एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप / भोपाल की चिंकी ने दिलाया ओलिंपिक कोटा, 25 मी पिस्टल में ऐसा करने वाली दूसरी खिलाड़ी



चिंकी यादव। चिंकी यादव।
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चिंकी यादव।चिंकी यादव।

  • चिंकी ने क्वालिफायर में 588 का स्कोर बनाकर अपना बेस्ट प्रदर्शन किया
  • 21 साल की चिंकी इसी साल से सीनियर इवेंट में उतर रही हैं

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2019, 10:11 AM IST

खेल डेस्क. मप्र अकादमी भोपाल की शूटर चिंकी यादव ने शुक्रवार को हमें 11वां ओलिंपिक कोटा दिलाया। 25 मीटर पिस्टल इवेंट के फाइनल में चिंकी 116 पॉइंट के साथ छठे नंबर पर रहीं। तीसरे से पांचवें नंबर की खिलाड़ी को पहले ही ओलिंपिक का कोटा मिल चुका था। इस कारण चिंकी को 2020 टोक्यो ओलिंपिक का कोटा मिल गया।

 

क्वालिफिकेशन में 21 साल की चिंकी 588 पॉइंट के साथ दूसरे नंबर पर रहीं। यह चिंकी का अब तक का बेस्ट प्रदर्शन है। इससे पहले इस साल रियो वर्ल्ड कप में चिंकी ने 584 पॉइंट का बेस्ट स्कोर बनाया था। इससे पहले राही सरनोबत इस कैटेगरी में ओलिंपिक का कोटा हासिल कर चुकी हैं।

 

मेरे प्रदर्शन का श्रेय कोच जसपाल राणा को: चिंकी
जीत के बाद चिंकी ने कहा कि यह मेरा अब तक का बेस्ट प्रदर्शन है। इसका पूरा श्रेय कोच जसपाल राणा को जाता है। चिंकी 2012 से खेल से जुड़ी हुई हैं। वे मप्र शूटिंग एकेडमी में ट्रेनिंग ले रही हैं। वे 2019 में पहली बार सीनियर टीम के साथ टूर्नामेंट में उतरीं। वे चार वर्ल्ड कप में भी खेल चुकी हैं। इवेंट में अन्य भारतीय खिलाड़ियों की बात की जाए तो अन्नू राज सिंह (575) और नीरज कौर (572) क्रमश: 21वें और 27वें स्थान पर रहीं।

 

चिंकी मप्र एकेडमी में ट्रेनिंग ले रही हैं
भोपाल की चिंकी ओलिंपिक में क्वालिफाई करने वाली प्रदेश की पहली शूटर हैं। चिंकी ने जब कोटा हासिल किया, तब उनके इलेक्ट्रिशियन पिता मेहताब यादव मप्र की शूटिंग रेंज में काम कर रहे थे। चिंकी इसी एकेडमी में ट्रेनिंग लेती हैं और पिता खेल विभाग में कार्यरत्त हैं। मेहताब बताते हैं कि बचपन से ही उसका रुझान खेलों की ओर था। मैं शूटिंग रेंज में काम करता था। चिंकी भी मेरे साथ वहां जाने लगी। यहीं से खेल में उसकी रुचि बढ़ी।

 

चिंकी ने बताया कि शूटिंग से पहले वे जिम्नास्टिक, स्नूकर और बैडमिंटन खेलती थीं, लेकिन अंत में उन्होंने शूटिंग का रुख किया। 2012 में 14 साल की उम्र में पहली बार शूटिंग रेंज में उतरी। जब उन्होंने 2014 में पहला मेडल जीता तो खेल को गंभीरता से लेना शुरू किया। वे बताती हैं कि मैं दो साल की थी, तब ही मम्मी-पापा टीटी नगर स्टेडियम आ गए थे। इसलिए मैं कह सकती हूं कि खेलों से मेरा नाता बचपन से ही है। अब मेरा एक ही लक्ष्य है, 2020 टोक्यो ओलिंपिक में देश के लिए मेडल जीतना।

 

50 मीटर राइफल प्रोन महिला टीम इवेंट में भारत को गोल्ड मेडल मिला
भारतीय महिला टीम ने 50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। भारत की तेजस्विनी सावंत, अंजुम मुदगिल और काजल सैनी 1864.8 पॉइंट के साथ पहले नंबर पर रहीं। चीन (1862.4) दूसरे और कोरिया (1855.5) तीसरे स्थान पर रहा। इंडिविजुअल इवेंट में तेजस्विनी चौथे, अंजुम पांचवें और काजल छठे नंबर पर रहीं। वहीं पुरुष 50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट में सिल्वर हासिल किया। चीन ने 1868.9 पॉइंट के साथ गोल्ड जीता। भारत के शुभंकर, तरुण यादव और संजीव राजपूत ने 1865.1 पॉइंट के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। कोरिया (1860.5) ने तीसरा स्थान हासिल किया।

 

25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल टीम इवेंट में भी गोल्ड, जूनियर में सिल्वर मेडल जीता
भारतीय खिलाड़ियों ने 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल टीम इवेंट का भी गोल्ड मेडल जीता। इंडिविजुअल इवेंट में उदयवीर ने सिल्वर जीता। जूनियर कैटेगरी के 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल टीम इवेंट में सिल्वर मिला। इंडिविजुअल में हर्ष गुप्ता ने ब्रॉन्ज जीता। 10 मीटर एयर राइफल यूथ इवेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने गोल्ड और सिल्वर जीता। रुद्रांश 249 के साथ पहले और श्रीजय 248 पॉइंट के साथ दूसरे पर रहे। टीम इवेंट में हमें गोल्ड मिला। पुरुष वर्ग में 10 मीटर एयर पिस्टल यूथ कैटेगरी में नवीन, मोनू और नावेद ने गोल्ड पर कब्जा किया। इंडिविजुअल में भी नवीन ने गोल्ड जीता।

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