पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Sports
  • Cricket
  • Ipl
  • Rajasthan Royals Spinner Shreyas Gopal Wanted To Be The Batsman After Advice Of Rahul Dravid Became Bowler

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

भास्कर इंटरव्यू:राजस्थान रॉयल्स के श्रेयस गोपाल ने द्रविड़ की सलाह पर छोड़ी बैटिंग; कप्तान सैमसन के लिए कहा- वे कॉन्फिडेंस बढ़ाते हैं

मुंबईएक महीने पहलेलेखक: राजकिशोर
  • कॉपी लिंक

IPL में राजस्थान रॉयल्स (RR) की ओर से खेलने वाले लेग स्पिनर श्रेयस गोपाल बल्लेबाज बनना चाहते थे, लेकिन राहुल द्रविड़ ने उन्हें बॉलिंग पर फोकस करने की सलाह दी। यह सलाह गोपाल के लिए जिंदगी बदलने वाली रही और आज वे देश के सबसे टैलेंटेड लेग स्पिनर्स में से एक माने जाते हैं। RR के कप्तान संजू सैमसन को लेकर श्रेयस का कहना है कि वे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। करियर, परिवार और IPL के बारे में श्रेयस ने भास्कर से विशेष बातचीत की। पढ़िए इसके मुख्य अंश...

भास्कर: आपने अपने करियर की शुरुआत बल्लेबाज के तौर पर की, लेकिन पहचान लेग स्पिनर के रूप में बनी। यह कैसे हुआ?
श्रेयस: मैं अंडर 16-17 तक बल्लेबाज के तौर पर ही कर्नाटक के लिए खेला। हालांकि मैं बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी भी करता था। रणजी कैंप में राहुल द्रविड़ सर ने मुझे बल्लेबाजी और गेंदबाजी करते हुए देखा। उन्होंने मुझे बुलाकर कहा कि आपकी गेंदबाजी अच्छी है और यह आपको क्रिकेट करियर में आगे ले जा सकती है। आपको इस पर ज्यादा फोकस करना चाहिए।

मुझे उस समय उनकी बात अच्छी नहीं लगी, क्योंकि मुझे बल्लेबाजी करना ज्यादा पसंद था। लेकिन मैने उनकी सलाह के बाद गेंदबाजी पर फोकस किया। कुछ समय बाद रणजी के लिए कर्नाटक टीम में गेंदबाजी के कारण ही चुना गया। वहां से मुझे गेंदबाज के रूप में पहचान मिली। मैं राहुल द्रविड़ सर का अभारी हूं कि उन्होंने मेरे अंदर की प्रतिभा पहचान कर मुझे सही दिशा दिखाई।

भास्कर: आपकी मां वॉलीबॉल की नेशनल लेवल की खिलाड़ी थीं, आप क्रिकेट में कैसे आ गए?
श्रेयस: बचपन से ही मुझे कई तरह के खेल खेलने में मजा आता था। मैं क्रिकेट के साथ बैडमिंटन, स्केटिंग और कराटे भी खेलता था। लेकिन ज्यादा खेलों की वजह से मेरी पढ़ाई बाधित होने लगी। इसकी वजह से एक दिन मेरे पैरंट्स ने मुझे बुलाया और कहा कि खेलने के साथ पढ़ाई भी जरूरी है। ऐसे में आप एक-दो खेल को चुनें, जिनमें आपको मजा आता हो।

ऐसे में मैने क्रिकेट को चुनना बेहतर समझा, क्योंकि मैं बाहर जाकर खेलना चाहता था। यह टाइम पास के लिहाज से भी बेहतर था। मुझे घर में बैठना पसंद नहीं था। मेरा पढ़ाई में ज्यादा मन नहीं लगता था और न ही मैं अच्छा स्टूडेंट रहा, लेकिन मैं ग्रेजुएशन पूरा करना चाहता था। मेरे पैरंट्स ने क्रिकेट के चयन को लेकर कभी सवाल नहीं किए, बल्कि उन्होंने मुझे सपोर्ट किया।

भास्कर: आपने पहली बार कब सोचा कि क्रिकेट में ही करियर बनाना है? आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
श्रेयस: इंडिया अंडर-19 टीम के कैंप में चयन के बाद ही मैं क्रिकेट को बतौर करियर के रूप में अपनाने को लेकर गंभीर हुआ था। उस समय 16-17 साल का था और स्टेट लेवल पर क्रिकेट खेलता था। वहां बेहतर प्रदर्शन के बाद मेरा चयन अंडर-19 के कैंप के लिए हुआ। उसके बाद मुझे लगा कि इसमें आगे अच्छा करना है। मैंने अपना पूरा फोकस क्रिकेट पर कर दिया। मुझे भी दूसरे खिलाड़ियों की तरह आगे बढ़ने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। यहां तक के सफर में मुझे कई चीजों को नजरअंदाज करना पड़ा। शुरुआत में थोड़ी दिक्कतें आईं, लेकिन समय के अनुसार परिस्थितियों में ढल गया और मजा आने लगा।

भास्कर: आपने घरेलू क्रिकेट और IPL में लगातार अच्छा परफॉर्म किया है। फिर इंडियन टीम में मौका क्यों नहीं मिल पा रहा?
श्रेयस: शायद मुझे और बेहतर करने की जरूरत है। टीम में चयन के लिए कई चीजों पर गौर किया जाता है। हालांकि मुझे अपने ऊपर भरोसा है कि जब भी मुझे मौका मिलेगा, मैं अपना बेस्ट देने के लिए तैयार रहूंगा।

भास्कर: विजय हजारे ट्रॉफी में आपका प्रदर्शन अच्छा रहा। आपने 7 मैच में 13 विकेट लिए, IPL को लेकर आपकी क्या तैयारी है?
श्रेयस: IPL को लेकर मैंने बेहतर तैयारी की है। हम अपने रोल के बारे में समझ रहे हैं। अभी हाल में टूर्नामेंट खेले हैं जिसका हमें फायदा मिलेगा। टूर्नामेंट में खेलने से हमें अपनी फिटनेस के बारे में पता चला है। हमें यह भी पता है कि हमें किन क्षेत्रों में सुधार करने की जरूरत है, उन पर फोकस कर रहे हैं।

भास्कर: IPLमें आखिरी हैट्रिक आपके ही नाम है, आपने जब हैट्रिक ली थी, तो आपके मन में क्या चल रहा था?
श्रेयस: जब मैं तीसरी गेंद कर रहा था, तब मेरे दिमाग में यह था कि मैं गेंद को जितना स्पिन करा सकता हूं कराऊं। पिच में नमी भी थी और उछाल भी अच्छा था। मेरी प्लानिंग कामयाब रही और हैट्रिक पूरी हुई। हालांकि हम वह मैच नहीं जीत सके। अगर हमारी टीम जीतती और टॉप-4 में पहुंचती तो ज्यादा खुशी मिलती।

भास्कर: इस साल आप नए कप्तान संजू सैमसन के अंडर खेलेंगे? आप उनके साथ पिछले कुछ सालों से खेल रहे हैं? उनके साथ कैसी केमिस्ट्री है?
श्रेयस: मैं संजू को पिछले 15 सालों से जानता हूं। उनके हर रूप को मैने देखा है। वे सुलझे हुए व्यक्ति हैं। हमारे बीच अच्छी दोस्ती है। उनका व्यवहार मेरे प्रति भाई की तरह है। मैं उनके साथ अपने को सहज महसूस करता हूं। मैं उनके साथ आसानी से रणनीति को शेयर कर सकता हूं। वे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। वे शांत रहते हैं। उनका अपने ऊपर काफी कंट्रोल है। जिसकी वजह से वह आसानी से अपनी बातों को समझा सकते हैं। वहीं दूसरी की बातों को भी सुनते हैं और समझते हैं। वह टीम के लिए बेहतर कप्तान साबित होंगे। हम उनकी कप्तानी में दूसरी बार खिताब जीतने का प्रयास करेंगे।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव - आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए आप अपने प्रयासों में कुछ परिवर्तन लाएंगे और इसमें आपको कामयाबी भी मिलेगी। कुछ समय घर में बागवानी करने तथा बच्चों के साथ व्यतीत करने से मानसिक सुकून मिलेगा...

और पढ़ें