अभिनव बिंद्रा ने टॉप्स में चयन पर सवाल उठाए, लेकिन एथलीट्स की जवाबदेही भी तय होने की जरूरत बताई

ओलिंपिक में गोल्ड जीतने के 10 साल होने पर शूटर ने वीडियो जारी कर युवा एथलीट्स में जोश भरने की कोशिश की

DainikBhaskar.com| Last Modified - Aug 11, 2018, 07:38 PM IST

Abhinav Bindra questions TOPS selection but demands accountability from athletes
अभिनव बिंद्रा ने टॉप्स में चयन पर सवाल उठाए, लेकिन एथलीट्स की जवाबदेही भी तय होने की जरूरत बताई

  • बिंद्रा एथलीट्स कमीशन ऑफ इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी के सदस्य बनाए गए
  • शटलर साइना नेहवाल के बाद वे इस समिति में शामिल होने वाले दूसरे भारतीय

 

 


नई दिल्ली. अभिनव बिंद्रा ने खेल मंत्रालय के टारगेट ओलिंपिक पोडियम स्कीम (ओलिंपिक लक्ष्य पोडियम योजना) यानी टॉप्स में अनुभवी एथलीट्स को बार-बार जोड़ने और हटाने पर सवाल उठाए हैं। साथ ही बीजिंग ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले इस शूटर ने लगातार प्रदर्शन के साथ एथलीट्स से जवाबदेही की भी मांग की। बिंद्रा ने आज से ठीक 10 साल पहले बीजिंग ओलिंपिक में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने इस उपलब्धि की 10वीं सालगिरह मनाते हुए ट्विटर पर एक वीडियो जारी किया। इसके जरिए उन्होंने युवा एथलीट्स में जोश भरने की कोशिश की। वीडियो में उन्होंने भारतीय एथलीट्स से इंडोनेशिया में 18 अगस्त से होने वाले एशियाई खेलों में ज्यादा से ज्यादा गोल्ड मेडल जीतने का आह्वान किया है।

 

वीडियो में उन्होंने कहा, "मुझे आपने वह बनाया जो मैं हूं। अब आप एक अरब दूसरे भारतीयों को प्रेरित कीजिए। मैं ओलिंपिक में भारतीय खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई करता हूं कि वे गोल्ड मेडल जीते। हैप्पी बर्थडे गोल्ड। दस साल हो गए। टोक्टो 2020 में अभी दो साल हैं। "

 

प्रशासकों के साथ-साथ एथलीट्स भी हों जवाबदेहः इससे पहले एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में बिंद्रा ने कहा, "जवाबदेही सिर्फ प्रशासकों के लिए ही नहीं बल्कि एथलीट्स के लिए भी जरूरी है। आखिरकार आपका प्रदर्शन महत्वपूर्ण है। एथीलट्स को अपने प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार बनना होना चाहिए। खेल में प्रदर्शन एक प्रक्रिया है, जो कठिन है।" उन्होंने कहा, "चूंकि अब मैं समिति का हिस्सा नहीं हूं, मुझे नहीं पता कि कौन रखा गया, कौन निकाला गया। मैं यह जानने की कोशिश नहीं कर रहा कि क्या हो रहा है, लेकिन जो कुछ हो रहा है, उसकी जगह कुछ प्रोटोकॉल और प्रक्रियाएं होनी चाहिए। जाहिर है आप इतनी जल्दी-जल्दी किसी को चुन और शामिल नहीं कर सकते, लेकिन एक समय के बाद इसकी जांच हो।" 

देश के फिर से गोल्ड जीतने का इंतजारः अपनी भूमिका के सवाल पर 35 साल के इस खिलाड़ी ने कहा, यह सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) के साथ मिलकर हम सभी के कठिन प्रयासों को नतीजा है। अभिनव बिंद्रा के बाद से किसी भी भारतीय ने ओलिंपिक में गोल्ड मेडल नहीं जीता है। इसके पीछे क्या कारण रहे, के सवाल पर बिंद्रा ने कहा, "जब भी देश के लिए कोई गोल्ड मेडल जीतेगा मेरे लिए खुशी का वह सबसे बड़ा पल होगा।"

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