान है। करीब 35 एकड़ में फैले इसके कैंपस में अध्ययन और आवास की सभी सुविधाएं हैं।

करियर काउंसलर से जानें किस तरह करें सरकारी नौकरी की तैयारी

DainikBhaskar.com | Jul 20,2018 12:19 PM IST

हर साल तकरीबन 12 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवार सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करते हैं। पिछले साल आयोग को जॉइंट बैचलर स्तर की परीक्षा के लिए 38 लाख से ज्यादा आवेदन मिले थे। 2.8 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवार इस साल रेल्वे की 90,000 रिक्तियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा में शामिल होंगे। भारत में सरकारी नौकरी युवाओं के बीच जॉब सिक्योरिटी के अलावा कई अन्य सुविधाओं की वजह से भी फर्स्ट चाॅइस बनी हुई है। हालांकि अगर आप बीस साल पहले इस सिनेरियो को देखते तो आपको निजी क्षेत्र एक अवसरों वाला कॅरिअर विकल्प महसूस होता। इसने भारतीय युवाओं के बीच अपनी जगह फिर से बना ली है।

प्योर साइंस और रिसर्च के लिए इन इंस्टीट्यूट्स से कर सकते हैं पढ़ाई

DainikBhaskar.com | Jul 19,2018 17:11 PM IST

पिछले कुछ सालों में साइंस स्टडी के क्षेत्र में यह ट्रेंड देखने को मिला है कि ज्यादातर स्टूडेंट्स प्योर साइंस को छोड़कर इंजीनियरिंग, मेडिसिन और एविएशन जैसे कोर्सेज को चुन रहे हैं। कोर्सेज की कम अवधि, कोर्स के पूरा होने पर जॉब के अवसर और मोटा पे पैकेज इसके प्रमुख कारण रहे हैं। लेकिन अब इस पैटर्न में बदलाव देखने को मिल रहा है और प्योर साइंसेज को पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि स्टूडेंट्स को अब साइंस में रिसर्च के क्षेत्र में अवसरों की संख्या में बढ़ोतरी दिखाई देने लगी है। यह वृद्धि ज्यादातर प्योर साइंस के फील्ड में दिखाई दे रही है। अगर आप भी बारहवीं के बाद प्योर साइंस के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं तो देश के इन प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट्स में एडमिशन ले सकते हैं।