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नरिंदर बत्रा का IOA अध्यक्ष पद से इस्तीफा:हॉकी इंडिया फंड से 35 लाख गबन का आरोप, दिल्ली HC ने एसोसिएशन को भंग किया

नई दिल्ली4 महीने पहले

भारतीय ओलंपिक संघ से नरिंदर बत्रा ने इस्तीफा दे दिया है। इस मौके पर उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि समय आ गया है जब मैं इस भूमिका को किसी ऐसे व्यक्ति पर छोड़ दूं, जो भारतीय खेलों को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए फ्रेश माइंड और नए विचारों के साथ आ रहा है।

पिछले महीने बत्रा के ऊपर हॉकी इंडिया फंड से संबंधित 35 लाख रुपए के निजी उपयोग का आरोप लगाया गया था, जिसमें बत्रा के खिलाफ सीबीआई जांच शुरू कर दी गई थी।

दिल्ली HC ने हॉकी इंडिया को भंग किया
दिल्ली HC ने हॉकी इंडिया को भंग कर दिया है। SC ने रिटायर्ड जज जस्टिस अनिल दवे, पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस वाई कुरैशी व पूरे ओलंपियन जफर इकबाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमिटी बना दी है। यही कमिटी हॉकी इंडिया के संविधान में बदलाव के बाद चुनाव करवाएगी।

नरिंद्र बात्रा द्वारा आजीवन सदस्य की हैसियत से जो भी फैसिलिटी ली गई है, उसके एवज में खर्च हुए सारे पैसे वसूलने का आदेश दिया गया है। इस संदर्भ में समस्त दस्तावेज हॉकी इंडिया ने कमिटी को सौंपे। अनिल खन्ना हॉकी इंडिया के एक्टिंग चीफ होंगे।

आगे बढ़ने से पहले पोल में हिस्सा जरूर लें।

बत्रा काफी लंबे समय से भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष रहे। बुधवार को नरिंदर बत्रा ने इस्तीफे का ऐलान करते हुए कहा, ऐसे समय में जब हॉकी एक जरूरी विकास के दौर से गुजर रही है, अब मैं एक और कार्यकाल इस पद के लिए नहीं चाहूंगा। FIH, हॉकी नेशंस कप और फैंस को टीम की ओर आकर्षित करने वाली गतिविधियों की शुरुआत के बाद इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) के अध्यक्ष की मेरी भूमिका को इन सभी गतिविधियों के लिए और समय चाहिए। इसलिए मैंने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष के रूप में आगे के कार्यकाल के लिए नहीं बढ़ाने का फैसला किया है।

उत्राधिकारी से ओलंपिक मेजबानी दिलाने की उम्मीद

बत्रा ने आगे बताया कि वो चाहते हैं कि उनके उत्तराधिकारी और आगे बढ़ें और भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी का अधिकार दिलाएं। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि समय आ गया है कि मैं इस भूमिका को किसी ऐसे व्यक्ति पर छोड़ दूं जो नए दिमाग और नए विचारों के साथ भारतीय खेलों को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाए और साथ ही भारत में 2036 के समर ओलंपिक के लिए काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाए।

उन्होंने आगे कहा, मुझे अपने IOA के अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान मेरा एक ही लक्ष्य रहा, वो भारतीय खेल की भलाई और उसकी बेहतरी। उन्होंने आगे कहा, मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने पिछले 4 सालों से मेरा जमकर समर्थन किया है और मैं अपने उत्तराधिकारी और पूरे भारत के खेल परिवार को भविष्य में हर सफलता की कामना करता हूं।

हॉकी इंडिया फंड से 35 लाख के गबन का आरोप
बत्रा के ऊपर हॉकी इंडिया फंड से संबंधित 35 लाख रुपए के निजी उपयोग का आरोप लगाया गया था, जिसमें बत्रा के खिलाफ सीबीआई जांच शुरू कर दी गई थी।

अभी हाल के दिनों में नरेंद्र बत्रा और हॉकी इंडिया के बीच मतभेद सामने आए थे, जब उन्होंने खेल महासंघ को कड़ा पत्र लिखकर टूर्नामेंट में भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठाए थे।

असलम शेर खान ने उठाए थे बत्रा पर सवाल
इसके बाद ओलंपियन और 1975 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य असलम शेर खान ने हॉकी इंडिया के मामलों में बत्रा की रुचि पर सवाल उठाए थे। असलम ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) के प्रमुख बत्रा का हॉकी इंडिया के संचालन में हस्तक्षेप स्पष्ट रूप से ‘हितों के टकराव’ का मामला है।

बत्रा को ‘आजीवन सदस्य’ बनाए जाने सहित हॉकी इंडिया में कुछ अनियमित नियुक्तियों को दिल्ली उच्च न्यायालय को चुनौती देने वाले असलम ने कहा था, ''निश्चित तौर पर यह बत्रा द्वारा हितों के टकराव का मामला है। वह एफआईएच अध्यक्ष हैं और उस पद पर रहते हुए वह राष्ट्रीय महासंघ के मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकते.'' नरेंद्र बत्रा साल 2017 में पहली बार IOA के अध्यक्ष चुने गए थे। उसके बाद साल 2021 में वो दूसरी बार भी IOA के अध्यक्ष चुने गए।