फीफा: 32 टीमों में से 20 के मैनेजर उसी देश के हैं, क्योंकि विदेशी टीम को चैंपियन नहीं बना सके

किसी भी खेल के मुकाबले फुटबॉल में मैनेजर खेल के हर हिस्से को सीधे नियंत्रित करता है।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Jun 07, 2018, 09:56 AM IST

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FIFA world cup maximum participating teams prefer native coach
चार बार की वर्ल्ड चैंपियन टीम जर्मनी के जोआकिम लोव इस बार सबसे महंगे कोच हैं। उन्हें सालाना 30 करोड़ रुपए सैलरी मिलती है।

 

  • फुटबॉल में मैनेजर यानी कोच को मास्टर ऑफ द गेम का रुतबा हासिल है
  • मौजूदा वर्ल्ड कप में पेरू, कोलंबिया, मिस्र और सऊदी अरब के मैनेजर अर्जेंंटीना के ही हैं

 

स्पोर्ट्स डेस्क.  फुटबॉल वर्ल्ड कप का थ्रिल एक हफ्ते में शुरू होने वाला है। सभी अपने फेवरेट खिलाड़ियों को देखने के लिए तैयार हैं, लेकिन बिहाइंड द सीन एक व्यक्ति है, जो सभी खिलाड़ियों को एक-साथ लाकर टीम बनाता है। वह है मैनेजर या कोच। मैनेजर ही मास्टर आॅफ द गेम होता है। वही डगआउट में बैठकर प्लानिंग-स्ट्रेटजी बनाता है, जिसे खिलाड़ी मैदान पर उतारकर टीम को चैंपियन बनाते हैं। टीम में कितने भी टैलेंटेड खिलाड़ी हों, लेकिन हर सफल टीम को एक अच्छे मैनेजर की जरूरत होती है। अभी तक एक भी विदेशी मैनेजर की टीम वर्ल्ड चैंपियन नहीं बनी है। इसलिए फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाली अधिकतर टीमों के कोच देसी होते हैं। इस बार भी 32 में से 20 टीमों के कोच देसी है। जबकि, सिर्फ 12 के विदेशी।  

 

 

 

टीम के कल्चर को नहीं समझ पाता विदेशी कोच: स्टडी

- एक रिपोर्ट के मुताबिक विदेशी कोच के वर्ल्ड कप जैसे बड़े इवेंट में नाकाम रहने की मुख्य वजह कल्चर है। वह नई वर्किंग स्टाइल, स्ट्रेटजी, फॉर्मेशन के साथ टीम से जुड़ता है। खिलाड़ी से तेजी से अपने प्लान के मुताबिक ढलने की उम्मीद करता है। पर दोनों देशों के कल्चर के अलग होने के कारण पूरी तरह तालमेल नहीं बैठ पाता है। यही अंतर टीम के प्रदर्शन पर भारी पड़ जाता है।

 

सबसे पॉपुलर फाॅर्मेशन 4-2-3-1 , इसी से जर्मनी चैंपियन बना

- वर्ल्ड कप में इस बार मुख्य रूप से 5 फॉर्मेशन दिखाई देंगे। ये फॉर्मेशन 4-3-3, 4-2-3-1, 4-5-1, 3-5-2, 4-4-2 हैं। सबसे पॉपुलर 4-2-3-1 फॉर्मेशन है। जर्मनी, पुर्तगाल, अर्जेंटीना, मिस्र इसी फॉर्मेशन से खेलते हैं। जर्मनी ने इसी काउंटर अटैक की स्ट्रेटजी से पिछला वर्ल्ड कप जीता था। इसमें 1 फाॅरवर्ड, 3 अटैकिंग मिडफील्डर, 2 डिफेंसिव मिडफील्डर, 1-1 लेफ्ट व साइड बैक और 2 सेंटर बैक होते हैं।

 

सबसे महंगे मैनेजर (टॉप-5) 

कोच (टीम) सैलरी (राशि रु. में)
जोआकिम लोव (जर्मनी) 30 करोड़
टीटे (ब्राजील) 27 करोड़
डिडियर डेसचेंप्स (फ्रांस) 27 करोड़
जूलेन लोपेतेगुई (स्पेन) 23 करोड़
स्टानिस्लाव चेरचेसोव (रूस) 20 करोड़

- सबसे कम सैलरी कोस्टा रिका के कोच ऑस्कर रेमिरेज को मिलती है। उन्हें 2.7 करोड़ रुपए सालाना मिलते हैं। 

 

जर्मनी के जोआकिम लोव सबसे महंगे कोच

- 5 मैनेजर दिखेंगे मौजूदा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के। जॉर्ज सम्पोली अपने ही देश के कोच हैं। पेरू, कोलंबिया, मिस्र और सऊदी अरब के मैनेजर भी अर्जेंंटीना के ही हैं।

- 29 साल का अंतर है उम्रदराज और सबसे युवा मैनेजर के बीच। उरुग्वे के ऑस्कर तबरेज 71 साल के हैं। सबसे उम्रदराज। सेनेगल के एलियू सीजे (42 साल) सबसे कम उम्र के हैं।

- 1 मैनेजर ही अब तक लगातार दो फीफा वर्ल्ड कप जीत सका है। उनका नाम विटोरिया पोज्जो है। इटली के इस कोच ने टीम को 1934 और 1938 में चैंपियन बनाया था। इटली इस बार क्वालिफाई नहीं कर सका है।

- चार बार की वर्ल्ड चैंपियन टीम जर्मनी के जोआकिम लोव इस बार सबसे महंगे कोच हैं। उन्हें सालाना 30 करोड़ रुपए सैलरी मिलती है। जबकि पिछले वर्ल्ड कप में इटली के कोच फाबियो कापेलो सबसे महंगे कोच थे। उनकी सालाना सैलरी 75 करोड़ रुपए थी।

 

इस बार इन 5 मैनेजर पर नजर... क्योंकि ये अपनी फ्लेक्सिबल और अटैकिंग स्ट्रेटजी से चौंकाते हैं

 

जोआकिम लोव: जर्मनी 

- जोआकिम लोव इस बार भी सबकी नजरों में रहेंगे। उन्होंने पिछले वर्ल्ड कप में जर्मनी को चैंपियन बनाया था। पिछले 12 साल से जर्मनी के कोच हैं। लोव खिलाड़ियों के लिए मैदान पर डिफेंसिव और ऑफेंसिव स्ट्रेटजी बनाते हैं। 

जूलेन लोपेतेगुई: स्पेन

- 51 साल के जूलेन को 2016 में स्पेन के मैनेजर बने। टीम को वर्ल्ड कप के लिए तैयार किया। वे विरोधी टीम के मुताबिक स्ट्रेटजी बदलने के लिए जाने जाते हैं। जूलेन रियल मैड्रिड और बार्सिलोना से खेल चुके हैं।

 

डिडियर डेसचेंप्स: फ्रांस 
- 1998 में वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली फ्रांस की टीम के सदस्य भी थे। उनकी कोचिंग में टीम पिछले वर्ल्ड कप में क्वार्टर फाइनल खेली। फिर यूरो कप-2016 में फाइनल तक पहुंची। वे अपनी फ्लेक्सिबल स्ट्रेटजी से चौंकाते हैं। 

 

लियोनार्डो बाच्ची: ब्राजील

- एडेनोर लियोनार्डो बाच्ची यानी टीटे 2016 से ब्राजील टीम के कोच हैं। 20 जून 2016 को उनके कोच बनने के बाद ब्राजील ने 20 मैचों में से सिर्फ एक मैच हारा। ब्राजील ने वर्ल्ड कप क्वालिफाइंग में लगातार सात मैच जीते।

 

जॉर्ज सम्पोली: अर्जेंटीना

- 58 साल के सम्पाेली को पिछले साल ही अर्जेंटीना का कोच बनाया गया है। उनके कोच बनने के बाद अर्जेंटीना ने 11 में से 6 मैच जीते, 2 हारे और 3 ड्रॉ खेले। वे अपनी अटैकिंग रणनीति के लिए जाने जाते हैं। 

 

ऑफ द फील्ड: मेसी को धमकी मिलने के बाद अर्जेंटीना और इजरायल का मैच रद्द

- ब्यूनस आयर्स में अर्जेंटीना ने लियोनल मेसी को धमकियां मिलने के बाद इजरायल से फ्रेंडली मैच रद्द कर दिया है। यह मैच शनिवार को इजरायल की राजधानी येरूशलम में खेला जाना था। इजरायल दूतावास ने मैच रद्द होने की पुष्टि की। वहीं, अर्जेंटीना के स्ट्राइकर गोंजालो हिगुएन ने कहा, "स्वास्थ्य और सुरक्षा पहले आते हैं। इसलिए इस मैच का न होना ही सही है।’ इससे पहले फिलिस्तीन फुटबाॅल महासंघ के अध्यक्ष जिबरिल राजौब ने मैच कराने के खिलाफ धमकी दी थी। उन्होंने कहा, "मेसी यहां मत आना, नस्लभेद का चेहरा मत बनो।’

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मेसी को धमकी मिलने के बाद अर्जेंटीना और इजरायल का मैच रद्द। मैच के विरोध में फिलिस्तीन में होर्डिंग लगे थे।
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