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सचिन ने पुश-अप चैलेंज के जरिए पुलवामा शहीदों के परिवारों के लिए 15 लाख जुटाए

3 वर्ष पहले
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  • आईडीबीआई ने हर एक पुश अप के 100 रुपए दिए, जो शहीदों के लिए बने फंड में जमा होंगे
  • इस मैराथन में सबसे उम्रदराज महिला धाविका सुनीता प्रसन्ना ने भी दूसरी बार हिस्सा लिया

नई दिल्ली. पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर रविवार को आईडीबीआई फेडरल लाइफ इंश्योरेंस नई दिल्ली मैराथन-2019 में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने \'हैशटैगकीपमूविंग पुश-अप चैलेंज\' की अगुआई करते हुए पुलवामा के शहीदों के परिवारों के लिए 15 लाख रुपए भी जुटाए। पुश-अप चैलेंज में हिस्सा लेने वालों को साथ 5 से 10 पुश-अप लगाने थे। सचिन ने भी पुश-अप लगाए। आईडीबीआई ने हर पुश-अप के 100 रुपए दिए। इस तरह 15 लाख रुपए  से ज्यादा की राशि इकट्ठा हुई। यह राशि शहीदों के लिए बने फंड में जमा की जाएगी।

 

The legend himself ups the ante by leading our runners in the #KeepMoving Push-up Challenge - our initiative to donate towards the Martyrs’ fund. #KeepMovingDelhi pic.twitter.com/vXpL3lhScb

— New Delhi Marathon (@NDelhiMarathon) February 24, 2019

 

मैराथन के ब्रांड एम्बेसडर तेंदुलकर ने कहा, \'यहां से जो भी राशि मिलेगी, उसको किसी अच्छे कार्य के लिए दान में दिया जाएगा। इसे शहीदों के परिवारों को दिया जाएगा। मुझे पूरा भरोसा है कि आप भावनाओं को समझते हैं। उम्मीद करते हैं कि आप सभी हमारे इस अभियान में साथ हैं।\'

 

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुई इस मैराथन में चार कैटेगेरी की रेस हुईं। सचिन ने झंडी दिखाकर रेस की शुरुआत की। इन चार कैटेगरी को फुल मैराथन, हॉफ मैराथन, 10 किमी और पांच किमी स्वच्छ भारत रन नाम दिया गया। हर रेस के शुरू होने से पहले हैशटैगकीपमूविंग पुश-अप चैलेंज के तहत सचिन ने 10 पुश-अप लगाए।

 

मैराथन में सबसे उम्रदराज महिला धाविका सुनीता प्रसन्ना ने दूसरी बार हिस्सा लिया

मैराथन में हजारों धावकों ने भाग लिया। इस मैराथन में सबसे उम्रदराज महिला धाविका सुनीता प्रसन्ना ने भी दूसरी बार हिस्सा लिया। बेंगलुरु की रहने वाली सुनीता 73 साल की हैं। तेंदुलकर ने हजारों धावकों की भागीदारी पर कहा, \'मैं इतने सारे बच्चों की भागीदारी देखकर खुश हूं। इतने सारे व्यस्कों को देखकर भयभीत नहीं होना और मैराथन में भाग लेना जिंदगी का बड़ा कदम होता है। आप अगली पीढ़ी हो, जो हमारे देश की बागडोर संभालोगे।\'

 

सचिन ने कहा था, \'मैं यह मानता हूं कि अपनी सीमाओं को चुनौती देना और खुद के साथ प्रतिस्पर्धा करना सफलता की कुंजी है, क्योंकि हमारी प्रतिस्पर्धा सिर्फ हमसे होती रहती है। यही कारण है कि हम इस साल हैशटैककीपमूविंग पुशअप चैलेंज शुरू कर रहे हैं। आप सभी धावकों से अपील है कि आप मेरे साथ इस चैलेंज में हिस्सा लें और एक स्वस्थ भविष्य की नीव रखें।\'