IPL की गुमनाम कहानी:शेन वॉर्न ने जिस पेसर को खोजा, वो 9 साल से कर रहा वापसी के लिए संघर्ष; जानें कामरान के खेती करने की कहानी में कितना सच?

मऊएक महीने पहलेलेखक: राजकिशोर

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 14वें सीजन का दूसरा फेज शुरू हो रहा है। इस IPL से करियर शुरू कर कई खिलाड़ी टीम इंडिया तक का सफर तय कर चुके हैं। इनमें जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, क्रुणाल पंड्या जैसे नाम शामिल हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी खिलाड़ी हैं, जो IPL में चमके और फिर गुम हो गए। ऐसे ही एक खिलाड़ी हैं कामरान खान, जो एक वक्त IPL में टॉर्नेर्डों यानी तूफान के नाम से जाने जाते थे, लेकिन पिछले 9 साल से वो गुमनाम जिंदगी जी रहे हैं और टीम में वापसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

राजस्थान रॉयल्स से खेले कामरान टीम के पहले कप्तान शेन वॉर्न की खोज थे। वो IPL के तीन सीजन में नजर आए। आखिरी बार 2012 के IPL में खेले। उसके बाद से ही कामरान नहीं, सिर्फ उनको लेकर खबरें नजर आती हैं। किसी ने कहा कि वो खेती कर रहे हैं तो किसी ने कहा कि चकिंग के आरोप लगने के बाद वो क्रिकेट छोड़ चुके हैं। जब दैनिक भास्कर ने उनसे बात की तो एक अलग ही कहानी सामने आई। आइए उस कहानी के बारे में जानते हैं...

कामरान तक पहुंचने के लिए 30 से ज्यादा लोगों से बात हुई, सबके पास थी अलग कहानी

भास्कर ने जब कामरान को खोजना शुरू किया तो मऊ के इस खिलाड़ी का पता करने के लिए 30 से ज्यादा लोगों से बात करनी पड़ी। इनमें उनके साथ राजस्थान रॉयल्स में खेले खिलाड़ी, यूपी के क्रिकेट पदाधिकारी, वहां से खेल चुके खिलाड़ियों से लेकर मऊ की लोकल पॉलिटिक्स से जुड़े लोग शामिल थे। किसी ने कहा कि कामरान क्रिकेट से दूर हैं क्रिकेट सर्किल के लोगों से उनका कोई कनेक्ट नहीं है तो किसी ने कहा कि वो अपने गांव मोहम्मदाबाद में नए खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं, किसी ने कहा कि वह खेती-बाड़ी के काम से जुड़ गए हैं। इस सब से बात करते-करते आखिरकार भास्कर को कामरान का पता चला। और जब उनसे बात हुई तो पता चला कि सच्चाई कुछ और ही है।

मुंबई में ही रहकर कर रहे हैं ट्रेनिंग
कामरान ने बताया कि वह आज भी मुंबई में रह कर प्रोफेशनल क्रिकेट खेल रहे हैं। वह मुंबई में एअर इंडिया की ओर से क्लब क्रिकेट में भाग लेते हैं और आज भी ट्रेनिंग में जुटे हुए हैं और वापसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें विश्वास है कि एक बार फिर उनकी प्रतिभा को कोई पहचान कर IPL में खेलने का मौका देगा।

पत्नी और बेटा मुंबई में रहते हैं
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन से पहले तक वह मुंबई में ही रह रहे थे। फिलहाल अभी लखनऊ में हैं और यहां पर सहारा के ग्राउंड में अभ्यास कर रहे हैं। उनकी पत्नी और बेटा मुंबई में रह रहे हैं। मुंबई के अलावा उनका लखनऊ और मऊ में भी घर है। वह लखनऊ और मऊ आते-जाते रहते हैं।

कामरान 2010 से सहारा में नौकरी कर रहे हैं
कामरान ने कहा कि मैं 2010 से ही सहारा में नौकरी कर रहा हूं। अगर मैं सहारा में जॉब में नहीं कर रहा होता, तो शायद वापसी के बारे में सोच भी नहीं सकता था। सहारा में नौकरी करने की वजह से ही मैं आज भी क्रिकेट पर फोकस कर रहा हूं और एक दिन भी क्रिकेट से दूर नहीं रहता। अगर नौकरी नहीं होती, तो शायद मेरे लिए वापसी के बारे में सोचना आसान नहीं था।

गांव भी जाता हूं, फिट रखने के लिए खेतों में भी काम करता हूं
जब हमने उनके गांव में खेती करने की खबरों के बारे में पूछा तो कामरान ने कहा कि मऊ स्थित मेरे गांव में खेल को लेकर ज्यादा सुविधाएं नहीं हैं। वहां जाने के बाद मैं खुद को फिट रखने के लिए खेतों में काम करता हूं। ऐसे में मीडिया में एक रिपोर्ट छपी कि मैं क्रिकेट छोड़कर खेती-बाड़ी कर रहा हूं, लेकिन ऐसा नहीं है, मैं आज भी क्रिकेट से जुड़ा हुआ हूं।

मोहम्मदाबाद में भतीजे की निगरानी में एकेडमी
क्रिकेट ट्रेनिंग एकेडमी की कहानी के बारे में पूछने पर कामरान ने कहा कि मोहम्मदाबाद में आज भी मेरी क्रिकेट एकेडमी है। इस एकेडमी का संचालन मेरा भतीजा कर रहा है। वह भी राज्यस्तरीय खिलाड़ी है। साथ ही वहां पर कोच भी हैं, जो बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं।

मुंबई में करना पड़ा संघर्ष, कोच ने दिया साथ
स्पीड स्टार ने कहा कि यूपी से मौका नहीं मिलने पर मैं मुंबई चला गया। मैं मिडिल क्लास परिवार से हूं और हम 9 भाई-बहन हैं। मेरी दो बहनें और 6 भाई मेरे से बड़े हैं। पापा ही कमाने वाले थे। ऐसे में मुझे भी जाकर मुंबई में संघर्ष करना पड़ा। खाने-पीने से लेकर रहने तक की चुनौती का सामना करना पड़ा। पर मेरा एक ही सपना था, क्रिकेट में देश के लिए कुछ करना। एक रूम में हम दस लोग रहते थे। मेरे कोच नौशाद सर ने मेरा साथ दिया और उन्होंने मुझे मुंबई पुलिस के क्लब से खेलने का मौका दिलाया।

डीवाई पाटिल टूर्नामेंट से पहुंचे राजस्थान रॉयल्स टीम में
मुझे डीवाई पाटिल टूर्नामेंट से राजस्थान रॉयल्स में खेलने का मौका मिला। इस टूर्नामेंट में IPL की टीमों के कोच, मैनेजर सहित अन्य कोचिंग स्टाफ आए हुए थे। मैं पुलिस क्लब से खेल रहा था। पहले मैच में मुझे चार विकेट हासिल हुए। मैच में राजस्थान रॉयल्स के कोचिंग डायरेक्टर डैरेन बैरी और कई स्टाफ आए हुए थे। उन्होंने मैच के बाद मुझे राजस्थान रॉयल्स के लिए चुन लिया। 2009 से 2010 तक राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने का मौका मिला। शेन वॉर्न ने मुझे पूरा सपोर्ट किया और हर परिस्थिति में मेरे साथ खड़े रहे।

शुरुआत में ही मेरे एक्शन पर सवाल उठे, क्लियरेंस भी मिला
2009 में ही मेरे एक्शन को लेकर विवाद हुआ। मैंने 9 मैचों में नौ विकेट लिए। मुझ पर चकिंग के आरोप लगे। मैं ऑस्ट्रेलिया गया, वहां से क्लियरेंस का सर्टिफिकेट लेकर आया। मुथैया मुरलीधरन, हरभजन सिंह सहित कई गेंदबाज भी चकिंग के आरोप लगने के बाद ऑस्ट्रेलिया से ही क्लियरेंस लेकर आए थे। मैं भी वहां से क्लियरेंस लेकर आया।

उसके बाद नेशनल क्रिकेट एकेडमी में रहा। वहां से भी मुझे क्लियरेंस मिली। मैंने 2011 तक IPLखेला। फिर हैदराबाद से अंडर- 23 में खेला। दो बार 5-5 विकेट लिए, पर मुझे रणजी में मौका नहीं मिला। मैं यूपी से भी अंडर-23 में खेला। मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी खेला। विकेट भी लिया, लेकिन मुझे आगे रणजी में मौका नहीं मिला। उसी तरह फिर IPL में भी मौका नहीं मिला पाया।

आज भी 140 की रफ्तार से फेंक रहा हूं गेंद
जब हमने उनसे चकिंग क्लियरेंस के बाद स्पीड कम होने के बारे में पूछा तो 30 साल के कामरान ने कहा कि मैं आज भी 140 की स्पीड से गेंद फेंक रहा हूं। पिछले साल कोलकाता लीग में भी खेला हूं। वहां विकेट के साथ रन भी बनाए। मुझे नहीं पता कि मेरे साथ क्या हो रहा है, लेकिन मुझे इतना विश्वास है कि फिर से किसी की नजर मेरे ऊपर पड़ेगी और मुझे जरूर IPL में और देश से खेलने का मौका मिलेगा।

कामरान खान IPL में वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
कामरान खान IPL में वापसी का इंतजार कर रहे हैं।

मैं इंडिया से खेलना चाहता हूं
कामरान कहते हैं कि मैं अभी 30 साल का हूं मेरे पास पांच साल बचे हुए हैं। चाहता तो मैं भी अन्य खिलाड़ियों की तरह संन्यास लेकर दूसरे देशों में जाकर लीग और उनकी टीम से खेल सकता था, पर मैं भारत से ही खेलना चाहता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि मेरी मेहनत और प्रतिभा को अवश्य कोई पहचानेगा और मुझे जरूर एक बार फिर मौका मिलेगा।

कामरान ने फेंका था IPLका पहला सुपर ओवर
आईपीएल के इतिहास में पहला सुपर ओवर फेंकने का रिकॉर्ड कामरान खान के नाम है। 2009 में कप्तान शेन वॉर्न ने टीम में कई दिग्गज तेज गेंदबाज होने के बावजूद सुपर ओवर में कामरान पर भरोसा दिखाया था। 2009 और 2010 में राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रहने वाले कामरान ने 2011 में पुणे वारियर्स इंडिया का दामन थाम लिया था।

कामरान ने खेले हैं दो फर्स्ट क्लास मैच
आईपीएल के 9 मैचों में 9 विकेट लेने वाले कामरान ने अपने टी20 करियर में 11 मैचों में 11 विकेट लिए हैं। आईपीएल में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/18 है। इसके अलावा कामरान ने दो फर्स्ट क्लास मैच भी खेले हैं। इसमें उन्होंने पांच विकेट लिए हैं।

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