--Advertisement--

उपलब्धि / कभी अस्थमा पीड़ित रहे सत्यरूप ने फतह किया एशिया का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी पर्वत

Dainik Bhaskar

Sep 16, 2018, 11:43 AM IST
पश्चिम बंगाल की रहने वाली मौसमी खाटुआ ने भी ईरान के 5,610 मीटर ऊंचे माउंट दामावंद की चढ़ाई पूरी की

मल्ली मस्तान बाबू के बाद सत्यरूप दुनिया के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर्वत माउंट ओजोस डेल सलाडो को फतह करने वाले दूसरे भारतीय पर्वतारोही हैं। - फाइल मल्ली मस्तान बाबू के बाद सत्यरूप दुनिया के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर्वत माउंट ओजोस डेल सलाडो को फतह करने वाले दूसरे भारतीय पर्वतारोही हैं। - फाइल
माउंट दावावंद के पर्वतारोहण अभियान दल में सत्यरूप के साथ मौसमी खाटुआ और भास्वती चटर्जी भी थीं। - फाइल माउंट दावावंद के पर्वतारोहण अभियान दल में सत्यरूप के साथ मौसमी खाटुआ और भास्वती चटर्जी भी थीं। - फाइल
X
मल्ली मस्तान बाबू के बाद सत्यरूप दुनिया के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर्वत माउंट ओजोस डेल सलाडो को फतह करने वाले दूसरे भारतीय पर्वतारोही हैं। - फाइलमल्ली मस्तान बाबू के बाद सत्यरूप दुनिया के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर्वत माउंट ओजोस डेल सलाडो को फतह करने वाले दूसरे भारतीय पर्वतारोही हैं। - फाइल
माउंट दावावंद के पर्वतारोहण अभियान दल में सत्यरूप के साथ मौसमी खाटुआ और भास्वती चटर्जी भी थीं। - फाइलमाउंट दावावंद के पर्वतारोहण अभियान दल में सत्यरूप के साथ मौसमी खाटुआ और भास्वती चटर्जी भी थीं। - फाइल

  • बचपन में इनहेलर के बिना 100 मीटर भी नहीं दौड़ पाते थे सत्यरूप
  • वे सात सबसे ऊंची पर्वत चोटियों और सात ज्वालामुखी पर्वतों को फतह करने वाले सबसे युवा पर्वतारोही
  • 35 साल के सत्यरूप सातों महाद्वीपों में सात चोटियों पर तिरंगा फहराने वाले पांचवें भारतीय

नई दिल्ली. भारत के सत्यरूप सिद्धांत ने एशिया के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर्वत माउंट दामावंद की चोटी फतह की। ईरान स्थित इस पर्वत पर चढ़ाई पूरी करने वाले 35 साल के सत्यरूप चौथे भारतीय बने। उनके साथ 36 साल की मौसमी खाटुआ ने भी पर्वतारोहण किया। सत्यरूप बचपन में अस्थमा से पीड़ित थे। वे इनहेलर से पफ लिए बिना 100 मीटर भी नहीं दौड़ पाते थे। 

Astrology

Recommended

Click to listen..