CSK का संकटकाल:पहले रैना रहे अनसोल्ड, फिर जडेजा कप्तानी से हटे, अब रायडू संन्यास के ऐलान से पलटे; इस उठापटक की प्रमुख वजहें

मुंबई7 दिन पहलेलेखक: कुमार ऋत्विज

चेन्नई सुपर किंग्स IPL के इतिहास में सबसे ज्यादा 9 बार फाइनल खेलने वाली टीम है। इस सफलता का क्रेडिट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की लीडरशिप और टीम मैनेजमेंट को दिया जाता है। इसके अलावा खिलाड़ियों की आपसी बॉन्डिंग CSK को बाकी टीमों से अलग करती थी।

धोनी, जडेजा और रैना को चेन्नई की त्रिमूर्ति कहा जाता था। पहले रैना को बाहर किया गया, फिर जडेजा को भी टीम के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से अनफॉलो कर दिया गया । टीम के एक और महत्वपूर्ण खिलाड़ी रायडू अचानक संन्यास का ऐलान करते हैं और फिर मैनेजमेंट उनके कहीं न जाने का ऐलान करता है। आगे बढ़ने से पहले पोल में जरूर हिस्सा लें।

अचानक इस टीम पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। फिक्सिंग के कारण 2 साल के लिए बैन होने के बाद शायद ही कभी CSK इतनी मुश्किलों से घिरी दिखी थी। IPL 2022 प्लेऑफ की रेस से बाहर होने के बाद अब टीम में सिर-फुटव्वल है जो खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा। आइए, इस उठापटक की प्रमुख वजहों को जानने की कोशिश करते हैं।

रायडू का संन्यास वाला बयान टीम में चल रही उथल-पुथल का परिणाम

अंबाती रायडू चेन्नई के लिए बेहद सफल बल्लेबाज रहे हैं। मिडिल ऑर्डर में अपनी बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने टीम को कई मुकाबले जिताए। इस बार उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। ऐसे में अचानक उनके ऑफिशियल अकाउंट से ट्वीट आ जाता है कि वह इस सीजन के बाद IPL से रिटायरमेंट ले लेंगे।

चेन्नई सुपर किंग्स के CEO काशी विश्वनाथन सफाई देते हैं कि रायडू कहीं नहीं जा रहे। हो सकता है कि खराब प्रदर्शन के कारण मनोवैज्ञानिक दबाव में उन्होंने यह बयान दे दिया हो। टि्वटर अकाउंट हैक होने की बात भी कही जाने लगी। अगर अकाउंट सचमुच हैक हुआ तो 15 मिनट के भीतर अकाउंट को दोबारा एक्टिव करके वह ट्वीट डिलीट कर देना काफी तेज माना जाएगा।

रायडू को अंदेशा रहा होगा कि एक सीजन के खराब प्रदर्शन के बाद जिस तरह सुरेश रैना को टीम से बाहर किया गया, वही हाल इस बार उनका भी हो सकता है। इसलिए उस दौर के आने से पहले ही रायडू ने संन्यास की घोषणा कर दी। रैना एपिसोड के बाद पुराने खिलाड़ियों के मन में टीम मैनेजमेंट के प्रति विश्वास कम हुआ है।

रवींद्र जडेजा के मामले में लगातार आलोचना का सामना कर रहे चेन्नई के मैनेजमेंट को लगा कि आनन-फानन में लिया गया रायडू का यह निर्णय गलत संदेश दे सकता है। इसलिए तत्काल रायडू के संन्यास वाले बयान का खंडन आ गया।

जडेजा को नहीं दी गई अपने हिसाब से कप्तानी की छूट, फिर बीच सीजन कप्तानी छीनी गई

रवींद्र जडेजा के मामले को मिस हैंडल करने का दुष्परिणाम CSK भुगत रही है। जडेजा को कप्तान के तौर पर सीजन के बीच में रिप्लेस करना फैंस को कुछ खास नहीं भाया। इसके बाद इंस्टाग्राम पर जिस तरह उन्हें अनफॉलो किया गया, इसने भी चिंगारी को हवा दे दी।

सवाल यह खड़ा हुआ कि जब जडेजा को धोनी का उत्तराधिकारी घोषित किया गया, तो फिर उन्हें कप्तानी करने का मौका क्यों नहीं दिया गया? अगर सारे महत्वपूर्ण निर्णय महेंद्र सिंह धोनी को ही लेने थे, तो फिर जडेजा को कप्तान बनाने का क्या मतलब था?

कप्तानी से हटाए जाने के बाद जडेजा ने चुप्पी साध रखी है। उनकी खामोशी पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला रही है। अगर कप्तानी छोड़ने का फैसला सचमुच रवींद्र जडेजा का था, तो इसका ऐलान भी उन्हें खुद करना चाहिए था।

सोशल मीडिया पर अलग-अलग फिल्म अभिनेता के अंदाज में नजर आने वाले सर जडेजा चोट के कारण टीम से बाहर होने के बावजूद खामोश हैं। उनकी खामोशी कुछ न कहकर भी मैनेजमेंट के रवैये के बारे में काफी कुछ बोल रही है।

रैना 2 साल नहीं खेले, टीम दोनों बार प्लेऑफ में नहीं जा सकी

सुरेश रैना चेन्नई के सबसे शानदार बल्लेबाज कहे जाते थे। उनको MR. IPL का भी दर्जा दिया गया। रैना ने टीम को अपने बल्ले के जोर पर अनगिनत मुकाबले जिताए। ऐसे में 2020 के दौरान जब उनके परिवार के कुछ लोग आतंकी हमले में मारे गए, तो रैना ने IPL शुरू होने के पहले ही दुबई से हिंदुस्तान लौटना उचित समझा।

इस फैसले पर जिस तरह चेन्नई के मैनेजमेंट ने रैना को आड़े हाथों लिया, वह उन जैसे खिलाड़ियों के लिए बेहद चौंकाने वाला था। IPL 2021 में रैना को टीम का हिस्सा जरूर बनाया गया, पर यह महसूस किया जा सकता था कि रैना को पहले की तरह सम्मान नहीं मिल रहा। इसके बाद रैना को बेंच पर बिठा दिया गया।

चैंपियन खिलाड़ी के साथ ऐसा बर्ताव देखकर हर कोई हैरान था। इस पूरे एपिसोड का अंत इस अंदाज में हुआ कि सुरेश रैना को IPL 2022 के ऑक्शन में अनसोल्ड रहना पड़ा। रैना के बदले टीम ने कोई भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बैटर नहीं चुना, परिणाम सामने है। साल 2020 और 2022 में रैना चेन्नई के लिए नहीं खेले और दोनों बार टीम को हार का मुंह देखना पड़ा।

अगले सीजन में धोनी की भूमिका बदलने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि टीम विवादों से कैसे पीछा छुड़ाती है।