कोलकाता को जीत दिलाने वाले रिंकू सिंह की कहानी:पिता सिलेंडर डिलीवरी का करते थे काम, खराब माली हालत की वजह से रिंकू ने छोड़ी पढ़ाई

मुंबई2 महीने पहले
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राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेले गए मैच में प्लेयर ऑफ द मैच रहे 24 साल के रिंकू सिंह को IPL तक के सफर में कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ा है। रिंकू ने कोलकाता के लिए 23 गेंदों पर नाबाद 42 रन की पारी खेली। परिवार की माली आर्थिक की वजह से उन्हें मैट्रिक से पहले ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी और साफ- सफाई की नौकरी करनी पड़ी। रिंकू के पिता सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। 5 भाई-बहनों में रिंकू तीसरे नंबर हैं। उन्होंने नौकरी के साथ ही क्रिकेट को जारी रखा। बाद में साफ-सफाई की नौकरी भी छोड़कर अपना पूरा फोकस क्रिकेट पर किया।

2017 में IPL ऑक्शन में पंजाब ने खरीदा
रिंकू सिंह को सबसे पहले 2017 के IPLऑक्शन में पंजाब किंग्स ने 10 लाख रुपये में खरीदा। हालांकि, उन्हें खेलने का मौका 2018 में KKR ने दिया। उन्हें 4 मैच खेलने का मौका मिला। 2019 में 5 और 2020 में सिर्फ एक मैच में उतरने का मौका मिला। 2021 में वह चोट की वजह से IPLसे बाहर रहे।
2022 IPL के मेगा ऑक्शन में KKR ने फिर से भरोसा जताते हुए 55 लाख रुपये में खरीदा। वहीं मौजूदा सीजन में अब तक खेले 3 मैच में 50 की औसत से 100 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 149.25 का रहा।

नीतीश राणा के साथ की 66 रन की नाबाद साझेदारी
रिंकू सिंह ने नीतीश राणा के साथ चौथे विकेट लिए 66 रन की नाबाद साझेदारी की। उन्होंने 23 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाए। इनमें 6 चौके और एक छक्का भी शामिल है। वहीं राणा ने 37 गेंदों पर नाबाद 48 रन बनाए। जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल है।

कोलकाता ने राजस्थान को 7 विकेट से हराया
IPL के सोमवार को खेले गए मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हराया। टीम के लिए यह जीत काफी अहम रही, क्योंकि कोलकाता ने जीत का स्वाद 5 मैचों के हार के बाद चखा। मैच में राजस्थान ने पहले खेलते हुए 5 विकेट पर 152 रन बनाए थे। जवाब में KKR ने लक्ष्य को 19.1 ओवर में 3 विकेट पर हासिल कर लिया।