IPL सट्टेबाजी केस में CBI का खुलासा:2019 में पाकिस्तान से मिले इनपुट पर चलता था सट्टेबाजी नेटवर्क, कई सरकारी अफसर भी शामिल

दिल्ली5 दिन पहले

CBI ने शनिवार को IPL सट्टेबाजी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। CBI ने कहा कि 2019 में IPL टूर्नामेंट में मैच का नतीजों पर असर डालने के लिए सट्टेबाजी नेटवर्क पाकिस्तान से मिले इनपुट्स के आधार पर काम करता था। जांच एजेंसी का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान से ऑपरेट किया जा रहा था।

CBI ने इस मामले में एक केस भी दर्ज कर लिया है। 3 लोगों को मैच फिक्सिंग और बेटिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। CBI ने दिल्ली, जोधपुर, हैदराबाद और जयपुर के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। छापेमारी के जरिए 2019 IPL फिक्सिंग में शामिल सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने का प्रयास किया गया है। आरोप है कि इस सीजन में पाकिस्तान से आईपीएल मुकाबलों के नतीजों को प्रभावित किया जा रहा था।

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IPL सट्टेबाजी में CBI के 5 बड़े खुलासे

1. CBI ने बताया कि IPL में सट्टेबाजी के दौरान हवाला के जरिए पैसों का लेनदेन किया जाता था।

2. कुछ लोग मिलकर पूरे भारत में नेटवर्क चला रहे थे, जिसके तहत लोगों को IPL बेटिंग में खींचा जा रहा था।

3. सट्टेबाज वकास मलिक नाम के एक पाकिस्तानी नागरिक के संपर्क में थे, जिसका नंबर शुरुआती जांच के दौरान पहले ही ट्रेस कर लिया गया है।

4. यह नेटवर्क 2013 से सट्टेबाजी में शामिल है। इनके बीच लगभग 10 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था।

5. सट्टेबाजों ने फर्जी पहचान के जरिए बैंक खाते खोले और अज्ञात बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से ग्राहकों के दस्तावेज (आईडी और केवाईसी) बनवाए। ये बैंक खाते फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोले गए।

2010 से एक्टिव है सट्टेबाजी नेटवर्क

CBI ने FIR में दिलीप कुमार, गुरराम सतीश, गुरराम वासु सज्जन सिंह, प्रभु लाल मीणा, राम अवतार और अमित कुमार शर्मा को आरोपी बनाया है। CBI ने कहा कि कुछ सरकारी अधिकारी भी 2010 से IPL सट्टेबाजी में एक्टिव हैं। इसके अलावा कुछ और अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

2019 के IPL में मुंबई इंडियंस की टीम ने खिताब जीता था।
2019 के IPL में मुंबई इंडियंस की टीम ने खिताब जीता था।

CBI पूरे भारत में सट्टेबाजी नेटवर्क की जांच कर रही
CBI पूरे भारत के सट्टेबाजी नेटवर्क की जांच कर रही है, जिसका पाकिस्तान से सीधा संबंध है। कई शहरों में कई लोग जांच के घेरे में हैं। अब तक जांच एजेंसी की तरफ से यह नहीं बताया गया है कि किन मुकाबलों को प्रभावित करने की कोशिश गई थी।

IPL 6 में सबसे पहले सामने आया था फिक्सिंग का जिन्न
16 मई 2013, को IPL 6 के दौरान दिल्ली पुलिस ने स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में श्रीसंत और राजस्थान रॉयल्स के दो अन्य खिलाडियों, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण को मुंबई से गिरफ्तार किया था। आरोप था कि श्रीसंत के चचेरे भाई और गुजरात अंडर-22 खिलाड़ी रह चुके जीजू जनार्दन ने इस स्पॉट फिक्सिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।