हीथ स्ट्रीक पर 8 साल का बैन:IPL और इंटरनेशनल मैचों में खिलाड़ियों को फिक्सर से मिलवाते थे जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान

दुबई6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
हीथ स्ट्रीक केकेआर के बॉलिंग कोच रह चुके हैं। - Dainik Bhaskar
हीथ स्ट्रीक केकेआर के बॉलिंग कोच रह चुके हैं।

जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान और तेज गेंदबाज हीथ स्ट्रीक पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC ने) आठ साल का बैन लगा दिया है। उन पर ICC के एंटी करप्शन कोड का पांच बार उल्लंघन करने के आरोप थे। स्ट्रीक ने ये आरोप स्वीकार कर लिए हैं।

2005 में रिटायरमेंट के बाद बतौर कोच बनने वाले स्ट्रीक पर 2017 से 2018 के बीच हुए मुकाबलों में उनकी संदिग्ध भूमिका को लेकर जांच चल रही थी। ये मुकाबले इंटरनेशनल क्रिकेट के भी थे और कुछ T20 लीग जैसे IPL, BPL और अफगानिस्तान प्रीमियर लीग से भी जुड़े थे। उन पर यह आरोप भी हैं कि वे जिन टीमों के कोच रहे उसके खिलाड़ियों को मैच फिक्सर्स से मिलवाते थे।

भ्रष्टाचारियों की टीम के खिलाड़ियों से कराई थी मुलाकात
स्ट्रीक के ऊपर आरोप था कि उन्होंने भ्रष्टाचारियों को अपनी टीम के खिलाड़ियों से मुलाकात करवाई थी। स्ट्रीक ने शुरुआत में अपने ऊपर लगे आरोपों को मानने से इनकार किया, लेकिन फिर उन्हें अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी। ICC के जनरल मैनेजर एलेक्स मार्शल ने कहा, 'हीथ स्ट्रीक को कई सारे करप्शन मामलों में संलग्न पाया गया है। वो भी तब जब उन्हें मालूम था कि वो जिस भूमिका में हैं, वैसा करना उनके पद के नियमों और गरिमा के खिलाफ है।

मैच से जुड़ी सूचनाएं लीक करने के भी आरोप
हीथ स्ट्रीक भ्रष्टाचारियों को टीम के सदस्यों से मिलवाते ही थे साथ ही वे खुद भी मैच से जुड़ी सूचनाएं लीक करते थे। उन्होंने 2018 में IPL, ट्राई सीरीज (श्रीलंका, जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान की भागीदारी वाली) और अफगानिस्तान प्रीमियर लीग से जुड़ी सूचनाएं लीक की थी।

चार खिलाड़ियों को फिक्सरों से मिलवाया था
स्ट्रीक पर आरोप है कि उन्होंने चार खिलाड़ियों को मैच फिक्सर्स से मिलवाया था। इन खिलाड़ियों में एक इंटरनेशनल टीम का कप्तान भी है। इसके एवज में उन्हें महंगे गिफ्ट मिले थे। इन गिफ्ट में दो बिटक्वाइन भी शामिल हैं। इन बिटक्वाइट को उन्होंने 35 हजार डॉलर में कन्वर्ट भी करवाया था। ICC की जांच में संदिग्ध फिक्सर को मिस्टर एक्स कहा गया है। स्ट्रीक की पत्नी को आईफोन भी गिफ्ट किया गया था। इसकी सूचना भी उन्होंने ICC के एंटी करप्शन जांचकर्ताओं को नहीं दी थी।

खबरें और भी हैं...