MI की हार के दोषी तिलक वर्मा:टीम की अच्छी शुरुआत के बावजूद 8 रन बना पाए, उमरान की फास्ट बॉल खेलने में भी नाकाम

मुंबई4 महीने पहले

IPL 15 का 65वां मुकाबला सनराइजर्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेला गया। इस मैच में SRH 3 रन से जीत गई। मुकाबले का विलेन मुंबई के बल्लेबाज तिलक वर्मा को माना जा सकता है। आगे बढ़ने से पहले इस पोल में हिस्सा जरूर लें।

अच्छी स्थिति में बल्लेबाजी करने आए तिलक ने खराब शॉट खेलकर गंवाया विकेट
जिस वक्त तिलक वर्मा बल्लेबाजी करने आए, उस समय टीम को जीत के लिए 8.3 ओवर में 93 रनों की दरकार थी। इस सीजन मुंबई इंडियंस की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज से उम्मीद थी कि वह अपनी टीम को जीत के दरवाजे तक ले जाएगा। इसी बीच उमरान मलिक 15वें ओवर की पहली गेंद लेकर आते हैं।

यह बॉल शॉट ऑफ लेंथ आउटसाइड ऑफ थी। तिलक की उम्मीदों से अधिक तेजी से गेंद उनकी तरफ आ गई। जब तक वह पुल शॉट खेलने के लिए पोजीशन में आ पाते, तब तक गेंद उन तक पहुंच चुकी थी।

परिणाम हुआ कि तिलक ने उस बॉल को एक्स्ट्रा कवर की दिशा में हवा में खेल दिया। वहां मौजूद सनराइजर्स के कप्तान विलियमसन ने आसान सा कैच लपक लिया। सूर्यकुमार यादव की गैरहाजिरी में तिलक 9 गेंद पर 8 रन बनाकर आउट हो गए।

मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा और विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने हैदराबाद के खिलाफ ओपनिंग विकेट के लिए 64 गेंद पर 95 रन जोड़े।
मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा और विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने हैदराबाद के खिलाफ ओपनिंग विकेट के लिए 64 गेंद पर 95 रन जोड़े।

सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज खिलाड़ी ने जिस दिन तारीफ की, उसी शाम फ्लॉप रहे तिलक
मुंबई इंडियंस ने बड़ी उम्मीदों से तिलक को चौथे नंबर पर भेजा था। टीम को लगा था कि सलामी बल्लेबाजों के द्वारा 95 रन का तेज ओपनिंग स्टैंड देने के बाद तिलक आसानी से टीम को जीत दिला देंगे।

ऐसे में तिलक ने कप्तान और मैनेजमेंट का भरोसा तोड़ दिया। जिस तिलक वर्मा को सुनील गावस्कर तीनों फॉर्मेट में इंडियन टीम का भविष्य का खिलाड़ी बता रहे हैं, वह सनराइजर्स के खिलाफ जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे।

एक्सप्रेस पेस का सामना करने में असहज दिखे तिलक
उमरान मलिक की बॉल में गति होती है, यह हर बल्लेबाज जानता है। ऋतुराज गायकवाड़ ने सबसे पहले उनके खिलाफ सीधे बैट से खेलते हुए रन बटोरे थे। उसके बाद बाकी बल्लेबाजों ने भी उमरान के खिलाफ यही रणनीति अपनाई।

स्ट्रेट बैट से खेलने का फायदा यह मिलता है कि बल्ले का किनारा लगने की संभावना कम हो जाती है। साथ ही गेंदबाज की गति का लाभ भी बल्लेबाज को मिलता है। तिलक वर्मा को देखकर लगा कि वह उमरान का सामना करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे।

अगर वह इंटरनेशनल क्रिकेट लंबे अरसे तक खेलना चाहते हैं, तो उन्हें एक्सप्रेस स्पीड गेंदबाजों के सामने रन बटोरने के तरीके ढूंढने होंगे।