• Hindi News
  • National
  • Olympic Body IOC Punishes India For Declining Visas To Pak Team After Pulwama

पाक खिलाड़ियों को वीजा नहीं देने पर अंतरराष्ट्रीय समिति ने भारत से सभी इवेंट छीने

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • आईओसी ने भारत की तरफ से मिले लिखित आश्वासन के बाद शूटिंग वर्ल्ड कप की मेजबानी दी
  • पाकिस्तान के दो शूटर्स 25 मीटर रैपिड फायर इवेंट में भाग लेने वाले थे, लेकिन वीजा नहीं मिला

नई दिल्ली. ओलिंपिक समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने की भारतीय उम्मीदों को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) ने इस तरह के आयोजनों की मेजबानी भारत को देने संबंधी मामलों पर बातचीत रोक दी है। पाकिस्तानी निशानेबाजों ने आरोप लगाया था कि शूटिंग वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए भारत सरकार ने उन्हें वीजा जारी नहीं किया। इसके बाद आईओसी ने स्विट्जरलैंड के लुसाने में संघ की कार्यकारी समिति की बैठक में यह फैसला लिया।

1) भारत सरकार के आश्वासन के बाद ही दोबारा बातचीत शुरू होगी : आईओसी

आईओसी ने कहा है कि जब तक भारत सरकार लिखित में यह आश्वासन नहीं देती है कि ऐसे आयोजनों के लिए ओलिंपिक चार्टर के अनुसार वह सभी खिलाड़ियों को प्रवेश देगी, तब तक बातचीत शुरू नहीं होगी। हालांकि, आईओसी ने अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी महासंघ (आईएसएसएफ) के उस फैसले को बदल दिया, जिसमें शूटिंग वर्ल्ड कप से सभी 16 ओलिंपिक कोटा हटाने की बात कही गई थी। आईओसी ने अब इसे दो तक सीमित कर दिया। यानी शूटिंग वर्ल्ड कप में अब 14 ओलंपिक कोटा रहेंगे।

यूथ ओलिंपिक 2026, ओलिंपिक 2032 और एशियन गेम्स 2030 के भारत में कराए जाने पर चर्चा चल रही थी। भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) पहले ही आईओसी के समक्ष इन आयोजनों की मेजबानी की इच्छा जता चुका है।

आईओसी की इस कार्रवाई पर आईओए महासचिव राजीव महता ने कहा, ‘हमने पूरी कोशिश की, लेकिन यह भारत सरकार पर निर्भर था कि वे पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वीजा देते हैं या नहीं। भारत में सभी खेलों के लिए यह एक खतरनाक स्थिति है। अगर भारत इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी से वंचित रह जाता है तो हमारे खिलाड़ियों को भी इस तरह के आयोजनों में प्रवेश करने में दिक्कत हो सकती है। हम सरकार से इस मुद्दे पर फिर से बात करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बने।’

भारत में हो रहे शूटिंग वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के दो शूटर्स जीएम बशीर और खलील अहमद 25 मीटर रैपिड फायर इवेंट में भाग लेने वाले थे। लेकिन, भारत सरकार की तरफ से उन्हें वीजा नहीं दिया गया। इसके खिलाफ नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान ने आईओसी में शिकायत की थी।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमला हुआ था। इसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान से संचालित आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े फैसले लिए। इसके तहत पाक के दो शूटर्स को वर्ल्ड कप के लिए वीजा नहीं दिया गया।

आईओसी ने कहा, ‘मेजबान देश में आने वाले सभी खिलाड़ियों को किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के बिना निष्पक्ष और समानता के माहौल में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिलना चाहिए। भारतीय एनओसी, आईओसी और आईएसएसएफ के आखिरी वक्त तक किए प्रयासों के बाद भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर कोई रास्ता नहीं बना पाया था।’

आईओसी के मुताबिक, ‘यह भेदभाव से संबंधित आईओसी के मूल चार्टर के खिलाफ है। आईओसी एग्जिक्यूटिव बोर्ड ने भारत के साथ भविष्य में किसी भी ओलिंपिक से संबंधित प्रतियोगितायओं के आयोजन को लेकर सभी चर्चाएं पूरी तरह से स्थगित कर दी हैं।’

आईओसी ने आईएसएसएफ के उस फैसले को बदल दिया है, जिसमें आईएसएसएफ ने कहा था कि वर्ल्ड कप से सभी 16 ओलिंपिक कोटा हट जाएंगे। आईओसी ने कहा, ‘पुरुषों के 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा से ओलिंपिक क्वालिफिकेशन दर्जा हटाया गया है। इस इवेंट में दो ओलिंपिक कोटा थे। इसमें दो पाकिस्तानी निशानेबाजों को हिस्सा लेना था। यह 61 देशों के उन 500 निशानेबाजों के हित में लिया गया है, जो टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए पहले से ही भारत में हैं।’