टेनिस / जोकोविच को हराने वाले खाचानोव वेस्टर्न ग्रिप से खेलते हैं, रैकेट पकड़ने का ये सबसे नया तरीका



US Open 2019, Tennis Update: Karen Khachanov, who defeated Novak Djokovic, plays with Western grip
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US Open 2019, Tennis Update: Karen Khachanov, who defeated Novak Djokovic, plays with Western grip

  • कभी अधिकांश खिलाड़ी सिर्फ कॉन्टिनेंटल ग्रिप का इस्तेमाल करते थे; ब्योन बोर्ग, पीट सैम्प्रास ने नए तरीके दिए
  • रैकेट का हैंडल ओक्टागोनल होता है, ग्रिप का नाम इंडेक्स फिंगर के निचले हिस्से और हथेली के हिस्सों के आधार पर रखा जाता है

Dainik Bhaskar

Sep 01, 2019, 04:39 PM IST

खेल डेस्क. रूस के करेन खाचानोव यूएस ओपन के पहले दौर में बाहर हो गए। 9वें नंबर के खाचानोव को 216 रैंक के वासेक पोसपिसिल ने हरा दिया। इस हार के बावजूद खाचानोव रैकेट पकड़ने की अपनी शैली के कारण चर्चा में हैं। वे कलाई को रैकेट के अंदर पूरी तरह मोड़ लेते हैं। इसे टेनिस की भाषा में वेस्टर्न ग्रिप कहते हैं। यह कॉन्टिनेंटल ग्रिप से लगभग 180 डिग्री अलग है। खाचानोव ने इसका इस्तेमाल करते हुए कई ताकतवर शॉट लगाकर 2018 पेरिस मास्टर्स में जोकोविच को हरा दिया था। टेनिस के महान खिलाड़ियों में से एक ऑस्ट्रेलिया के रॉड लेवर खाचानोव के उलट अपनी हथेली को हैंडल के ऊपर रखते थे।

 

टेनिस का हैंडल ओक्टागोनल (अष्टकोणीय) होता है। रैकेट के ग्रिप का नाम इंडेक्स फिंगर (तर्जनी) के निचले हिस्से और हथेली के हिस्सों के आधार पर रखा जाता है। टेनिस प्लेयर रैकेट को पकड़ने के लिए 4 ग्रिप का इस्तेमाल करते हैं। ये कॉन्टिनेंटल, ईस्टर्न, सेमी-वेस्टर्न और वेस्टर्न ग्रिप हैं।

 

कॉन्टिनेंटल ग्रिप
अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रास कोर्ट के समय में कॉन्टिनेंटल ग्रिप का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता था। ग्रास कोर्ट पर गेंद नीचे रहती थी। शॉट लगने के बाद गेंद स्विंग होकर घूमती भी थी। तब एक तरह से सर्व और वॉली गेम होता था। कॉन्टिनेंटल ग्रिप इसमें मददगार साबित होती थी। उस वक्त खिलाड़ी घुटने से ऊपर के शॉट कम ही लगाते थे। वे विपक्षी को एंगल से चकमा देते थे। ग्रास कोर्ट का इस्तेमाल अब बहुत कम होता है। टेनिस के 4 ग्रैंड स्लैम में से सिर्फ विम्बलडन ही ग्रास कोर्ट पर होता है। 70 के दशक तक में चार में तीन टूर्नामेंट ग्रास कोर्ट पर होते थे। इस कारण खिलाड़ियों के फोरहैंड ग्रिप कॉन्टिनेंटल ही होते थे।

 

मार्केट कोर्ट

 

80-90 के दशक में मैकेनरो, नवरातिलोवा और एडबर्ग ने कॉन्टिनेंटल ग्रिप का इस्तेमाल किया
सत्तर के दशक के बाद कॉन्टिनेंटल ग्रिप का इस्तेमाल कम होने लगा था, लेकिन 80 और 90 के दशक में जॉन मैकेनरो, मार्टिना नवरातिलोवा और स्टीफेन एडबर्ग जैसे खिलाड़ियों ने इसे जिंदा रखा। अब हाई-स्पीड, हाई-स्पिन और हाई बाउंस वाले खेल में यह ग्रिप ज्यादा कारगर नहीं रह गई। इसके बावजूद प्लेयर्स सर्व, ओवरहैंड, वॉली और चिप शॉट्स के लिए कॉन्टिनेंटल ग्रिप का ही इस्तेमाल करते हैं।

 

पीट सैम्प्रास

 

ईस्टर्न ग्रिप
इस ग्रिप का सबसे सही इस्तेमाल अमेरिका के पीट सैम्प्रास करते थे। यह ओक्टागोनल के 2.5 से 3.5 हिस्से तक होता है। रोजर फेडरर भी इसी ग्रिप का ज्यादातर इस्तेमाल करते हैं। वे कमर की ऊंचाई तक के शॉट लगाने के विशेषज्ञ माने जाते हैं, ईस्टर्न ग्रिप से इसमें मदद मिलती है। महिला खिलाड़ियों में स्टेफी ग्राफ और क्रिस एवर्ट ने इसका बेहतर इस्तेमाल किया। फेडरर ने ओक्टागोनल के चौथे हिस्से तक का इस्तेमाल भी किया। उनकी ग्रिप को एक तरह का ब्रिज कहा जाता है, जो कि 70 और 80 के दशक से भी मेल खाता है।

 

स्टेफी ग्राफ

 

बिल टिल्डेन ने सबसे पहले ईस्टर्न ग्रिप का इस्तेमाल किया
अमेरिका के बिल टिल्डेन ने सबसे पहले 1920 के दशक में ईस्टर्न ग्रिप का इस्तेमाल किया था। इसके बाद 70 के दशक में सिर्फ ब्योन बोर्ग इस तरह खेलते थे। उन्होंने इस खेल को पूरी तरह से बदल दिया। बोर्ग ने कॉन्टिनेंटल ग्रिप से अपना हाथ थोड़ नीचे कर लिया। यहां से टेनिस में एक नई क्रांति की शुरुआत हुई।

 

ब्योन बोर्ग

 

बोर्ग ने ईस्टर्न ग्रिप का इस्तेमाल कर टेनिस को बदल दिया
टेनिस प्लेयर डॉट नेट के जॉन यांडेल के मुताबिक, ‘बोर्ग ने गेंद पर किसी और की तुलना में अधिक टॉपस्पिन लगाने की शुरुआत की थी। गेंद को जोर से हिट करते थे, ताकि वह विपक्षी के बेसलाइन के पास गिरे। बोर्ग ने इस धारणा को पेश किया कि एक खिलाड़ी बैककोर्ट से मुश्किल और अच्छे शॉट्स के साथ खेलकर भी जीत सकता है।’ आज उसी तरह की टेनिस खेली जाती है।

 

सेमी-वेस्टर्न ग्रिप
इस ग्रिप का इस्तेमाल वर्तमान में दुनिया के दो बेहतरीन खिलाड़ी सेरेना विलियम्स और नोवाक जोकोविच करते हैं। इस ग्रिप के तहत प्लेयर्स ओक्टागोनल के 3.5 से 4.5 हिस्से के बीच हाथ को रखता है। सेमी-वेस्टर्न ग्रिप घड़ी की सुई के दिशा के अनुसार ईस्टर्न ग्रिप से बदलता है। बाएं हाथ के प्लेयर्स के लिए यह विपरीत होता है। इस ग्रिप से टॉप स्पिन बेहतर होता है। फेडरर ईस्टर्न ग्रिप से एकतरफ 2500 रिवॉल्यूशन प्रति मिनट का शॉट लगाते हैं। दूसरी ओर, नडाल सेमी-वेस्टर्न ग्रिप से 4000 रिवॉल्यूशन प्रति मिनट का शॉट लगाते हैं।

 

सेमी-वेस्टर्न ग्रिप में खिलाड़ी रैकेट को आसानी से ऊपर ले जाता है
यह ग्रिप कंधे की ऊंचाई तक के शॉट मारने के लिए ज्यादातर इस्तेमाल की जाती है। इस ग्रिप में खिलाड़ी रैकेट को आसानी से ऊपर की ओर ले जाता है। इससे गेंद के ऊपर हावी होकर स्पिन को कम किया जा सकता है। यह हैंडल का सबसे आरामदायक हिस्सा होता है।

 

जैक

 

वेस्टर्न ग्रिप
23 साल के खाचानोव ने इस ग्रिप से खूब सफलता पाई। उन्होंने इसका इस्तेमाल करते हुए कई ताकतवर शॉट लगाकर 2018 पेरिस मास्टर्स में जोकोविच को हरा दिया था। खाचानोव के अलावा ब्रिटेन के कायेल एडमंड और अमेरिका जैक शॉक जैसे नए खिलाड़ी ही वेस्टर्न ग्रिप का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। वे हथेली को रैकेट के अंदर ले जाते हैं। इससे बढ़िया टॉप स्पिन शॉट निकलता है। इस शॉट से बाउंस बढ़िया मिलता है।

 

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