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  • Delhi Slept The Whole Match, When I Woke Up, The Caravan Was Robbed; Kolkata Was Ready To Lose, But Victory Was A Gift

IPL 2021 के सबसे रोमांचक मुकाबले की 10 तस्वीरें:पूरे मैच सोती रही दिल्ली, नींद खुली तो कारवां लुट चुका था; कोलकाता हारने वाली थी, लेकिन जीत गिफ्ट में मिल गई

9 दिन पहले

IPL क्वालिफायर 2, एक टीम दिल्ली कैपिटल्स पॉइंट टेबल में ऊपर वाली, 14 में से 10 मैच जीतकर आई हुई; दूसरी किसी तरह गिरते-पड़ते टॉप 4 में जगह बनाने वाली कोलकाता नाइटराइडर्स, 14 में से 7 मैच जीतने वाली।

बच्चे को भी ये आंकड़े बताकर पूछा जाए तो बता देगा दिल्ली ही ज्यादा मजबूत है, लेकिन क्रिकेट तो प्रजेंट टेंस में खेला जाता है। पास्ट टेंस कहां काम आता है। हुआ भी वही। दिल्ली अपनी शान में रह गई और कैच पर कैच टपकाती रही, जैसे मैच तो उन्हीं का है, जैसे भी खेलें जीत जाएंगे।

आखिर के कुछ समय में ऐसा लगा भी, लेकिन एंड रिजल्ट ये निकला कि गलतियों के पिटारे दिल्ली कैपिटल्स को ये मैच गंवाना पड़ा। चलिए मैच की सबसे जरूरी 10 तस्वीरें देखते हैं।

मैच शुरू होने के साथ ही ऋषभ पंत बेकरार नजर आए। वो डगआउट में लगातार बैटिंग की प्रैक्टिस करते रहे। पहली बार टाइम आउट हुआ तो क्रीज पर मौजूद दिल्ली कैपिटल्स के दोनों बल्लेबाज शिखर धवन और मार्कस स्टॉयनिस अच्छा खेल रहे थे, लेकिन पंत दोनों पैरों में पैड पहने मैदान पर चले हुए आ गए। पीछे-पीछे रिकी पोंटिंग आए। पंत बैट्समैन से बात करने लगे।
मैच शुरू होने के साथ ही ऋषभ पंत बेकरार नजर आए। वो डगआउट में लगातार बैटिंग की प्रैक्टिस करते रहे। पहली बार टाइम आउट हुआ तो क्रीज पर मौजूद दिल्ली कैपिटल्स के दोनों बल्लेबाज शिखर धवन और मार्कस स्टॉयनिस अच्छा खेल रहे थे, लेकिन पंत दोनों पैरों में पैड पहने मैदान पर चले हुए आ गए। पीछे-पीछे रिकी पोंटिंग आए। पंत बैट्समैन से बात करने लगे।
दरअसल, श्रेयस अय्यर और शिखर धवन खेल रहे थे और 4 ओवर से, यानी 24 गेंद तक कोई बाउंड्री नहीं लगी थी। पंत ने शायद अपनी बात रखी होगी। टाइम आउट के थोड़े ही समय बाद छक्का मारने की कोशिश में धवन आउट हो गए।
दरअसल, श्रेयस अय्यर और शिखर धवन खेल रहे थे और 4 ओवर से, यानी 24 गेंद तक कोई बाउंड्री नहीं लगी थी। पंत ने शायद अपनी बात रखी होगी। टाइम आउट के थोड़े ही समय बाद छक्का मारने की कोशिश में धवन आउट हो गए।
इसी कोशिश में बेकरार पंत भी 6 गेंद पर 6 रन बनाकर आउट हो गए। वह एक आसान सा कैच थमाकर वापस लौट गए। बस यही से पंत के चेहरे पर निराशा साफ झलकने लगी।
इसी कोशिश में बेकरार पंत भी 6 गेंद पर 6 रन बनाकर आउट हो गए। वह एक आसान सा कैच थमाकर वापस लौट गए। बस यही से पंत के चेहरे पर निराशा साफ झलकने लगी।
उधर दिल्ली के पूर्व कप्तान श्रेयस अय्यर लड़ते रहे। उन्होंने जरूरी मैच में पहले की तरह कप्तानी पारी खेली। उन्होंने आखिरी ओवर में 15 रन लेकर स्‍कोर को 135 रन तक पहुंचाया। नहीं तो पंत की टीम इससे भी कम में सिमट गई होती।
उधर दिल्ली के पूर्व कप्तान श्रेयस अय्यर लड़ते रहे। उन्होंने जरूरी मैच में पहले की तरह कप्तानी पारी खेली। उन्होंने आखिरी ओवर में 15 रन लेकर स्‍कोर को 135 रन तक पहुंचाया। नहीं तो पंत की टीम इससे भी कम में सिमट गई होती।
इस छोटे से स्कोर पर सामने वाली टीम को जब रोकने के लिए पंत उतरे तो उनकी बॉडी लेंग्वेज ही निराश-निराश नजर आ रही थे। न वो अपने बॉलर्स का उत्साह बढ़ाते नजर आए, न तो विकेट के पीछे से उस तरह से बोलते नजर आए। न ही उत्साह के साथ टीम को मैनेज करते नजर आए।
इस छोटे से स्कोर पर सामने वाली टीम को जब रोकने के लिए पंत उतरे तो उनकी बॉडी लेंग्वेज ही निराश-निराश नजर आ रही थे। न वो अपने बॉलर्स का उत्साह बढ़ाते नजर आए, न तो विकेट के पीछे से उस तरह से बोलते नजर आए। न ही उत्साह के साथ टीम को मैनेज करते नजर आए।
इसका असर पूरे मैच में देखने को मिला। बेहद आसान-आसान से कैच छूटे। अपनी गेंद पर शानदार कैच पकड़ने वाले रबाडा ने एक आसान कॉट-एन बोल्ड का मौका गंवा दिया। जब मैच फंस रहा था उस वक्त आर अश्विन ने एक बेहद आसान कैच टपका दिया। तस्वीर में साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी कगिसो रबाडा हैं। इनकी अपनी राष्ट्रीय टीम भी अब तक कोई बड़ा लीग नहीं जीत पाई है। यहां भी खाली हाथ ही रहे।
इसका असर पूरे मैच में देखने को मिला। बेहद आसान-आसान से कैच छूटे। अपनी गेंद पर शानदार कैच पकड़ने वाले रबाडा ने एक आसान कॉट-एन बोल्ड का मौका गंवा दिया। जब मैच फंस रहा था उस वक्त आर अश्विन ने एक बेहद आसान कैच टपका दिया। तस्वीर में साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी कगिसो रबाडा हैं। इनकी अपनी राष्ट्रीय टीम भी अब तक कोई बड़ा लीग नहीं जीत पाई है। यहां भी खाली हाथ ही रहे।
17वें ओवर में जब ऋषभ पंत ने शुभमन गिल का कैच पकड़ा तो वो इतने निराश हो चुके थे कि उन्होंने उसे सेलिब्रेट करना तक ठीक नहीं समझा। सिर्फ गेंद को वापस बॉलर की ओर फेंक दिया, जाओ बॉलिंग करो।
17वें ओवर में जब ऋषभ पंत ने शुभमन गिल का कैच पकड़ा तो वो इतने निराश हो चुके थे कि उन्होंने उसे सेलिब्रेट करना तक ठीक नहीं समझा। सिर्फ गेंद को वापस बॉलर की ओर फेंक दिया, जाओ बॉलिंग करो।
किस्मत कुछ देर यहां भी ऋषभ पर मेहरबान रही कि कोलकाता ने सिर्फ 8 रन में बनाने में 6 विकेट गंवा दिए। तब जाकर किसी तरह पंत की नींद खुली, लेकिन उस जरूरी समय भी श्रेयस अय्यर ने एक कैच टपकाया। इसके बाद पंत जोर लगाते रहे। शाकिब अल हसन का विकेट लेने के लिए अपनी पूरी ताकत से अपील करते रहे, लेकिन तब तक कारवां लुट चुका था।
किस्मत कुछ देर यहां भी ऋषभ पर मेहरबान रही कि कोलकाता ने सिर्फ 8 रन में बनाने में 6 विकेट गंवा दिए। तब जाकर किसी तरह पंत की नींद खुली, लेकिन उस जरूरी समय भी श्रेयस अय्यर ने एक कैच टपकाया। इसके बाद पंत जोर लगाते रहे। शाकिब अल हसन का विकेट लेने के लिए अपनी पूरी ताकत से अपील करते रहे, लेकिन तब तक कारवां लुट चुका था।
इधर जितने बेकरार पंत थे, उधर कोलकाता की टीम में उतने ही बेकरार दिनेश कार्तिक थे। जब-जब टाइम आउट होता वो कप्तान की तरह टीम को निर्देश देने लगते। जबकि कप्तान मोर्गन चुपचाप सुनते रहे। जब बारी मैच की कठिन घड़ी में कोलकाता को उबारने की आई तो कार्तिक 3 गेंद में बिना खाता खोले वापस पवेलियन लौट गए।
इधर जितने बेकरार पंत थे, उधर कोलकाता की टीम में उतने ही बेकरार दिनेश कार्तिक थे। जब-जब टाइम आउट होता वो कप्तान की तरह टीम को निर्देश देने लगते। जबकि कप्तान मोर्गन चुपचाप सुनते रहे। जब बारी मैच की कठिन घड़ी में कोलकाता को उबारने की आई तो कार्तिक 3 गेंद में बिना खाता खोले वापस पवेलियन लौट गए।
इस मैच की यही कहानी रही। कोलकाता ने आखिरी के चार ओवर में अपनी हार सुनिश्चित करने की एक कसर नहीं छोड़ी थी। महज 8 रन के भीतर 6 टॉप ऑर्डर बैट्समैन वापस जाकर बैठ चुके थे, लेकिन दिल्ली ने इतनी गलतियां कीं कि उन्हें जीत गिफ्ट में मिल गई। जिस मार्कस को दिल्ली ने ऐसी कठिन परिस्थिति के लिए खिलाया था वो आखिरी ओवर में मैदान में नहीं थे। आखिरी ओवर अश्विन करने आए और उन्हें राहुल ‌त्रिपाठी ने 20वें ओवर की 5वीं गेंद पर एक शानदार छक्का लगाकर मैच अपने नाम कर लिया।
इस मैच की यही कहानी रही। कोलकाता ने आखिरी के चार ओवर में अपनी हार सुनिश्चित करने की एक कसर नहीं छोड़ी थी। महज 8 रन के भीतर 6 टॉप ऑर्डर बैट्समैन वापस जाकर बैठ चुके थे, लेकिन दिल्ली ने इतनी गलतियां कीं कि उन्हें जीत गिफ्ट में मिल गई। जिस मार्कस को दिल्ली ने ऐसी कठिन परिस्थिति के लिए खिलाया था वो आखिरी ओवर में मैदान में नहीं थे। आखिरी ओवर अश्विन करने आए और उन्हें राहुल ‌त्रिपाठी ने 20वें ओवर की 5वीं गेंद पर एक शानदार छक्का लगाकर मैच अपने नाम कर लिया।
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