यूएई में एशियन कप आज से, 8 साल बाद खेलेगा भारत; पहली बार 24 टीमें

3 वर्ष पहले
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  • भारत 2015 एशियन कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया था
  • 17वें एशियन कप के 51 मैच यूएई के चार शहरों में खेले जाएंगे

खेल डेस्क. यूएई के चार शहरों के सात मैदानों पर शनिवार से एफसी एशियन कप टूर्नामेंट खेला जाएगा। 27 दिन के इस टूर्नामेंट में 51 मैच खेले जाएंगे। खिताब जीतने के लिए पहली बार 24 टीमें मैदान में होंगी। इससे पहले 16 देश ही हिस्सा लेते थे। इन 24 टीमों में भारतीय दल भी शामिल है। भारत आठ साल बाद टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा। पिछली बार 2011 में वह ग्रुप दौर में ही बाहर हो गया था। यूएई के चार शहर दुबई, अबुधाबी, शारजाह और अल आईन में मैच खेले जाएंगे।

 

इस टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर टीम इंडिया अपने रैंकिंग में सुधार करना चाहेगी। फीफा 2026 वर्ल्ड कप में 36 की जगह 48 देशों को खेलने का मौका मिलेगा। इसमें एशिया से टॉप 8 टीमें हिस्सा लेंगी। एशियन ग्रुप में भारत की रैंकिंग 14 है। अगर वह बेहतर प्रदर्शन कर रैंकिंग में सुधार करता है तो उसे पहली बार वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिल सकता है।

 

ग्रुप में यूएई के बाद भारत की रैंकिंग
24 टीमों को छह ग्रुप में बांटा गया है। भारतीय टीम ग्रुप ए में यूएई, बहरीन और थाईलैंड के साथ है। फीफा रैंकिंग में यूएई 79वें स्थान पर है। वहीं, भारतीय टीम 97वें पायदान पर कायम है। बहरीन 113वें और थाईलैंड 118वें स्थान पर है। भारत का पहला मैच रविवार को थाईलैंड से होगा। वहीं, दूसरा मैच 10 जनवरी को यूएई और तीसरा मैच 14 जनवरी को बहरीन के खिलाफ होगा।

 

\"फुटबॉल\"

 

चौथी बार इस टूर्नामेंट में खेलेगा भारत
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट चौथी बार अपनी चुनौती पेश करेगी। 1956 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में भारत पहली बार उसके आठ साल बाद 1964 में खेल पाया था। तब भारतीय टीम उप-विजेता रही थी। उसके बाद भारत को क्वालीफाई करने में 20 साल लग गए।1984 में टीम 10वें स्थान पर रही। उसके 27 साल बाद 2011 में टीम इंडिया तीसरी बार टूर्नामेंट खेली, लेकिन ऑस्ट्रेलिया, बहरीन और दक्षिण कोरिया से हारकर पहले दौर में ही बाहर हो गई थी।

 

\"ओमान\"

 

सबसे पहले यूएई पहुंची थी टीम इंडिया
टूर्नामेंट की तैयारियों को नजर में रखते हुए भारतीय टीम यूएई सबसे पहले पहुंच गई थी। 23 सदस्यीय टीम 20 दिसंबर को ही वहां चली गई। एशियन कप में ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया और यूएई जैसी टीमों से सामना हो सकता है। इसी कारण टीम वातावरण और मैदान से तालमेल बिठाने के लिए वहां पहुंच गई। कोच स्टीफेन कॉन्सटेन्टाइन ने भी इस बात को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा टूर्नामेंट है और टीम इसकी तैयारी में लगी है।

 

\"सुनील\"

 

सुनील छेत्री से भारतीय दल को उम्मीद
कप्तान सुनील छेत्री के नेतृत्व में भारतीय टीम का पहला लक्ष्य क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना है। छेत्री मौजूदा फुटबॉलर्स में सबसे ज्यादा करने के मामले में अर्जेंटीना के लियोनल मेसी के साथ दूसरे नंबर पर हैं। दोनों के 65 गोल हैं। वहीं, पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो इस लिस्ट में 85 गोल के साथ पहले स्थान पर हैं। छेत्री ने पिछले साल मुंबई में करियर का 100वां मैच खेला था।

 

ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया पर भी नजर
भारत के अलावा इस टूर्नामेंट में बड़ी टीम में ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया के प्रदर्शन पर सबकी निगाहें रहेंगी। तीनों टीमों ने पिछले वर्ल्ड कप में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। इनमें से जापान की टीम प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी, जहां उसे बेल्जियम ने हराया था। वहीं, दक्षिण कोरिया ने तत्कालीन वर्ल्ड चैम्पियन जर्मनी को हराकर उसे टूर्नामेंट से ही बाहर कर दिया था। ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप दौर में डेनमार्क को 1-1 की बराबरी पर रोक दिया था।