क्रिकेटर एबी डिविलियर्स का कोई बैट खास नहीं है, ऑटोबायोग्राफी में किया खुद से जुड़ी कई बातों का खंडन

हाल ही में एबी डिविलियर्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया है। पढ़िए इनके बारे में कुछ रोचक बातें-

Bhaskar News| Last Modified - May 27, 2018, 06:00 AM IST

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AB De Villiers interesting facts on retirement from international cricket
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान डिविलियर्स की गिनती मौजूदा समय के महान बल्लेबाजों में होती है

स्पोर्ट्स डेस्क.  दक्षिण अफ्रीका के स्टार क्रिकेटर एबी डिविलियर्स ऐसे चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं, जो भारत में भी खेल रहे होते हैं तो भी भारतीय दर्शक उनको चीयर करते हैं। क्रिकेट के अलावा हॉकी, फुटबॉल जैसे खेलों में भी डिविलियर्स चैंपियन है, ऐसा   अक्सर मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जाता है। हालांकि, डिविलियर्स ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'एबी' में खुद इन बातों का खंडन किया है और इसकी सच्चाई भी बताई है। ने बुधवार को ट्वीट कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का अचानक एेलान किया।  पढ़िए इनके बारे में कुछ रोचक बातें।

 

 

1. ज्यादा प्रैक्टिस में विश्वास नहीं
एबी डीविलियर्स ने हमेशा अपना नेचुरल गेम खेला। क्रिकइन्फो को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि मैं हमेशा अच्छा महसूस करने की कोशिश करता हूं। किसी भी शॉट की ज्यादा प्रैक्टिस नहीं करता हूं। नेट्स के दौरान भी मैं अधिकांश बार 10-15 मिनट की प्रैक्टिस करता हूं। बहुत ज्यादा होता है तो मेरी प्रैक्टिस 20 मिनट की होती है।

 

2. बल्ले की कोई खास लकड़ी नहीं, न वजन तय
हर दिशा में शॉट मारने के लिए 360 डिग्री नाम से मशहूर डीविलियर्स बैट को लेकर भी कोई खास ध्यान नहीं रखते हैं। डिविलियर्स कहते हैं कि हर खिलाड़ी का बैट उसकी पसंद का होता है, लेकिन मुझे कभी भी बैट कितने ग्राम का है या कौन-सी लकड़ी का है इसकी चिंता नहीं रहती है। डिविलियर्स के कोच रहे डियॉन बोट्स कहते हैं कि उसने कभी भी बैट के वजन या आकार की बात नहीं की।  

 

3. जिसके लिए प्रसिद्ध है वो शॉट पहले नहीं खेला
डिविलियर्स प्रीटोरिया के एफ्रीकान्स होएर स्यूनस्कूल में थे। उस समय उनके शुरुआती करीब 4 साल तक कोच रहे डियॉन बोट्स ने बताया था कि आज जिस 360 डिग्री डीविलियर्स को प्रशंसक जानते हैं उस समय वो ऐसे शॉट्स नहीं खेल पाते थे। ये उन्होंने अपने कॅरिअर के काफी बाद में आकर सीखा है। वे कहते हैं कि उस समय कोई भी प्रैक्टिस के समय लैप स्वीप और रिवर्स स्वीप जैसे शॉट नहीं ट्राई करता था।

 

डिविलियर्स ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में किया इन मीडिया के दावों का खंडन

1) दक्षिण अफ्रीका की नेशनल हॉकी टीम में चुने गए
सच्चाई- सच ये है कि डिविलियर्स ने केवल एक साल हाई स्कूल में हॉकी खेली है। वे स्कूल की अंडर-16ए टीम में थे। लेकिन कभी भी नेशनल टीम के लिए नहीं चुने गए। इस लेवल के करीब भी नहीं पहुंचे।

 

2) जूनियर कैटेगरी में 100 मीटर दौड़ का रेकॉर्ड है

सच्चाई- डिविलियर्स ने स्कूल स्तर पर भी कभी दौड़ में भाग नहीं लिया। किताब में डिविलियर्स ने कहा है कि ऐसे भी लेख पढ़ने में आते हैं जिसमें उसैन बोल्ट कहते हैं कि वे डिविलियर्स से हार सकते हैं।

 

3) वे नेशनल जूनियर डेविस कप टेनिस टीम में थे
सच्चाई- डिविलियर्स कहते हैं कि जहां तक मैं जानता हूं नेशनल जूनियर डेविस कप टेनिस टीम नाम की कोई टीम थी ही नहीं। हां मैं शुरुआती दौर में टेनिस खेलता था। अपनी एक ग्रुप में नंबर वन भी रहा हूं।

 

4) द. अफ्रीका की नेशनल फुटबॉल टीम में चुने गए
सच्चाई- उन्होंने कभी भी ऑर्गेनाइज़्ड फुटबॉल नहीं खेला। वॉर्मअप या स्कूल ब्रेक के दौरान गेंद को पैर से मारने के अलावा किसी भी स्तर पर कभी फुटबॉल नहीं खेला।

 

5) दक्षिण अफ्रीका जूनियर रग्बी टीम के कप्तान थे

सच्चाई- इन्होंने केवल प्राइमरी स्कूल और हाई स्कूल में रग्बी खेला है। दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व किसी भी स्तर पर नहीं किया है। अच्छी रग्बी खेलते हैं।

 

6) उनके नाम 6 नेशनल स्कूल स्वीमिंग रेकॉर्ड हैं
सच्चाई- डिविलियर्स ने वार्मबाथ्स प्राइमरी स्कूल में अंडर-9 ब्रेस्टस्ट्रोक रेकॉर्ड बनाया था। लेकिन एक भी नेशनल रेकॉर्ड कभी भी इनके नाम नहीं रहा।

 

7) डिविलियर्स अंडर -19 बैडमिंटन चैंपियन रहे हैं
सच्चाई- कभी स्कूल में बैडमिंटन नहीं खेला है। कहते हैं कि मैंने जीवन में एक बार ही बैडमिंटन खेला है, वो भी साथी क्रिकेटर मार्क बाउचर के साथ फ्रेंडली मैच।

 

8) इन्हें नेल्सन मंडेला से साइंस प्रोजेक्ट के लिए नेशनल मेडल मिला था
सच्चाई- डिविलियर्स ने कभी ऐसा कोई बड़ा साइंस प्रोजेक्ट नहीं किया है, जिसके लिए उन्हें मेडल मिला हो। वे खुद इसे नकारते हैं।

 

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वनडे में सबसे कम मैच में 9,000 रन बनाने में वे विराट कोहली के बाद दूसरे नंबर पर हैं। डिविलियर्स ने 214, जबकि कोहली ने 202 मैच में अपने-अपने 9,000 रन पूरे किए थे।
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