पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

SRH टीम का SWOT एनालिसिस:टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी और डेथ ओवर गेंदबाजी टीम की मजबूती, फिनिशर की कमी टीम को पड़ सकती है भारी

चेन्नई8 दिन पहले

पिछले 5 सीजन में IPL की सबसे कंसिस्टेंट टीम रही सनराइजर्स हैदराबाद इस बार भी टाइटल की सबसे प्रबल दावेदारों में एक है। टीम की बैटिंग लाइनअप जितनी आक्रमक है, गेंदबाजी उतनी ही मजबूत। टीम के कप्तान डेविड वॉर्नर को इस बार अपना साथी और परफेक्ट-11 चुनने में दिक्कत हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि टीम में उनके अलावा केन विलियम्सन, जेसन रॉय, जॉनी बेयरस्टो और ऋद्धिमान साहा मौजूद हैं। साहा को छोड़ सभी खिलाड़ी पिछले कुछ समय से इंटरनेशनल क्रिकेट खेल रहे हैं और शानदार फॉर्म में हैं।

वहीं, टीम का मिडिल ऑर्डर पिछले साल कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाया था। अनुभवी केदार जाधव के आने से यह कमी दूर हुई है। वे टीम के लिए X फैक्टर साबित हो सकते हैं। हालांकि, मैच फिनिशर की कमी टीम को इस साल भी परेशान कर सकती है। चलिए इसी बात पर 2021 सीजन के लिए SRH की टीम का SWOT एनालिसिस करते हैं। यानी टीम की मजबूती (Strength), कमजोरी (Weakness), अवसर (Opportunity) और खतरे (Threat) का विश्लेषण।

स्ट्रेंथ-1 : आक्रमक बल्लेबाजी

डेविड वॉर्नर की अगुवाई में हैदराबाद की टीम का बैटिंग लाइनअप बेहद आक्रमक है। 2016 में दूसरी बार IPL जीतने के बाद से हैदराबाद की टीम पिछले 5 सीजन में लगातार प्लेऑफ में जगह बनाने में कामयाब रही है। 2015 से लेकर अब तक वॉर्नर टीम के लिए फ्रंट से लीड करते नजर आए।

वे IPL के लगातार 6 सीजन में 500+ रन बनाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। 2018 में वॉर्नर की गैरमौजूदगी में विलियम्सन ने टीम की कप्तानी की थी। टीम की कोर स्ट्रेंथ पहले से बनी हुई है। यही वजह रही कि टीम ने इस साल ऑक्शन में सिर्फ 3 प्लेयर खरीदे।

बेयरस्टो के मौजूदा फॉर्म को देखते हुए वे टॉप ऑर्डर में वॉर्नर के साथ ओपनिंग उतर सकते हैं। यह दोनों औसतन पहले 6 ओवर (पावरप्ले) में 60 रन बनाते हैं। इसके बाद विलियम्सन, जाधव, मनीष पांडे और साहा जैसे बल्लेबाज किसी भी बॉलिंग लाइनअप को तहस-नहस करने की काबिलियत रखते हैं।

लोअर ऑर्डर में अभिषेक शर्मा, राशिद खान और भुवनेश्वर कुमार भी बल्लेबाजी कर सकते हैं। अगर इनमें से कोई खिलाड़ी चोटिल होता है, तो बैकअप में जेसन होल्डर, रॉय, प्रियम गर्ग, विजयशंकर, अब्दुल समद और प्रियम गर्ग जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं। हालांकि, वॉर्नर को विलियम्सन और होल्डर में से किसी एक खिलाड़ी को स्क्वॉड में शामिल करना होगा।

स्ट्रेंथ-2 : गेंदबाजी में डेथ ओवर स्पेशलिस्ट की भरमार
हैदराबाद की टीम हमेशा से अपनी गेंदबाजी के लिए जानी जाती रही है। भुवनेश्वर के फिट होने से टीम को राहत मिली है। पिछले सीजन में वे चोट की वजह से 3 मैच ही खेल पाए थे। उन्हें कंपनी देने के लिए यॉर्कर स्पेशलिस्ट टी नटराजन और संदीप शर्मा जैसे गेंदबाज मौजूद हैं।

हैदराबाद को अपने 14 में से शुरुआती 5 मैच चेन्नई में खेलने हैं। ऐसे में राशिद खान, जाधव और अभिषेक टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। इसके अलावा टीम को दिल्ली में 4, कोलकाता में 3 और बेंगलुरु में 2 मैच खेलने हैं।

कमजोरी
पिछले सीजन में हैदराबाद को मिडिल ऑर्डर में किसी अच्छे बल्लेबाज और एक फिनिशर की कमी खली थी। पिछले सीजन में टीम विलियम्सन के ईर्दगिर्ड घूम रही थी। विजयशंकर को टीम में एक अच्छे ऑलराउंडर के तौर पर देखा जाता है, लेकिन वे अब तक खुद का साबित नहीं कर सके हैं। पिछले सीजन में उन्होंने 7 मैच में 97 रन बनाए थे।

हालांकि, इस साल टीम ने जाधव को ऑक्शन में खरीदा है। पर देखने वाली बात यह होगी कि पिछले कुछ समय से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर रहे महाराष्ट्र का यह बल्लेबाज खुद को नई टीम में कैसे एडजस्ट कर पाएगा।

पिछले सीजन में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स से खेलते हुए उन्होंने 8 मैच में 62 रन बनाए थे। वहीं, हाल ही में हुए विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने 5 मैच में 68.66 की औसत से 206 रन बनाए थे। इन दोनों के अलावा प्रियम गर्ग, अभिषेक शर्मा और अब्दुल समद के पास अनुभव की कमी भी टीम की कमजोरी साबित हो सकती है। यह सभी खिलाड़ी पिछले सीजन में खुद को साबित करने में कामयाब नहीं हो पाए थे।

अवसर

  • ऋद्धिमान साहा पिछले सीजन में ओपनर के तौर पर सिर्फ 4 मैच खेल पाए थे। पर इतने मैचों में उन्होंने 71.33 की औसत और 139.86 के स्ट्राइक रेट से 214 रन बनाए थे। अगर उन्हें इस साल ऊपर बैटिंग करने को मिलता है, तो वे सामने वाली टीम के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
  • केदार जाधव पिछले सीजन में आउट ऑफ फॉर्म। ऐसे में वे रन बनाकर खुद को साबित कर सकते हैं। ऐसा नहीं हुआ, तो अगले सीजन में किसी टीम में जगह बनाना उनके लिए मुश्किल होगा।
  • नेशनल टीम से ड्रॉप हो चुके मिडिल ऑर्डर बैट्समैन मनीष पांडे के लिए यह सीजन करो या मरो वाली है। टी-20 वर्ल्ड कप को देखते हुए भारत के पास स्क्वॉड में अब कई ऑप्शन मौजूद हैं। ऐसे में पांडे इस सीजन में अच्छा परफॉर्म कर एक बार फिर से टीम इंडिया में वापसी करना चाहेंगे।
  • 2016 के बाद से टीम प्लेऑफ में पहुंचने के बाद भी टाइटल नहीं जीत सकी है। 2017 में KKR ने उन्हें एलिमिनेटर में हराया था। वहीं, 2018 में टीम रनरअप रही थी। टीम 2019 में एलिमिनेटर और 2020 में क्वालिफायर-2 से बाहर हो गई थी। इस बार SRH अपने ट्रॉफी के सूखे को खत्म करना चाहेगी।

खतरा

  • हैदराबाद की टीम मुख्य तौर से अपने टॉप ऑर्डर पर निर्भर रहती है। अगर यह फेल होते हैं, तो मिडिल ऑर्डर और लोअर ऑर्डर पर सारा दबाव आ जाएगा, जो कि पिछले कुछ सीजन में कुछ खास नहीं रही है।
  • गेंदबाजी में भी हैदराबाद की टीम राशिद और भुवनेश्वर पर पूरी तरह निर्भर है। टीम के अन्य गेंदबाजों को भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा। अगर इन दोनों में से कोई चोटिल होता है, तो किसी दूसरे गेंदबाज को अपने ऊपर जिम्मेदारी लेनी होगी।
  • वॉर्नर के लिए सही बैटिंग ऑर्डर चुनना भी एक चुनौती रहेगी। उनके पास टॉप ऑर्डर में कई बैट्समैन हैं। यह भी देखना होगा कि मोहम्मद नबी, होल्डर, विलियम्सन, रॉय, बेयरस्टो, राशिद और मुजीब जैसे विदेशी स्टार प्लेयर्स को वॉर्नर कैसे मैनेज करते हैं।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव - आपका संतुलित तथा सकारात्मक व्यवहार आपको किसी भी शुभ-अशुभ स्थिति में उचित सामंजस्य बनाकर रखने में मदद करेगा। स्थान परिवर्तन संबंधी योजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए समय अनुकूल है। नेगेटिव - इस...

और पढ़ें