यो-यो टेस्ट ही क्यों फिटनेस का इकलौता मानक? अंबाती रायुडू के फेल होने के बाद शुरू हुई बहस

इस मामले में प्रशासकों की समिति के प्रमुख विनोद राय बीसीसीआई से पूछताछ कर सकते हैं।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Jun 24, 2018, 11:10 PM IST

Why YoYo should be the only fitness criterion, COA to ask Cric Ops team
यो-यो टेस्ट ही क्यों फिटनेस का इकलौता मानक? अंबाती रायुडू के फेल होने के बाद शुरू हुई बहस
  • इस टेस्ट को फिटनेस मानक बनाने पर बीसीसीआई कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने भी सवाए उठाए हैं
  • उन्होंने सीओए प्रमुख को 6 पेज का पत्र लिखकर पूरी जानकारी उपलब्ध कराने की गुजारिश की है

 

 

 

 

 

नई दिल्ली. प्रशासकों की समिति (सीओए) प्रमुख विनोद राय फिटनेस के लिए सिर्फ यो-यो टेस्ट को ही मानक मानने को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से पूछताछ कर सकते हैं। दरअसल, यो-यो टेस्ट को लेकर तब बहस शुरू हुई जब इसमें फेल होने के चलते अंबाती रायुडू का राष्ट्रीय टीम में चयन नहीं हो सका। रायुडू आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में चौथे नंबर थे। उन्होंने 602 रन बनाए थे।

 

तकनीकी मामला होने के चलते अभी नहीं किया था हस्तक्षेप
सीओए के करीबी बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया, "हां, सीओए इस मामले में चल रही बहस से वाकिफ हैं। टीम चयन का तकनीकी मामला होने के चलते उन्होंने अभी हस्तक्षेप नहीं किया है। हालांकि वे क्रिकेट संचालन के प्रमुख सबा करीम से इस संबंध में पूरी जानकारी लेने का मन बना रहे हैं। विनोद राय को रायुडू और संजू सैमसन के मामले का पता है। इस पर अभी फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के प्रशिक्षकों से इस विशेष टेस्ट का विस्तृत ब्योरा मांग सकते हैं।" 

 

गठित की जा सकती है विशेषज्ञों की एक समिति

यह भी पता चला है कि सीओए प्रमुख विशेषज्ञों और समिति से दूसरा सुझाव भी मांग सकते हैं। संभव है कि मामले को देखने के लिए पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों वाली एक समिति का गठन किया जाए। सूत्र ने बताया, "यह एक और तटस्थ राय होगी, क्योंकि वे (विनोद राय) जानते हैं कि इस मामले में टीम प्रबंधन कहां खड़ा है।"

 

यो यो टेस्ट में फेल होने के कारण चयन के बाद 6 खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम से हो चुके हैं बाहर

खिलाड़ी किस दौरे से बाहर हुए
अंबाती रायुडू इंग्लैंड दौरा (2018)
मोहम्मद शमी अफगानिस्तान के खिलाफ (2018)
संजू सैमसन भारतीय ए टीम (2018)
युवराज सिंह चैंपियनशिप ट्रॉफी (2017)
सुरेश रैना चैंपियनशिप ट्रॉफी (2017)
वॉशिंगटन सुंदर ऑस्ट्रेलिया दौरा (2017)

 

हर खिलाड़ी को कम से कम 19.5 अंक लाने जरूरी

- भारतीय टीम प्रबंधन ने खिलाड़ियों की फिटनेस परखने के लिए यो-यो टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए 20 मीटर की दूरी पर दो लाइन बनाई जाती हैं। जिस खिलाड़ी का टेस्ट होना होता है, उसे इन लाइन के बीच दौड़ना होता है। जैसे ही बीप बजती है, उसे मुड़ना होता है। हर एक मिनट के बाद बीप बजने का अंतराल बढ़ता जाता है। तय समय पर लाइन तक नहीं पहुंचे तो बीप और जल्दी-जल्दी बजने लगती है। बीसीसीआई के मुताबिक, हर खिलाड़ी को इस टेस्ट में कम से कम 19.5 या इससे ज्यादा अंक हासिल करना जरूरी हैं।

 

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