नादानियों पर सवाल पूछा तो पंत जवाब नहीं दे पाए:20वें ओवर में रबाडा के बजाए टॉम करन से बॉलिंग कराने पर बोले पंत- नहीं बता सकता कैसा महसूस कर रहा हूं

8 दिन पहले

IPL के पहले क्वालिफायर में मैच हारने के बाद एक क्‍विक टिप्पणी करने आए दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत को दुखी और बोलते-बोलते अचानक रुकते हुए सुना गया। वो सवालों का सही से जवाब नहीं दे पा रहे थे। उन्होंने बेहद दुखी अंदाज में कहा कि वो फिलहाल नहीं बता सकते कि वो कैसा महसूस कर रहे हैं। आइए आपको पूरी कहानी बताते हैं-

किसी बड़ी लीग के बड़े मैच में बतौर कप्तान ऋषभ पंत का ये पहला मैच था। इसमें उन्होंने साहसिक फैसले भी किए, लेकिन उनके सारे फैसले गलत साबित हुए। कमेंट्रेटर्स ने भी उन्हें युवा कप्तान कहकर मजाक बनाया। असल में जब दिल्ली की पारी के 2 विकेट गिरे तो उन्होंने अक्षर पटेल को बैटिंग के लिए भेज दिया। जबकि खुद और सिमरन हेटमायर जैसे बल्लेबाजों को स्टैंड में बिठाए रखा। अक्षर ने 11 गेंद में 10 रन की एक धीमी पारी खेली, जिससे दिल्ली के तेज रफ्तार से चल रही रन गति अचानक धीमी हो गई।

पंत का एक और साहसिक कदम था, लेकिन वो भी उनके ऊपर उल्टा पड़ गया। मामला था 19वें ओवर के आखिरी गेंद का जिस पर टॉम करन ने एक भी रन नहीं लिया, क्योंकि वो चाहते थे आखिरी ओवर स्ट्राइक पंत लें। यहां तक तो ठीक था, लेकिन पंत ने छक्का लगाने के चक्कर में 20वें ओवर की शुरुआती तीन गेंदें डॉट खेल दीं। पंत गेंद को मारने के बाद भी भाग नहीं रहे थे, जैसे कभी धोनी किया करते थे, लेकिन हुआ ये कि वो आख‌िरी ओवर में एक भी छक्का नहीं लगा पाए। सिर्फ 1 चौके की मदद से 8 रन जुटाए।

चेन्नई को 20वें ओवर में 13 रन चाहिए थे। कमेंट्री करने वालों से लेकर बाद में मैच के सेरेमनी एरिया में आने वाले एक्सपर्ट्स तक तो यही लगा था कि ये ओवर कगिसो रबाड़ा ही फेंकेंगे, लेकिन पंत ने एक चौंकाने वाला फैसला किया। उन्होंने अपना पहला मैच खेल रहे टॉम करन को गेंद थमा दी। धोनी ने सिर्फ 3 गेंद में ही लक्ष्य हासिल कर दिया। उन्होंने 3 लगतार चौके मारे। बीच में टॉम ने एक गेंद वाइड फेंक दी थी। इसलिए धोनी की चेन्नई ने 2 गेंद रहते ये मैच जीत लिया था।

बाद में जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने रबाडा के बजाए टॉम को क्यों तरजीह दी तो उन्होंने कहा कि फिलहाल ये तो नहीं बता सकता कि मैं और मेरा टीम कैसा फील कर रही है। पर हां, कोशिश रहेगी गलतियों से सबक लें और आगे बढ़ें। यानी, उन्होंने अपनी गलती मानी भी।

बाद में पंत ने कहा, 'टॉम को आखिरी ओवर कराने के पीछे ये सोच रही कि उन्होंने ने पूरे मैच में अच्छी गेंदबाजी की थी। बस आखिरी ओवर में वो अच्छा नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि DC का स्कोर 172 सही था। हमें पावर प्ले में विकेट नहीं मिला जो हमारे फेवर में नहीं रहा। हम गलतियों से सीख लेंगे और अगला मैच जीत कर फाइनल खेलेंगे।'

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