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एशियन गेम्स 2022:चीन में होने वाले आयोजन के टलने से नेहवाल को मिल सकता है फायदा; सानिया सहित कुछ एथलीट्स की बढ़ी मुश्किल

2 महीने पहले
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चीन में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से 10 से 25 सितंबर तक होने वाले एशियन गेम्स को अगले साल तक टाल दिया है। ऐसे में बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल को एक और मौका मिल गया है। वहीं, एशियन गेम्स में आखिरी बार प्रतिनिधित्व करने की सोच रहे सानिया मिर्जा और तीरंदाज तरुणदीप राय के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। आइए, जानते हैं कि एशियन गेम्स को स्थगित करने से भारत के किन खिलाड़ियों और टीमों पर इसका क्या असर पड़ने वाला है।

पिछले एशियन गेम्स की बॉन्ज मेडलिस्ट को एक और मौका मिल गया है
2014 इंचोन एशियन गेम्स में विमेंस सिंगल्स में बैडमिंटन में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली साइना नेहवाल को एशियन गेम्स की डेट बढ़ जाने से एक और मौका मिल गया है। साइना नेहवाल ने ज्यादा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने की वजह से एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए हुए ट्रायल में हिस्सा नहीं लिया था। अब चूंकि एशियन गेम्स को आगे के लिए टाल दिया गया है, तो साइना के लिए उम्मीदें बढ़ गई हैं। बर्शतें बैडमिंटन फेडरेशन उनके नाम पर विचार करती है।

वहीं, सानिया मिर्जा को एशियन गेम्स में भाग लेने के लिए अपने की गई घोषणा पर विचार करना होगा। 35 साल की सानिया पहले ही घोषणा कर चुकी हैं कि इस साल के आखिर के बाद वह खेल से संन्यास ले लेंगी। ऐसे में आखिरी एशियन गेम्स में भाग लेने के सपने को पूरा करने के लिए उन्हें एक साल और खेलना होगा।

इसी तरह बार के ओलिंपियन और 2010 एशियन गेम्स के सिल्वर मेडलिस्ट तीरंदाज तरुण दीप रॉय को भी अपनी योजना में बदलाव करना होगा। रॉय ने सितंबर में एशियाई खेलों के बाद संन्यास लेने की योजना बनाई थी। रॉय ने एशियन गेम्स कैंसिल होने के बाद कहा कि यह मेरे लिए बड़ा झटका है। मैं 38 बरस का हो चुका हूं और इस साल एशियाई खेलों के बाद संन्यास लेने की योजना बना रहा था। यह मेरी तैयारियों को बड़ा झटका है। मुझे लग रहा था कि पिछले साल ओलिंपिक की निराशा के बाद मैं दोबारा अपने करियर में शीर्ष पर पहुंच रहा था।

सानिया मिर्जा के एशियन गेम्स के टलने से मुश्किल बढ़ गई है।
सानिया मिर्जा के एशियन गेम्स के टलने से मुश्किल बढ़ गई है।

परिवार और कोच से विचार करने के बाद लेंगे आगे का फैसला
रॉय ने आगे कहा, 'मैंने हाल में अंताल्या में पहली बार वर्ल्डकप में मिश्रित स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीता (रिद्धि फोर के साथ मिलकर)। सब कुछ योजना के अनुसार हो रहा था और अब मुझे फिर योजना पर विचार करना होगा। मुझे अपने कोच और परिवार के साथ सलाह मशविरा करके फैसला करना होगा।'

बढ़ती उम्र भी कुछ खिलाड़ियों के सामने चुनौती
ट्रैक एवं फील्ड में सीमा पूनिया सहित 4 से 5 खिलाड़ियों को बढ़ती उम्र के चलते कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। जर्काता में डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली सीमा पूनिया, 800 मीटर में गोल्ड जीतने वाले मनजीत सिंह, 1500 मीटर में गोल्ड और 4 गुणा 400 मीटर रिले में गोल्ड जीतने वाले एमआर पूवम्मा का बढ़ती उम्र की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सीमा 38 साल की हैं, जबकि मनजीत 32 साल के हैं। वहीं जॉनसन और पूवम्मा 31 साल के हैं। जॉनसन अगर फिट होते हैं तो हांग्जो खेलों में खेल सकते हैं, लेकिन अगर खेलों का आयोजन 2023 में होता है तो बढ़ती उम्र के कारण सीमा और पूवम्मा के लिए मुश्किल होगी।