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खेल रत्न पुरस्कार की दौड़ में नीरज चोपड़ा सबसे आगे, कहा- अब ओलिंपिक में स्वर्ण जीतने पर ध्यान

नीरज ने कहा- टोक्यो ओलंपिक से पहले 2020 में 90 मीटर के आंकड़े को पार करने की कोशिश करेंगे

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 02:36 PM IST

  • नीरज ने इस कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाड में गोल्ड जीता
  • उन्होंने 2017 एशियन चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण जीता था

नई दिल्ली. स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार जीतने की दौड़ में सबसे आगे हैं। उनके साथ इस रेस में विनेश फोगाट और वेटलिफ्टर मीराबई चानू भी शामिल हैं। नीरज इसी महीने खत्म हुए एशियाई खेलों में भारतीय दल के ध्वजवाहक थे। विनेश एशियाड गोल्ड जीतने वाली पहली भारती महिला पहलवान हैं।

नीरज ने कहा, "गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स और जकार्ता-पालेमबंग एशियाड में स्वर्ण पदक जीतने से मुझे बहुत तजुर्बा मिला। अब इसका फायदा टोक्यो 2020 ओलिंपिक में उठाना चाहूंगा। टोक्यो ओलंपिक से पहले 2020 में 90 मीटर के आंकड़े को पार करने की कोशिश करेंगे। अभी मेरे पास दो साल हैं। इस दौरान मैं अपनी तैयारियों पर ध्यान दूंगा।"

तकनीक में बदलाव करने की कोशिश: नीरज ने जकार्ता-पालेमबंग एशियाड में 88.06 मीटर की दूरी तय की थी। उन्होने कहा कि वे अपनी तकनीक में थोड़ा बदलाव करेंगे, जिससे वे 90 मीटर के लक्ष्य को हासिल कर सके। नीरज 2016 में 86. 48 मीटर के प्रयास के साथ भारत के पहले जूनियर विश्व चैंपियन एथलीट बने थे। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद एशियाड में स्वर्ण पदक जीता। हालांकि जर्मनी में हुए डायमंड लीग के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे।