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बॉक्सिंग / निखत-मैरी कॉम विवाद पर किरण रिजिजू ने कहा- फेडरेशन को देश के लिए बेहतर निर्णय लेने के लिए कहूंगा

Kiren Rijiju! Mary Kom Vs Nikhat Zareen: Sports Minister Kiren Rijiju On Mary Kom Vs Nikhat Zareen Case
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Kiren Rijiju! Mary Kom Vs Nikhat Zareen: Sports Minister Kiren Rijiju On Mary Kom Vs Nikhat Zareen Case

  • निखत जरीन ने ओलिंपिक क्वालिफायर्स से पहले मैरी कॉम के खिलाफ ट्रायल की मांग की थी
  • ओलिंपिक क्वालिफायर्स मुकाबले अगले साल फरवरी में चीन में होंगे

दैनिक भास्कर

Oct 18, 2019, 02:01 PM IST

खेल डेस्क. पूर्व जूनियर वर्ल्ड चैम्पियन बॉक्सर निखत जरीन ने अगले साल होने वाले ओलिंपिक क्वालिफायर्स से पहले भारतीय टीम में चयन के लिए एमसी मैरी कॉम के खिलाफ ट्रायल मुकाबले की मांग की है। उन्होंने इसके लिए गुरुवार को खेल मंत्री किरण रिजिजू को पत्र लिखा था। इस पर रिजिजू ने शुक्रवार को जवाब देते हुए कहा कि मैं फेडरेशन से सिर्फ देश और एथलीट के लिए बेहतर निर्णय लेने के लिए ही कह सकता हूं।

 

मैरी कॉम ने हाल ही में रूस में खत्म हुए वर्ल्ड चैम्पियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम किया था। मैरी को इस टूर्नामेंट में खेलने के लिए निखत पर प्राथमिकता दी गई थी। बीएफआई ने ओलिंपिक क्वालिफायर्स के लिए भी मैरी कॉम को ही भेजने की योजना बनाई है। अगर ऐसा हुआ तो महासंघ अपने उस फैसले से पलट सकता है, जिसमें उसने कहा था कि स्वर्ण और रजत पदक जीतने वालों को ही सीधा प्रवेश मिलेगा। क्वालिफायर्स मुकाबले अगले साल फरवरी में चीन में होंगे।

 

‘ओलिंपिक चार्टर के मुताबिक खेल संघ स्वायत्त हैं’
रिजिजू ने ट्वीट किया, ‘मैं निश्चित रूप से मुक्केबाजी महासंघ को राष्ट्र, खेल और एथलीटों के हित को ध्यान में रखते हुए सबसे बेहतर निर्णय लेने के लिए कहूंगा। खिलाड़ियों के चयन में मंत्री को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। ओलिंपिक चार्टर के मुताबिक खेल संघ स्वायत्त हैं।’ दूसरी ओर, मैरी कॉम ने कहा है कि वे बीएफआई के निर्णय को पूरी तरह मानेंगी।

 

हर समय खुद को साबित करने की जरूरत होती है: निखत
निखत ने अपने पत्र में लिखा था, ‘सर, खेल का आधार निष्पक्षता है। हर समय खुद को साबित करने की जरूरत होती है। यहां तक कि ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता को भी क्वालिफाई करने के लिए मुकाबला करना होता है। मैं बचपन से ही मैरी कॉम से प्रेरित रही हूं। इस प्रेरणा के साथ न्याय करने का सबसे बेहतर तरीका यही हो सकता है कि मैं उनकी तरह एक महान मुक्केबाज बनने की कोशिश करूं। क्या मैरी कॉम खेल की इतनी बड़ी शख्सियत हैं कि उन्हें मुकाबले से दूर रखने की जरूरत है?'

 

निखत ने कहा-मैं मदद नहीं केवल निष्पक्षता चाहती हूं
निखत ने कहा कि अगर वे ट्रायल में हार गईं तो उन्हें इस बात का एहसास तो रहेगा कि एक मौका मिला था। उन्होंने कहा, 'मैं मदद नहीं केवल निष्पक्षता चाहती हूं। ट्रायल के बाद मैरी कॉम अन्य कोई भी मुक्केबाज क्वॉलिफाई करती है, तो कम से कम हमें ये सोचकर चैन की नींद तो आ सकती है कि हर दावेदार को ओलिंपिक में देश के लिए खेलने का हर मौका मिला था।

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