फीफा: क्लब फुटबॉल के 736 खिलाड़ी; इन्हें 32 नेशनल टीम बनाने के लिए मिलते हैं 3 हफ्ते, यानी सिर्फ 504 घंटे

फिजिकल हेल्थ के लिए टीम के सभी खिलाड़ियों की गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जाती है।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Jun 08, 2018, 10:47 AM IST

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FIFA world cup football players preparation and challenges
ब्राजील टीम में 13 अलग-अलग क्लबों के खिलाड़ी हैं। - फाइल

 

  • वर्ल्ड कप से पहले सभी देशों के खिलाड़ी साल के 9 महीने अलग-अलग क्लबों के लिए खेलते रहते हैं
  • नेशनल टीम में खिलाड़ियों के लिए कस्टमाइज प्लान होता है, फिजिकल और मेंटल एक्सपर्ट भी रखे जाते हैं

 

स्पोर्ट्स डेस्क.  फीफा वर्ल्ड कप में शामिल 32 देशों के कुल 736 खिलाड़ियों में से ज्यादातर सालभर दुनिया के अलग-अलग क्लबों के लिए फुटबॉल खेलते हैं। इन खिलाड़ियों को अपने-अपने देश की टीम में शामिल होने के लिए औसतन तीन हफ्ते का वक्त वक्त मिलता है। दरअसल क्लब फुटबॉल का आखिरी टूर्नामेंट चैंपियंस लीग होता है। इसी बार देखें तो चैंपियंस लीग का फाइनल 26 मई को हुआ और वर्ल्ड कप का पहला मैच 14 जून को है। चैंपियंस लीग फाइनल खेलने वाले कई खिलाड़ी वर्ल्ड कप में होंगे। यानी उन्हें अपने नेशनल टीम में ढलने के लिए सिर्फ 19 दिन का समय मिला। सबसे ज्यादा इंग्लैंड के 23 खिलाड़ी अपने देश में क्लब फुटबॉल खेलते हैं। जबकि, स्वीडन जैसे देश के सभी खिलाड़ी विदेश में क्लब फुटबॉल खेलते हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उनके मेंटल और फिजकल ट्रेनिंग के लिए दिन का नहीं, घंटे और मिनटों तक का हिसाब रखता है। ताकि सभी खिलाड़ी 100% फिट होकर मैदान में उतरें। 

 

मेंटल हेल्थ के लिए- मीटिंग कम और नींद पूरी होने देते हैं
स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट ली मूरे के मुताबिक मानसिक थकान से खिलाड़ियों की रनिंग, पासिंग, टैकलिंग, शूटिंग, डिसीजन मेकिंग और टैक्टिकल परफॉर्मेंस प्रभावित होता है। इसलिए क्लब सीजन के बाद खिलाड़ियों की फिजिकल रिकवरी के साथ-साथ मेंटल रिकवरी पर भी जोर दिया जाता है।
- खिलाड़ियों की पूरी नींद सुनिश्चित की जाती है। मनोरंजन के साधन भी मुहैया कराए जाते हैं।
- बहुत ज्यादा टैक्टिकल मीटिंग, मीडिया इंटरव्यू और वीडियो गेम भी मानसिक थकान की वजह है।
- खिलाड़ियों को मेंटली चैलेंजिंग टास्क से बचाया जाता है। मैच से पहले या हाफ टाइम में कॉफी दी जाती है। कैफीन मेंटल रिलैक्सेशन के लिए अच्छा है।

 

खिलाड़ियों को नेशनल टीम में बदलने का काम बैकरूम टीम का, जिसमें 15 सदस्य तक होते हैं...

नेशनल टीम के लिए खिलाड़ियों के जमा होके बाद सबको फिजिकली और मेंटली तैयार करने की मुख्य जिम्मेदारी बैकरूम टीम की होती है। सभी 32 देशों की बैकरूम टीम में 9-15 सदस्य तक होते हैं।

 

कौन-कौन होते हैं बैकरूम टीम में

- सॉफ्ट टिश्यू थेरेपिस्ट
- फिजिकल परफॉर्मेंस कोच
- परफॉर्मेंस कोच
- टीम डॉक्टर
- लीड फिजियोथेरेपिस्ट
- साइकोलॉजिस्ट 

- इनके अलावा हर टीम में 5 से 10 लोग अन्य कामों के लिए होते हैं। औसतन हर खिलाड़ी के लिए एक सपोर्ट स्टाफ रखा जाता है।

 

फिजिकल हेल्थ के लिए- जीपीएस से खिलाड़ियों के मूवमेंट की ट्रैकिंग

सेंट मैरी यूनिवर्सिटी, लंदन के प्रोफेसर ऑफ अप्लाइड स्पोर्ट्स साइंस जॉन ब्रीवर वर्ल्ड कप से पहले खिलाड़ियों की तैयारी का खाका बताते हैं। वे 1990 के दशक में इंग्लैंड की टीम के लिए काम कर चुके हैं। ब्रीवर के मुताबिक...  

- टीम के सभी खिलाड़ियों की गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जाती है। दिन में उठने के बाद से रात में सोने तक कौन खिलाड़ी कब क्या करेगा सब पहले से तय किया जाता है।
- नेशनल टीम में शामिल होने पर खिलाड़ियों को एक प्रश्नावली थमाई जाती है। इसमें डाइट, सोने-जगने के पैटर्न, किसी भी तरह की दर्द आदि से जुड़े सवाल होते हैं। 
- हर खिलाड़ी के कस्टमाइज्स प्रीपरेशन प्लान तैयार किया जाता है। वर्ल्ड कप शुरू होने से कुछ दिन पहले यह पता लगाया जाता है कि कौन सा खिलाड़ी चुनौती के लिए कितना तैयार है।
- क्लब से आए सभी खिलाड़ियों की गतिविधियों का जीपीएस के जरिए ट्रैकिंग की जाती है। प्रैक्टिस से लेकर मैच में वे कितना दौड़े, कितना चले, सबका हिसाब रखा जाता है। 
- जो खिलाड़ी क्लब सीजन में कम मैच खेल कर आए होते हैं, उनके लिए ट्रेनिंग प्लान कड़ा होता है। ज्यादा खेल चुके खिलाड़ियों की थकान को दूर कर उन्हें रीफ्रेश करने पर जोर होता है।
- जो खिलाड़ी क्लब सीजन में ओवर यूज हो चुके होते हैं उनके लिए हॉट एंड कोल्ड वाटर बाथ (स्नान) का शेड्यूल तैयार किया जाता है। इससे मसल रिकवरी तेज होती है।
- खिलाड़ियों को हमेशा आराम करने की ही सलाह नहीं दी जाती है। कम इंटेंसिटी के फन एक्सरसाइज कराए जाते हैं। इनमें फॉरेस्ट साइक्लिंग राइड, माउंटेन हाइकिंग कराते हैं। पहले मैच से एक-दो सप्ताह पहले सामान्य ट्रेनिंग होती है।

 

जिदान फुल प्रूफ प्लान के बाद भी चोटिल हो गए थे
2002 में फ्रांस के जिदान की जांघ की मांसपेशी वर्ल्ड कप शुरू होने से 5 दिन पहले वार्मअप मैच में फट गई। फ्रांस पहले राउंड में बाहर हो गया था। 

 

इस तैयारी की वजह :1966 से फिजिकली ज्यादा डिमांडिग हो गया वर्ल्ड कप, खेल की स्पीड 15% बढ़ गई

- जर्नल ऑफ साइंस एंड मेडिसिन एंड स्पोर्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक फुटबॉल में फिजिकल फिटनेस की डिमांड 1966 में हुए आठवें वर्ल्ड कप से बहुत ज्यादा बढ़ती  गई है। इसमें लगातार इजाफा होता जा रहा है।

- 1966 से 2010 तक खेल की स्पीड 15% बढ़ चुकी है। जबकि, बॉल पास करने की दर 35% तक बढ़ गई है।

 

5 वर्ल्ड कप में तैयारी के लिए औसतन 19.4 दिन ही मिले है

साल  तैयारी के दिन
2002  16 दिन
2006  23 दिन
2010  20 दिन
2014  19 दिन 
2018  19 दिन

 

किसके कितने खिलाड़ी अपने देश में क्लब फुटबॉल खेलते हैं?

देश कितने खिलाड़ी देश कितने खिलाड़ी
ट्यूनिशा, पेरू 5 पोलैंड 4
इंग्लैंड 23 इरान, फ्रांस 9
रूस 21 मिस्र 8
सउदी अरब 20 जापान 8
 स्पेन 19 मैक्सिको 8
जर्मनी 15 कोस्टारिका 6
द. कोरिया 12 पुर्तगाल 6

- अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कोलंबिया, डेनमार्क, पनामा, सर्बिया : 2
- स्विट्जरलैंड, नाइजीरिया, आइसलैंड, बेल्जियम : 1 सेनेगल, स्वीडन : 0

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