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निखत ने बुल्गारिया में जीता स्वर्ण पदक, पुलवामा के शहीदों को समर्पित किया

4 वर्ष पहले
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  • 22 साल की निखत ने फिलीपींस की मैग्नो आयरिश को एकतरफा मुकाबले में 5-0 के अंतर से हराया
  • डिफेंडिंग चैम्पियन अमित पंघाल ने इस टूर्नामेंट में लगातार दूसरे साल स्वर्ण पदक जीत लिया

सोफिया (बुल्गारिया). डिफेंडिंग चैम्पियन अमित पंघाल ने बुल्गारिया के सोफिया में चल रही 70वें स्ट्रांजा मेमोरियल इंटरनेशनल बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में लगातार दूसरे साल स्वर्ण पदक जीत लिया है। वहीं, महिलाओं में पूर्व जूनियर विश्व चैम्पियन निखत जरीन और मीना कुमारी देवी ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 51 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीतने वाली निखत ने अपने इस पदक को पुलवामा हमले के शहीदों के परिवारों को समर्पित किया।

1) कंधे की चोट से उबरने के बाद जीता स्वर्ण

हैदराबाद की 22 साल की निखत ने फिलीपींस की मैग्नो आयरिश को एकतरफा मुकाबले में 5-0 के अंतर से हराया है। निखत ने कहा, ‘मैं यह पदक पुलवामा आतंकी हमले के शहीदों को समर्पित करती हूं। एक देश के तौर पर यह हमारे लिए बहुत दुखद दिन था।’

दो बार की राष्ट्रीय पदक विजेता निखत का यह दूसरा अंतरराष्ट्रीय पदक है। निखत ने कंधे की चोट से उबरने के बाद वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता। दो साल पहले निखत के कंधे की सर्जरी हुई थी। उन्होंने पिछले साल अप्रैल में बेलग्राद इंटरनेशनल में भी स्वर्ण पदक जीता था।

हरियाणा से आने वाले सेना के जवान अमित ने कजाखस्तान के टेमीरतास झुसुपोव को क्लीन स्वीप करते हुए 5-0 से हराया। अंतिम बाउट के बाद झुसुपोव के सिर से खून बहने लगा था।

वहीं, मीना ने फिलीपींस की ही आइरा विलेगास को 54 किलो वर्ग में 3-2 से मात दी। पिछली बार कांस्य पदक जीतने वाली मीना ने इस बार इसे स्वर्ण में बदल लिया।

इससे पहले पी बासुमतारी (64 किलो), नीरज (60 किलो) और लवलीना बोरगोहेन (69 किलो) को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारत ने इस टूर्नामेंट में कुल तीन स्वर्ण, एक रजत, तीन कांस्य पदक हासिल किए। भारत ने पिछली बार 11 पदक जीते थे, जिनमें दो स्वर्ण थे।

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