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सेमेन्या ने केस हारने के दो दिन बाद रेस जीती, कहा- हार्मोन कम करने की दवा नहीं लूंगी

एक वर्ष पहले
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  • कोर्ट ने कैस्टर सेमेन्या को हार्मोन कम कराने के आदेश दिए
  • कैस्टर ने कहा- ये शरीर भगवान ने दिया है, दवा हरगिज नहीं लूंगी

खेल डेस्क. दक्षिण अफ्रीका की रनर कैस्टर सेमेन्या ने कहा है कि उनका शरीर भगवान का दिया है। वे कोई हार्मोन कम कराने की दवा नहीं लेंगी। कैस्टर को द कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (खेल पंचाट) ने हार्मोन कम कराने के आदेश दिए हैं। खेल पंचाट ने कहा है कि सेमेन्या को शरीर में रिसने वाले मेल हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन को दवा लेकर कम कराना होगा। ये नियम 8 मई से लागू होना है। केस हारने के 2 दिन बाद ही कैस्टर ने दोहा डायमंड लीग में 800 मीटर रेस जीती।

1) सेमेन्या के वुमन कैटेगरी में दौड़ने पर प्रतिबंध लगा था

कैस्टर ने कहा, 'कुछ कहने से बेहतर रहता है कि आप करके दिखाइए। मैंने भी वही किया। पिछला कुछ वक्त मेरे लिए काफी मुश्किल रहा, लेकिन चैम्पियन तो वही होता है जो हर हालात में, हर मुश्किल के बीच परफॉर्म करके दिखाए। मुझे भगवान पर भरोसा है। ये जिंदगी भगवान की दी हुई है। जिंदगी में क्या होना है, ये भी वही तय करेगा। जब वो चाहेगा, मेरा करिअर खत्म हो जाएगा। लेकिन जब तक वो नहीं चाह रहा, तब तक कोई इंसान मुझे रोक नहीं सकता। मेरा ये शरीर भी भगवान का दिया है, मैं किसी के भी कहने पर अपने शरीर के किसी भी हार्मोन को कम कराने के लिए कोई दवा नहीं लूंगी। हरगिज नहीं।'

उन्होंने कहा, 'कुछ लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या अब मैं रिटायरमेंट ले लूंगी? उनको मैं बता दूं कि मेरी उम्र 28 साल है। मेरे भीतर अभी कम से कम 10 साल का खेल बचा है। मैं भीतर से युवा, उत्साही और फिट महसूस कर रही हूं। मुझे एक ही काम करना आता है। वो है- रनिंग। ये मेरा जुनून है। कोई इंसान मुझे दौड़ने से रोक नहीं सकता। मुझे नहीं पता कि कल क्या होगा। बस ये पता है कि मैं रुकूंगी नहीं। दौड़ती रहूंगी।'

सेमेन्या ओलिंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स 2-2 और वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 3 गोल्ड जीत चुकी हैं। कैस्टर 2009 में पहली बार वर्ल्ड चैम्पियनशिप में दौड़ी थीं। तब उन्होंने 1500 मीटर रेस में 4:08.01 मिनट का समय निकाला था। हालांकि, आईएएएफ ने कैस्टर का जेंडर टेस्ट कराया। टेस्ट में पता चला कि उनके शरीर में रिसने वाले टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन की मात्रा बहुत ज्यादा है।

टेस्ट रिपोर्ट के बाद फेडरेशन ने कैस्टर के वुमन कैटेगरी में दौड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। फेडरेशन ने कहा था कि अगर सेमेन्या रनिंग करना चाहती हैं, तो उन्हें पुरुष कैटेगरी में दौड़ना होगा या फिर उनको मेडिकल प्रोसेस के जरिए शरीर का टी-लेवल (टेस्टोस्टेरॉन लेवल) कम कराना होगा।

टेस्टोस्टेरॉन मेल हार्मोन है। यह पुरुषों के शरीर में ही होता है। इसकी मात्रा 300 से 1000 नैनोग्राम प्रति डेसीलीटर के बीच हो सकती है। टी-लेवल से मूड, शारीरिक और मानसिक सक्रियता तय होती है। महिलाओं में इसकी मात्रा 20 से 30 होती है, जिसे नगण्य माना जाता है। कैस्टर सेमेन्या के शरीर में यह टी-लेवल बढ़कर 400 से 500 के बीच पहुंच गया है। इसी वजह से वे अन्य महिला एथलीट्स से जेनेटिक रूप से काफी ज्यादा मजबूत हैं।

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