महिला शक्ति / स्नेहा भारत की सबसे तेज मोटर रेसर; महीने के 15 दिन कार चलाती हैं और 15 दिन प्लेन भी उड़ाती हैं



स्नेहा शर्मा। स्नेहा शर्मा।
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स्नेहा शर्मा।स्नेहा शर्मा।

  • स्नेहा शर्मा ने लेडीज कप इंटरनेशनल सीरीज में दूसरा स्थान हासिल किया
  • स्नेहा 14 अप्रैल को इंटरनेशनल सीरीज के दूसरे राउंड में उतरेंगी

Dainik Bhaskar

Apr 08, 2019, 07:40 AM IST

खेल डेस्क.  स्नेहा शर्मा को भारत की सबसे तेज महिला मोटर रेसर माना जाता है। स्नेहा ने पिछले महीने मलेशिया में हुई लेडीज कप इंटरनेशनल सीरीज में दूसरा स्थान हासिल किया। स्नेहा का यह इंटरनेशनल लेवल का पहला मेडल है। टूर्नामेंट में शामिल होने वाली वे इकलौती भारतीय खिलाड़ी थीं। 28 साल की स्नेहा रेसिंग के अलावा इंडिगो एयरलाइंस में पायलट भी हैं। वे महीने के 15 दिन कार चलाती हैं और 15 दिन प्लेन उड़ाती हैं।

 

स्नेहा ने बताया कि वे मलेशिया में होने वाले इंटरनेशनल इवेंट के पहले प्रैक्टिस नहीं कर सकी थीं। उन्होंने रविवार को मुंबई-पुणे रैली टू द वैली में हिस्सा लिया। इसमें 600 महिला कार रेसर शामिल हुईं। वे 14 अप्रैल को इंटरनेशनल सीरीज के दूसरे राउंड में उतरेंगी।

 

मांसपेशी की रिकवरी के लिए ट्रेनर रखा, इसके बाद घुटने चोटिल हो गए
स्नेहा ने बताया कि फ्लाइंग-रेसिंग के बीच संतुलन के लिए उन्हें कठिनाई होती थी। मांसपेशी रिकवर नहीं हो पा रही थीं। इस कारण मैंने एक ट्रेनर रखा, लेकिन इसका उलटा असर हुआ। इस कारण मेरे दोनों घुटने चोटिल हो गए। इसमें बाद मुझे काफी फिजियोथेरेपी और रिहेब से भी गुजरना पड़ा।

 

 

पायलट कोर्स के लिए कैलिफोर्निया गईं तो रेसिंग छूटी

 

  • मुंबई की रहने वाली स्नेहा ने 2004 से गो-कार्ट रेस में हिस्सा लेना शुरू किया था। वे स्कूल के बाद पूरा समय इसी में बिताती। स्नेहा कहती हैं कि जब वे 10वीं क्लास में थी, तब नेशनल चैंपियनशिप के दो रेसरों को प्रैक्टिस करते हुए देखा। मैंने उन रेसरों से ट्रेनिंग लेना शुरू किया और अपनी पॉकेट मनी के पैसे दिए। यहां से रेसिंग स्किल्स के अलावा ब्रेकिंग स्किल्स सीखी। मैं घंटों ट्रैक पर प्रैक्टिस करती थीं। 
  • इसके बाद स्नेहा ने छोटी-छोटी चैंपियनशिप में उतरना शुरू कर दिया। एक रेस के दौरान पूर्व रेसर रायोमंड ने स्नेहा की रेसिंग को देखकर उन्हें नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप में उतरने के बारे में कहा थाा। इस बीच पायलट के कोर्सके लिए वे 11 महीने के लिए अमेरिका चली गईं। स्नेहा ने बताया, ‘जब मैं 17 साल की थीं, तब फ्लाइंग कोर्स के लिए कैलिफोर्निया चली गई। इसके बाद मैंने सोचा कि मेरा स्पोर्टिंग करियर खत्म हो जाएगा। तब मैंने नहीं सोचा था कि मैं यहां तक पहुंच पाऊंगी। लेकिन मैं रेसिंग में वापस आना चाहती थी।

 

स्नेहा 2009 में नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप में रनरअप रहीं
नौकरी के बाद स्नेहा ने फिर से रेसिंग शुरू की। 2009 में स्नेहा नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप में रनरअप रहीं। इसके बाद स्नेहा सिंगल रेस में उतरने लगीं। 2010 में वे नेशनल कार रेसिंग में उतरीं और टॉप-5 में रहीं। 2014 में बड़े टूर्नामेंट में उतरने लगीं। फॉर्मूला रेस-3 में भी उतरीं। रेसिंग एक महंगा खेल है। स्नेहा जॉब से मिलने वाले पैसे का उपयोग यहां करती हैं। उन्होंने बताया कि वे पहली फॉर्मूला रेस में चौथे नंबर पर रहीं।

 

एयरबस 320 उड़ा रही हैं, कमांड पिछले साल मिली 
स्नेहा ने बताया कि मैं 20 साल की उम्र में इंडिगो में शामिल हुई। 21 साल की उम्र से एयरबस 320 उड़ा रही हूं। मैंने 2018 में इस पर कमांड प्राप्त की। एक एयरबस की कीमत लगभग 700 करोड़ रुपए है। ये दुनिया के सबसे तेजी से बिकने वाले प्लेन है। यह एयरबस फैमिली का दूसरे सबसे ज्यादा महंगा प्लेन है।

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