Ind vs Eng: स्टुअर्ट ब्रॉड ने कहा- टेस्ट सीरीज को विराट-एंडरसन मुकाबला बताना सही नहीं, दोनों टीमें मजबूत

ब्रॉड ने कहा- मैं इस विचार से सहमत नहीं हूं कि एक खास गेंदबाज किसी विश्व स्तरीय बल्लेबाज को ही निशाना बनाएगा।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Jul 30, 2018, 04:40 PM IST

IND vs ENG: Virat, Anderson and Broad battle
Ind vs Eng: स्टुअर्ट ब्रॉड ने कहा- टेस्ट सीरीज को विराट-एंडरसन मुकाबला बताना सही नहीं, दोनों टीमें मजबूत

बर्मिंघम. इंग्लैंड के ऑलराउंडर स्टुअर्ट ब्रॉड ने कहा है कि भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज को विराट कोहली बनाम जेम्स एंडरसन के बीच मुकाबला बताना सही नहीं होगा। एक इंटरव्यू में ब्रॉड ने कहा- मैं इस विचार से सहमत नहीं हूं कि एक खास गेंदबाज किसी विश्व स्तरीय बल्लेबाज को ही निशाना बनाएगा। बता दें कि सीरीज का पहला टेस्ट मैच बर्मिंघम में बुधवार 1 अगस्त से खेला जाएगा। इसके पहले माइंड गेम के तहत दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बयान आ रहे हैं। ब्रॉड ने कहा कि दोनों टीमें काफी मजबूत हैं। 

दबाव तो दोनों तरफ रहेगा
- इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की वेबसाइट पर ब्रॉड का इंटरव्यू जारी किया गया है। इसमें इंग्लैंड के इस बॉलिंग ऑलराउंडर ने टेस्ट सीरीज को विराट बनाम कोहली मुकाबला ठहराने से परहेज किया है। ब्रॉड ने कहा- आपको दबाव दोनों तरफ से महसूस होगा। इसी दबाव में गलती होती है। अगर वो (विराट) वो एक छोर से जेम्स एंडरसन पर नजर रखते हैं और मेरी गेंदबाजी पर रन बनाने की कोशिश करते हैं तो बतौर टीम आपको फायदा नहीं मिलेगा। एक बॉलिंग यूनिट के तौर पर हम उनके किसी भी बल्लेबाज को जल्दी रन नहीं बनाने देंगे। खासतौर पर विराट कोहली को, हमारे दबाव डालने का यही तरीका रहेगा।  

चोट के बाद वापसी कर रहे हैं ब्रॉड
- 32 साल के स्टुअर्ट ब्रॉड चोट के बाद इंग्लैंड की टेस्ट टीम में वापसी कर रहे हैं। ब्रॉड के मुताबिक, वो जानते हैं कि टेस्ट रैंकिंग में टीम इंडिया नंबर वन हैं। उन्होंने कहा- मैं 100 फीसदी फिट हूं और मैदान में जाकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं। दोनों टीमों के बीच छह हफ्तों में पांच टेस्ट मैच खेले जाएंगे। 
- बता दें कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने अपने तेज गेंदबाजों को फिट और तरोताजा रखने के लिए इस सीरीज में रोटेशन प्रणाली अपनाने का फैसला किया है। हालांकि, ये फैसला सीरीज में बनते हालात को देखकर भी किया जाएगा। रोटेशन प्रणाली के मुताबिक, ये संभव है कि ब्रॉड और एंडरसन को बीच के किसी एक टेस्ट में बारी-बारी से बाहर बिठाया जाए। उनकी जगह लियाम प्लंकेट या दूसरे किसी युवा तेज गेंदबाज को अंतिम 11 में जगह दी जा सकती है। ब्रॉड ने बोर्ड के फैसले का समर्थन करते हुआ कहा- इसमें दिल छोटा करने जैसी कोई बात नहीं है। क्योंकि, ये ना तो टीम से निकाला जाना है और ना किसी पर कोई व्यक्तिगत हमला है। 

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