कॉमनवेल्थ: गुरुराजा ने वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर, सुशील कुमार को देखकर कभी कुश्ती में बनाना चाहते थे करियर

गुरुराजा कर्नाटक के रहने वाले हैं। उन्होंने 2010 में करियर शुरू किया था। एयरफोर्स में नौकरी करते हैं।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Apr 05, 2018, 11:46 AM IST

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कामनवेल्थ गेम 2018: गुरुराजा ने भारत को दिलाया पहला पदक, वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर, Commomwealth Game 2018, Gold Coast, CWG 2018, Gururaja, Silver
25 साल के गुरुराजा पुजारी ने 56 किलोग्राम (मेंस) कैटेगरी में कुल 249 किग्रा वजन उठाया।

 

  • गुरुराजा ने इसी साल पेनांग में कॉमनवेल्थ सीनियर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में गोल्ड जीता था।  
  • वे 2016 साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड लाने में कामयाब रहे थे।

 

गोल्ड कोस्ट.   कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले ही दिन वेटलिफ्टर गुरुराजा पुजारी ने भारत का खाता खोला। उन्होंने गुरुवार को 56 किलोग्राम (मैन्स) कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। मलेशिया के मोहम्मद एएच इजहार अहमद ने गोल्ड अपने नाम किया। वहीं, श्रीलंका के चतुरंगा लकमल को ब्रॉन्ज मिला। पिछली बार 2014 के ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सुखन डे ने 56 किग्रा (मैन्स) कैटेगरी में गोल्ड जीता था। उन्होंने कुल 248 किग्रा का वजन उठाया था। इस बार गुरुराजा कुल 249 किग्रा का वजन उठाने के बाद भी सिल्वर मेडल ले पाए। बता दें कि गुरुराजा कर्नाटक के रहने वाले हैं। उनके पिता ट्रक चलाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के बाद भी उनके परिवार ने उन्हें वो हर चीज दिलाई, जो उनके इस गेम को बेहतर बनाने के लिए जरूरी थी। गुरुराजा रेसलर सुशील कुमार से प्रभावित थे। उन्हें देखकर वे कुश्ती सीखना चाहते थे। लेकिन कोच के कहने पर वेटलिफ्टिंग में करियर बनाया। 

 

 

गुरुराजा पुजारी ने कुल 249 किग्रा का वजन उठाया

25 साल के गुरुराजा पुजारी ने  56 किलोग्राम (मैन्स) कैटेगरी में कुल 249 किग्रा (स्नैच में 111 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 138 किग्रा) वजन उठाया। 

- गुरुराजा ने स्नैच की पहली कोशिश में 107 किग्रा भार उठाया। फिर उन्होंने 111 किग्रा भार उठाने की कोशिश की, लेकिन फाउल कर गए। तीसरी कोशिश में उन्होंने 111 किग्रा भार उठाया।

- इसी तरह, क्लीन एंड जर्क की पहली कोशिश में 138 किग्रा भार ऑप्ट किया, लेकिन फाउल कर गए। दूसरी कोशिश में भी 138 किग्रा भार ऑप्ट किया, लेकिन इस बार भी वह फाउल कर गए। हालांकि, तीसरी और आखिरी कोशिश में उन्होंने 138 किग्रा का वजन उठाकर सिल्वर पक्का कर लिया। इस कैटेगरी में 12 देशों ने हिस्सा लिया था।

 

अब मैं ओलिंपिक की तैयारी करूंगा : गुरुराजा
- कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने के साथ ही गुरुराजा ने अगला लक्ष्य तय कर लिया। अब वे 2020 टोक्यो ओलिंपिक की तैयारी में जुटेंगे। जीत के बाद उन्होंने कहा, 'अब मैं ओलिंपिक की तैयारी करूंगा। नेशनल फेडरेशन और हर उस शख्स से जो मेरी जिंदगी का हिस्सा रहा, उससे मुझे बहुत सहयोग मिला है। सभी कोच मेरे प्रदर्शन में निखार लाए हैं।'

- गुरुराजा ने बताया, 'क्लीन एंड जर्क में जब मेरे दो प्रयास खाली चले गए, तो मेरे कोच ने याद दिलाया कि मेरी जिंदगी इस पदक पर कितनी निर्भर है। मैंने अपने परिवार और देश को याद किया। 2010 में जब मैंने खेलना शुरू किया, ट्रेनिंग के पहले महीने मैं बहुत हताश था, क्योंकि मुझे यही नहीं पता था कि बार को उठाया कैसे जाता है। यह मुझे बहुत कठिन लगता था।'

 

कोच ने कहा- वेटलिफ्टिंग ही करो

- गुरुराजा ने कहा, 'मैंने 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में पहलवान सुशील कुमार को देखा था। उस समय मैंने भी रेसलिंग में अपना कॅरियर शुरू करने की सोची। लेकिन जब मैं अपने कोच राजेंद्र प्रसाद से मिला तो उन्होंने मुझसे वेटलिफ्टिंग करने को कहा।' क्या अब भी उन्हें रेसलिंग में रुचि है के सवाल पर उन्होंने हंसते हुए कहा, 'मैं अब भी रेसलिंग इंज्वाय करता हूं। मुझे खेल से बहुत ज्यादा प्यार है।'

 

ट्रक ड्राइवर के बेटे हैं गुरुराजा
- गुरुराजा मूल रूप से कोस्टल कर्नाटक में कुंडूपारा के रहने वाले हैं। उनके पिता पिक-अप ट्रक ड्राइवर हैं। उन्होंने 2010 में वेटलिफ्टिंग करियर शुरू किया था।  शुरू में उनके सामने कई परेशानियां आईं। डाइट और सप्लीमेंट्स के लिए पैसे की जरूरत होती थी, जो उनके पास नहीं थे, लेकिन उनके पिता ने उन्हें हिम्मत नहीं हारने दी। उनके परिवार में आठ लोग हैं। गुरुराजा बताते हैं कि हालांकि बाद में धीरे-धीरे चीजें बेहतर होती गईं।

- गुरुराजा एयरफोर्स में काम करते हैं। 

 

कॉमनवेल्थ सीनियर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में जीता था गोल्ड
- गुरुराजा पुजारी ने 2016 साउथ एशियन गेम्स में 56 किग्रा कैटेगरी में गोल्ड जीता था। तब उन्होंने कुल 241 किग्रा वजन उठाया था। 

- उन्होंने इसी साल पेनांग में कॉमनवेल्थ सीनियर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में भी गोल्ड जीता। उन्होंने 249 किग्रा (स्नैच में 108 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 141 किग्रा ) वजन उठाया था।

 

मलेशिया के इजहार ने बनाए 2 रिकॉर्ड
- मोहम्मद इजहार ने गुरुवार को कॉमनवेल्थ गेम्स में दो रिकॉर्ड बनाए। पहला उन्होंने टोटल वेट में रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 261 किग्रा (स्नैच में 117 किग्रा. और क्लीन एंड जर्क में 144 किग्रा.) का वजन उठाया। 
इससे पहले यह रिकॉर्ड उनके ही देश के हमीजन अमीरुल इब्राहिम के नाम था। हमीजन ने 30 जुलाई, 2002 को मैनचेस्टर (इंग्लैंड) कॉमनवेल्थ गेम्स में 260 किग्रा का वजन उठाया था। 
- इसके अलावा इजहार ने स्नैच में भी कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने स्नैच की पहली कोशिश में 114 किग्रा का और दूसरी कोशिश में 117 किग्रा वजन उठाया। तीसरी कोशिश में उन्होंने 119 किग्रा का वजन ऑप्ट किया, लेकिन फाउल कर गए। इससे पहले स्नैच में हमीजन अमीरुल इब्राहिम ने 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में 116 किग्रा वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाया था। 

 

पदक तालिका : टॉप 5 देश

देश  गोल्ड सिल्वर ब्रॉन्ज कुल
भारत 1 1 0 2
बरमूडा 1 0 0 1
मलेशिया 1 0 0 1
इंग्लैंड  0 1 0 1
कनाडा 0 0 1 1

 

कामनवेल्थ गेम 2018: गुरुराजा ने भारत को दिलाया पहला पदक, वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर, Commomwealth Game 2018, Gold Coast, CWG 2018, Gururaja, Silver
कामयाबी: गुरुराजा (सिल्वर), मोहम्मद एएच इजहार अहमद (गोल्ड) और चतुरंगा लकमल (कांस्य)। (बाएं से दाएं)
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