टूट गया मुंबई का खिताबी हैट्रिक का सपना:सबसे ज्यादा बार IPL जीतने वाली टीम प्लेऑफ में भी नहीं पहुंच पाई, दूसरे फेज में बल्लेबाजों ने किया निराश

13 दिन पहले
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मुंबई इंडियंस ने IPL 2021 के अपने आखिरी लीग मुकाबले में कमाल का प्रदर्शन करते हुए हैदराबाद को 42 रन से हरा दिया। इस शानदार जीत के बावजूद टीम प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई। आखिरी बार मुंबई साल 2018 में प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई थी। मुंबई पिछले दो सीजन से IPL चैंपियन रही है।

टीम के पास इस सीजन खिताबी हैट्रिक बनाने का सुनहरा मौका था, लेकिन रोहित की सेना इससे चुक गई। मुंबई IPL में सबसे ज्यादा पांच बार विजेता रही है। खास बात ये है कि 2013 के बाद रोहित की टीम ने हर वो IPL सीजन जीता है, जो ऑड नंबर वाले साल में हुआ है, लेकिन इस बार फैंस का ये बड़ा मिथक भी टूट गया।

दूसरे फेज में टीम का मध्यक्रम रहा पूरी तरह फ्लॉप
IPL 2021 के दूसरे फेज में मुंबई का मध्यक्रम बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाया। सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, पोलार्ड और ईशान किशन उस लय में नजर नहीं आए जैसे पिछले दो सीजन में नजर आए थे। हार्दिक के बल्ले से इस सीजन 12 मैचों में सिर्फ 127 रन निकले।

सूर्यकुमार यादव ने इस सीजन 14 मैच में 317 रन बनाए। दूसरे फेज के शुरू के मैचों में इस खिलाड़ी का बल्ला एकदम नहीं चला। आखिरी कुछ मैचों में सूर्यकुमार ने फॉर्म में वापसी की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

ईशान किशन भी दूसरे फेज के आखिरी मैचों में ही अपने बल्ले का जौहर दिखा पाए। उनके खराब फॉर्म के कारण कई मैचों में वो प्लेइंग इलेवन से बाहर रहे। किशन ने इस सीजन 10 मैचों में 241 रन बनाए।

पोलार्ड का प्रदर्शन पहले फेज में शानदार रहा था। चेन्नई के खिलाफ उनकी पारी भला कौन भूल सकता है, लेकिन सीजन के दूसरे फेज में इस खिलाड़ी ने अपनी टीम को पूरी तरह से निराश किया। इस सीजन टी-20 के इस दिग्गज बल्लेबाज ने 14 मैच में 245 रन बनाए।

क्विंटन डी कॉक ने भी किया निराश
मुंबई के लिए क्विंटन डी कॉक भी दूसरे फेज में कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। कोलकाता के खिलाफ 55 रनों की पारी को छोड़ दें, तो इसके अलावे उन्होंने कोई भी बड़ी पारी नहीं खेली।

उनके लगातार खराब प्रदर्शन के कारण सीजन के आखिरी मैचों में डी कॉक को प्लेइंग इलेवन से भी बाहर कर दिया गया। डी कॉक ने अपने आखिरी पांच IPL मैचों में 19, 27, 24, 55 और 17 के स्कोर बनाए। बल्लेबाजों का खराब प्रदर्शन दूसरे फेज में मुंबई के टीम की सबसे बड़ी समस्या रही।