सैम कुरेन के दादा, पिता और भाई क्रिकेटर; जिम्बाब्वे में पुरखों की जमीन छिनी तो इंग्लैंड जा बसे

इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम कुरेन भारत के खिलाफ पहले टेस्ट में प्लेयर ऑफ द मैच रहे

DainikBhaskar.com| Last Modified - Aug 05, 2018, 09:39 AM IST

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england cricket sam curran life story
सैम करेन इंग्लैंड के दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी हैं, जिन्होंने आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक जमाया।
  • 20 साल 63 दिन के सैम कुरेन मैन ऑफ द मैच बनने वाले इंग्लैंड के सबसे युवा टेस्ट क्रिकेटर
  • कुरेन इंग्लैंड के पहले खिलाड़ी, जिन्होंने 21 साल से पहले टेस्ट में फिफ्टी लगाई और 4 विकेट झटके

 

 

 

 

 

नई दिल्ली. वे ना तो जेम्स एंडरसन हैं और ना ही स्टुअर्ट ब्रॉड, जिन्होंने पहली पारी में भारत के टॉप ऑर्डर को पवेलियन लौटाया। वे तो सैम कुरेन हैं, जिन्होंने 8 गेंदों में भारत के 3 खिलाड़ियों को चलता कर दिया था और वह भी अपने दूसरे ही टेस्ट में। 20 साल के सैम कुरेन जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर केविन कुरेन के बेटे हैं। वे इंग्लैंड के तेज गेंदबाज टॉम कुरेन के छोटे भाई हैं। उनके एक भाई बेन कुरेन भी इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेटर हैं। उनके दादा भी जिम्बाब्वे से क्रिकेट खेलते थे। सैम कुरेन ने इसी साल जून में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू किया था। 

 

नॉर्थम्प्टन में 3 जून 1998 को सैम कुरेन का जन्म हुआ। उनके पिता नॉर्थम्प्टनशायर काउंटी से क्रिकेट खेला करते थे। जब सैम कुरेन का जन्म हुआ, तब इंग्लैंड की ओर से टेस्ट में सबसे ज्यादा 544 विकेट लेने वाले गेंदबाज एंडरसन क्रिकेट (लंकाशायर लीग) खेलना शुरू कर चुके थे। सैम कुरेन अब अपने बचपन के हीरो एंडरसन के साथ ही टीम में शामिल हैं। बहरहाल, सैम कुरेन को क्रिकेट पिता केविन से विरासत में मिला। वे परिवार के साथ हरारे से बाहर फॉर्म हाउस में रहते थे। उन्होंने सबसे छोटे बेटे सैम को 4 साल की उम्र से ही ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया था। उस दौरान जिम्बाब्वे में भूमि सुधार आंदोलन चल रहा था। इस आंदोलन के तहत केविन से उनकी जमीन खाली करने के लिए कहा गया। इस समय सैम की उम्र सिर्फ 7 साल थी। इस समय केविन की मदद ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज ज्यॉफ मार्श ने की। मार्श उस दौरान जिम्बाब्वे की क्रिकेट टीम के कोच थे। केविन जिम्बाब्वे बोर्ड से जुड़ गए। कुरेन भाइयों (टॉम, बेन, सैम) और मार्श भाइयों (शॉन और मिचेल) का बचपन एक साथ बीता। 


सैम ने जिम्बाब्वे की ओर से अंडर-13 क्रिकेट भी खेला: 12 साल की उम्र में सैम के पिता की जॉगिंग करते समय हार्ट अटैक से मौत हो गई। क्रिकेट से जुड़े कई लोगों ने उनकी मदद की। इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी एलन लैंब ने सैम की मां सारा से परिवार सहित इंग्लैंड में बसने को कहा। इसके बाद परिवार इंग्लैंड आ गया। सैम अपने भाइयों के साथ लंदन के पास वेलिंगटन कॉलेज में पढ़ते। यहां उन्हें स्कॉलरशिप भी मिलती थी। 17 साल की उम्र में सैम सरे टीम से खेलने लगे। इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर एलेक स्टीवर्ट ने सैम की तारीफ करते हुए कहा था कि सैम 17 साल की उम्र का सबसे टैलेंटेड खिलाड़ी है। वह एक न एक दिन जरूर इंग्लैंड की नेशनल टीम में जगह बनाएगा। सैम करिअर की शुरुआत में लैपटॉप पर दूसरे देशों और खिलाड़ियों के मैच के वीडियो देखकर उससे सीखा करते थे। सैम न सिर्फ क्रिकेट बल्कि कई अन्य बॉल गेम्स भी खेलना जानते हैं। वे दोनों हाथ से टेनिस खेल सकते हैं। वे अपने भाइयों के साथ गोल्फ की प्रतिस्पर्धा में भी हिस्सा लेते हैं।  

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सैम करेन के पिता केविन जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर खिलाड़ी थे।
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नॉर्थम्प्टन में तीन जून 1998 को सैम करने का जन्म हुआ था।
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