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यूएस ओपन के फाइनल में नियमों को तोड़ने के लिए सेरेना पर लगा 12 लाख रुपए का जुर्माना

फाइनल में जापान की नाओमी ओसाका ने सेरेना विलियम्स को हराकर पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीता था

Danik Bhaskar

Sep 10, 2018, 11:54 AM IST

  • सेरेना ने कहा था कि उन्होंने कभी बेईमानी नहीं की
  • अंपायर पर लगाया था लैंगिंक भेदभाव का आरोप

खेल डेस्क. अमेरिकी टेनिस एसोसिएशन ने सेरेना विलियम्स पर यूएस ओपन के फाइनल में नियमों को तोड़ने के लिए 12.26 लाख रुपए (17 हजार डॉलर) का जुर्माना लगाया है। सेरेना महिला एकल के फाइनल में जापान की नाओमी ओसाका से हार गईं थीं।

एसोसिएशन ने सेरेना को तीन मामले में जुर्माना लगाया। इसमें मैच के दौरान कोचिंग लेने के लिए 2.88 लाख रुपए (4 हजार डॉलर), रेकैट पटकने के लिए 2.16 लाख रुपए (3 हजार डॉलर) और चेयर अंपायर के साथ बदसलूकी करने पर 7.21 लाख रुपए (10 हजार डॉलर) का जुर्माना शामिल है।

सेरेना पर लगा एक गेम का जुर्माना: ओसाका ने मैच का पहला सेट आसानी से जीत लिया था। दूसरे सेट में सेरेना वापसी की कोशिशें कर रही थीं। इस दौरान उनके कोच ने टिप्स देने के लिए कुछ इशारा किया। मैच के दौरान चेयर अंपायर ने एक गेम का जुर्माना लगा दिया। कोच के इशारे को अंपायर ने नियमों का उल्लंघन माना गया। अंपायर कार्लोस रामोस के फैसले के बाद सेरेना ने गुस्से में अपना रैकेट पटक दिया। इसके बाद उन्हें चोर तक कह दिया।

सेरेना ने कहा था-जुर्माना लगाना ठीक नहीं: सेरेना ने कहा था, "उन्होंने बेईमानी नहीं की। अंपायर ने उनके साथ लैंगिंक भेदभाव किया। एक गेम का जुर्माना लगाना ठीक नहीं था। पुरुषों के मुकाबलों में अगर यही होता तो अंपायर जुर्माना नहीं लगाते।" कोच मोराटोग्लू ने सेरेना को मैच के दौरान इशारा करने की बात मान ली थी। नियमों के हिसाब से उनका रवैया ठीक नहीं था। ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट में कोर्ट पर कोचिंग देना प्रतिबंधित है। हालांकि, अन्य सभी मैचों में ऐसा करना मान्य है।

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