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इंग्लैंड दौरे में विराट बल्लेबाज के तौर पर तो सफल, लेकिन कप्तानी में बहुत पीछे रहे

इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट की सीरीज के लिए भारतीय कप्तान और इंग्लैंड के सैम कुरेन प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 04:47 PM IST

  • भारतीय टीम ने 5 मैचों की सीरीज में सिर्फ एक मैच जीता
  • इंग्लैंड के खिलाफ 4 टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा


नई दिल्ली. इंग्लैंड के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में विराट कोहली बल्लेबाज के तौर पर तो सफल रहे, लेकिन कप्तानी के लिहाज असफल रहे। कोहली ने पांच टेस्ट की सीरीज में 593 रन बनाए। उन्होंने दो शतक और दो अर्धशतक जमाए। इसके बावजूद टीम इंडिया यह सीरीज 1-4 से हार गई। हालांकि, भारत दो टेस्ट महज 31 और 69 रन से हारा। लार्ड्स टेस्ट भारत पारी और 159 रन से हारा था।

2014 के प्रदर्शन को पीछे छोड़ा ः यह सीरीज इस बात का गवाह बनी कि बल्लेबाज कोहली न सिर्फ भारत बल्कि विश्व क्रिकेट में अपने साथियों से कहीं आगे हैं। 2014 में इंग्लैंड दौरे में विराट कोहली महज 134 रन ही बना पाए थे। हालांकि, कप्तान के तौर पर वे यह समझने में असफल रहे कि उनके साथी इंग्लैंड की परिस्थितियों में खेलने के लिए तैयार नहीं थे। टीम ने एसेक्स के खिलाफ अभ्यास मैच के समय में भी कटौती की।

अभ्यास मैच नहीं खेलना भी हार का एक कारण ः कमेंट्री के दौरान सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया के इस कदम की आलोचना की। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान गावस्कर ने भारत की हार के लिए प्रैक्टिस मैच नहीं खेलने को भी जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, गावस्कर की बात से कोहली इत्तेफाक नहीं रखते। उनका कहना था कि अभ्यास मैचों की तभी सार्थकता है, जब हमें अच्छा विपक्ष के सामने और टेस्ट क्वालिटी की पिचें पर खेलने को मिले। गावस्कर ने कहा, "कोहली को समझना चाहिए कि यदि वे एक महीने यहां नहीं खेलेंगे, तो रन बना लेंगे, लेकिन उनके साथियों को अभ्यास की जरूरत है। अभ्यास मैचों में आपको बेहतरीन आक्रमण नहीं मिलेगा।"

टीम चयन के तरीके पर भी सवाल उठे ः गावस्कर की नजर में कठिन टीम चयन ने भी भारत के लिए परेशानी पैदा की। काउंटी में खराब फॉर्म के चलते चेतेश्वर पुजारा को पहले टेस्ट में नहीं चुना गया, जबकि ट्रेंट ब्रिज में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की। पुजारा ने इस सीरीज में 278 रन बनाए। वहीं, आखिरी टेस्ट में 149 रन बनाने वाले टीम इंडिया के ओपनर केएल राहुल ने 299 रन बनाए। कोहली की हार्दिक पंड्या पर अत्यधिक निर्भरता भी सवालों के घेरे में है। पंड्या ने 4 टेस्ट में 164 रन बनाए और कुल 10 विकेट लिए। इसमें ट्रेंट ब्रिज में लिए गए उनके पांच विकेट भी शामिल हैं। इसके अलावा बाकी तीन टेस्ट में असफल ही रहे। भारत ने ट्रेंट ब्रिज टेस्ट 203 रन से जीता था।

सैम कुरेन x फैक्टर बने ः भारत की हार में इंग्लैंड के सैम कुरेन भी बड़ा कारण साबित हुए। एजबस्टन में हुए पहले और साउथैम्पटन के चौथे टेस्ट में कुरेन ने ऑलराउंड प्रदर्शन किया। इन दो मैचों में कुरेन ने 211 रन और 7 विकेट लिए।