IPL ने तैयार की भारत की नई फास्ट बॉलिंग फौज:उमरान बने भारत के सबसे तेज गेंदबाज, मोहसिन-मुकेश और यश ने लिए 10 से ज्यादा विकेट

अहमदाबाद4 महीने पहलेलेखक: कुमार ऋत्विज

जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव जैसे दिग्गज फास्ट बॉलर्स के बाद भारत की पेस बैटरी कैसी होगी? यह सवाल लंबे से इंडियन क्रिकेट फैंस के मन में घूम रहा है। IPL 2022 ने तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। आगे बढ़ने से पहले पोल में जरूर हिस्सा लें।

आज हम आपको 5 ऐसे उभरते तेज गेंदबाजों के नाम बताएंगे, जिनके भीतर इंडिया के नए स्पीड स्टार्स बनने की सारी खूबियां मौजूद हैं और जो भविष्य में टीम इंडिया के लिए खेल सकते हैं।

जम्मू एक्सप्रेस उमरान का जलवा

सनराइजर्स हैदराबाद के लिए इस सीजन 14 मुकाबलों में 22 विकेट चटकाने वाले जम्मू एक्सप्रेस यानी उमरान मलिक की चर्चा हर तरफ हो रही है। उमरान 1970-80 के दशक में कैरेबियाई तेज गेंदबाजों के दबदबे की याद दिलाते हैं। पंजाब किंग्स के कप्तान मयंक अग्रवाल ने जब बल्लेबाजी के लिए जाते उमरान को स्लेज किया, तो उन्होंने अपनी तेज रफ्तार गेंद से इसका करारा जवाब दिया। लास्ट सीजन जॉनी बेयरस्टो जैसे दिग्गज बल्लेबाज ने नेट्स पर उमरान से धीरे गेंदबाजी करने की गुजारिश की थी।

बल्लेबाजों को पेस के बूते धमका कर उनके विकेट चटकाने वाला यह स्पीड स्टार आने वाले समय में टीम इंडिया की पेस बॉलिंग को लीड कर सकता है। 157kmph की रफ्तार से सीजन की फास्टेस्ट बॉल डालकर उमरान ने विश्व क्रिकेट के तमाम बल्लेबाजों को पहले ही खबरदार कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज में टीम का हिस्सा बनाए गए उमरान को इंडियन जर्सी में देखना रोचक होगा।

लेफ्ट आर्म पेसर मोहसिन बन सकते हैं टीम इंडिया के अगले जहीर और इरफान

मोहसिन खान 3 सीजन तक मुंबई इंडियंस की टीम का हिस्सा रहे, लेकिन उन्हें एक भी मुकाबला खेलने नहीं दिया गया। किसी भी तेज गेंदबाज के लिए ऐसी परिस्थिति में संयम बनाए रखना बेहद मुश्किल होता है। मोहसिन ने इंतजार किया। लखनऊ ने भी IPL 2022 के पहले मुकाबले में साधारण प्रदर्शन के बाद मोहसिन को टीम से ड्रॉप कर दिया गया था।

कुछ मुकाबले बेंच पर बैठने के बाद उन्हें जब दोबारा टीम में मौका मिला, तो मोहसिन ने कमाल कर दिया। उन्होंने 9 मुकाबलों में 14 विकेट चटकाए, इस दौरान दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 16 रन देकर चार विकेट लेना उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा। यह बताता है कि 5.97 की इकोनॉमी से IPL 2022 में रन देने वाले मोहसिन के लिए टीम इंडिया के दरवाजे लंबे अरसे तक बंद नहीं रहेंगे।

मोहसिन का लेफ्ट-आर्म एंगल और बल्लेबाज को चौंकाने की क्षमता रखने वाला उनका बाउंसर, मोहसिन की सबसे बड़ी ताकत है। उनके हेवी बॉल पर बाउंड्री मारना किसी भी बल्लेबाज के लिए बहुत मुश्किल होता है। अगर उन्होंने अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखी, तो वह जल्दी ही हमें भारतीय टीम में नजर आएंगे।

मुकेश चौधरी की घातक सीम और स्विंग उन्हें बनाती है स्पेशल बॉलर

दीपक चाहर की चोट के बाद चेन्नई सुपर किंग्स की गेंदबाजी काफी कमजोर नजर आ रही थी। ऐसे में मुकेश चौधरी को टीम में शामिल किया गया। उन्होंने अपनी लाजवाब गेंदबाजी से टीम को कई मुकाबले जिताए। इस सीजन 13 मैच खेलकर 16 विकेट चटकाने वाले मुकेश को आने वाले वक्त में लेफ्ट हैंड फास्ट बॉलिंग ऑप्शन के तौर पर टीम इंडिया में जगह मिल सकती है।

मुंबई इंडियंस के खिलाफ 46 रन देकर 4 बड़े विकेट चटकाना मुकेश का बेस्ट बॉलिंग फिगर रहा। 2021-22 की विजय हजारे ट्रॉफी में मुकेश महाराष्ट्र के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। वह पावरप्ले के दौरान गेंद को सीम और स्विंग करा सकते हैं। उम्मीद है कि अगले IPL सीजन में दीपक चाहर और मुकेश चौधरी साथ मिलकर चेन्नई की फास्ट बॉलिंग को लीड करेंगे। यह घातक तेज गेंदबाजी कॉम्बिनेशन विरोधी टीमों पर भारी पड़ सकता है।

आने वाले वक्त में चमक सकती है रफ्तार के साथ बेहतरीन लाइन-लेंथ वाले यश दयाल की किस्मत

गुजरात टाइटंस अपने पहले ही IPL सीजन में फाइनल खेल गई। इस शानदार सफलता में यश दयाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 9 मुकाबले खेल कर 11 विकेट चटकाने वाले इस पेसर ने GT के लिए महत्वपूर्ण लम्हों में विकेट चटकाए। लगातार 147kmph के आसपास की रफ्तार से डेक को हिट करने वाले यश दयाल आने वाले वक्त में टीम इंडिया की पेस बैटरी का महत्वपूर्ण अंग बन सकते हैं।

यश दयाल का ये डेब्यू IPL है। यश दयाल 2021-22 विजय हजारे ट्रॉफी में टॉप-10 विकेट टेकर्स में थे। उनके पास बॉल को दोनों तरफ स्विंग करवाने की क्षमता है। यश अपना टारगेट 150 की रफ्तार तक पहुंचने का बताते हैं। अगर दयाल अपनी रफ्तार को लाइन-लेंथ के साथ साध पाते हैं, तो बायें हाथ का ये तेज गेंदबाज दिग्गज बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

कुलदीप की पेस दिग्गज बल्लेबाजों को कर सकती है परेशान

राजस्थान रॉयल्स 2008 के पहले सीजन के बाद पहली बार IPL के फाइनल में पहुंची। इसमें कुलदीप सेन की तेज गेंदबाजी का काफी महत्वपूर्ण योगदान है। 7 मुकाबले खेलकर आठ विकेट चटकाने वाले कुलदीप का बेस्ट प्रदर्शन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 20 रन देकर चार विकेट लेना रहा। लगातार 145kmph की रफ्तार से गेंदबाजी करने में सक्षम कुलदीप टीम इंडिया में बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों की तलाश खत्म कर सकते हैं।

2012 से लगातार भारत क्वालिटी लेफ्ट आर्म पेसर्स की लगातार खोज में है। वह खोज कुलदीप सेन पर आकर खत्म हो सकती है।