महिला हॉकी वर्ल्ड कप कल से; 44 साल के टूर्नामेंट में 28 टीमें खेलीं, सिर्फ 4 बनीं चैम्पियन

भारतीय महिलाएं वर्ल्ड कप में 8 साल बाद खेल रहीं हैं

DainikBhaskar.com| Last Modified - Jul 20, 2018, 11:55 AM IST

Women's Hockey World Cup starts from tomorrow
महिला हॉकी वर्ल्ड कप कल से; 44 साल के टूर्नामेंट में 28 टीमें खेलीं, सिर्फ 4 बनीं चैम्पियन
  • भारत 1974 (पहले सीजन) में चौथे नंबर पर रहा था, यह उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 
  • नीदरलैंड 13 में से सबसे ज्यादा 7 बार चैंपियन, एशिया से कोई विजेता नहीं 

 

लंदन.  महिला हॉकी वर्ल्ड कप शनिवार से शुरू हो रहा है। टूर्नामेंट में 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं। 10वीं वरीय भारत का पहला मुकाबला ओलिंपिक चैम्पियन इंग्लैंड से शनिवार को होगा। टूर्नामेंट का फाइनल 5 अगस्त को होगा। भारतीय महिलाएं आठ साल बाद टूर्नामेंट में खेल रही है। टीम पिछली बार क्वालिफाई नहीं कर सकी थी। भारत सातवीं बार टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहा है। 1974 से शुरू हुए टूर्नामेंट में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पहले सीजन में ही रहा था। तब टीम चौथे नंबर तक पहुंची थी। वैसे, 44 साल के टूर्नामेंट में 28 टीमें खेल चुकी हैं। पर सिर्फ 4 टीमें ही चैम्पियन बनीं हैं।

 

 

भारत का शेड्यूल 

तारिख किसके खिलाफ
21 जुलाई  इंग्लैंड से 
26 जुलाई आयरलैंड से 
29 जुलाई अमेरिका से 


वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रहीं टीमें: चीन, इटली, अमेरिका, कोरिया, भारत, इंग्लैंड, आयरलैंड, अर्जेंटीना, स्पेन, जर्मनी, द. अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, नीदरलैंड, जापान, न्यूजीलैंड।
 
वर्ल्ड कप में दूसरी बार 16 टीमें, हर पूल की टॉप टीम क्वार्टर फाइनल खेलेगी: इस बार 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं। वर्ल्ड कप के इतिहास में सिर्फ दूसरी बार ऐसा हुआ है। टीमों को 4 पूल में बांटा गया है। हर पूल की टॉप टीम डायरेक्ट क्वार्टर फाइनल में पहुंच जाएगी। जबकि दूसरे और तीसरे नंबर की टीम प्लेऑफ खेलेगी। प्लेऑफ में जीतने वाली टीम क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई करेगी।  नीदरलैंड सबसे ज्यादा 7 बार चैम्पियन बनी है। अर्जेंटीना, नीदरलैंड और जर्मनी सिर्फ तीन टीमें हैं, जिसने सभी वर्ल्ड कप खेले हैं। अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी की टीमों ने 2-2 बार खिताब जीते हैं। अब तक एशिया की टीम कभी चैम्पियन नहीं बनी है। 

 

भारत के झंडे से अशोक चक्र गायब: इंटरनेशनल हॉकी महासंघ (एफआईएच) की बड़ी चूक सामने आई है। आयोजकों ने टेम्स नदी के किनारे सभी कप्तान और उनके देश के झंडे के साथ फोटोशूट कराया। इस तस्वीर में भारतीय ध्वज से अशोक चक्र गायब है। अगर एफआईएच को इसके लिए जिम्मेदार माना जाए तो सबसे हैरानी की बात यह है कि इस संस्था के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा हैं। 

 

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