बैडमिंटन: लक्ष्य ने भारत को 6 साल बाद एशियाई जूनियर चैम्पियनशिप में गोल्ड दिलाया, ऐसा करने वाले तीसरे भारतीय शटलर

एशियाई जूनियर चैम्पियनशिप में 53 साल बाद भारत के किसी पुरुष शटलर ने गोल्ड जीता

DainikBhaskar.com| Last Modified - Jul 22, 2018, 06:21 PM IST

Lakshya sen won Asia Junior Championship title
बैडमिंटन: लक्ष्य ने भारत को 6 साल बाद एशियाई जूनियर चैम्पियनशिप में गोल्ड दिलाया, ऐसा करने वाले तीसरे भारतीय शटलर
  • 2009 में प्रणव चोपड़ा और प्रजक्ता सावंत ने मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज जीता था
  • समीर वर्मा और पीवी सिंधु ने ही जूनियर चैम्पियनशिप में दो मेडल जीता है

नई दिल्ली.  भारतीय शटलर लक्ष्य सेन ने रविवार को बैडमिंटन एशिया जूनियर चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीत लिया। छठी वरीयता प्राप्त लक्ष्य ने पुरुष सिंगल्स के 46 मिनट तक चले फाइनल मुकाबले में थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसार्न को 21-19, 21-18 से हराया। लक्ष्य एशिया जूनियर चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाले तीसरे भारतीय हैं। उनसे पहले गौतम ठक्कर ने 1965 और पीवी सिंधु ने 2012 में इस चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था।  

 

एशियाई जूनियर चैम्पियनशिप में भारत के मेडल:

साल शटलर मेडल
1965 गौतम ठक्कर गोल्ड
2012 पीवी सिंधु गोल्ड
2018 लक्ष्य सेन गोल्ड
2011 समीर वर्मा सिल्वर
2009 प्रणव/प्रजक्ता (मिक्स्ड डबल्स) ब्रॉन्ज
2011 पीवी सिंधु ब्रॉन्ज
2012 समीर वर्मा ब्रॉन्ज

 

 

लक्ष्य ने अपने से ऊपर वरीयता वाले तीन खिलाड़ियों को हराया: इस टूर्नामेंट में लक्ष्य का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। उन्होंने अपने से ऊपर वरीयता वाले तीन खिलाड़ियों को हराया। सबसे पहले दूसरी वरीयता प्राप्त चीन के ली शिफेंग, उसके बाद सेमीफाइनल में चौथी वरीयता प्राप्त इंडोनेशिया के लोएनार्डो रम्बी और फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त थाइलैंड के कुनलावुत को मात दी। लक्ष्य ने फाइनल में पहला सेट 21-19 से जीता। उसके बाद दूसरे सेट में एक समय दोनों खिलाड़ी 14-14 से बराबरी पर थे, लेकिन लक्ष्य ने 21-18 से मैच जीतते हुए सोना अपने नाम कर लिया। दोनों ही खिलाड़ियों के बीच यह पहली भिड़ंत थी। फाइनल में पहुंचने से पहले कुनलावुत तीसरी वरियता प्राप्त चीन के यूपेंग बेई को 21-14, 21-12 से मात दिया था।

 

लक्ष्य ने टीम इवेंट के साथ सिंगल्स में भी खेला: गोल्ड जीतने के बाद लक्ष्य ने कहा, " टूर्नामेंट जीतने से मैं बहुत खुश हूं। यह मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। मैं टीम इवेंट और सिंगल्स में खेला, जिससे ये बड़ा टूर्नामेंट हो गया। मेरा ध्यान मैच के बाद खुद फिट रखने पर था। मैं खुश हूं कि अच्छा खेला और जीता।" भारत के राष्ट्रीय कोच (जूनियर) संजय मिश्रा ने कहा, "किसी भी बड़े टूर्नामेंट को जीतना बड़ी बात होती है और लक्ष्य ने दुनिया को बेहतरीन खिलाड़ियों को हराकर जीता है। हमें पता है कि एशिया बैडमिंटन का गढ़ है और एशिया टाइटल जीतने से उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा।"

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