ब्रेंडन मैकुलम बने इंग्लैंड टीम के टेस्ट कोच:14 साल बाद छोड़ेंगे KKR का साथ, सीजन के बाद नई टीम से जुड़ेंगे

मुुंबई12 दिन पहले
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वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रेंडन मैकुलम इंग्लैंड क्रिकेट टीम के हेड कोच बनाए गए हैं। वे टेस्ट में टीम को कोच करेंगे। उन्होंने ईसीबी के साथ चार साल का अनुबंध किया है। ECB और खुद मैकुलम ने इस बात की पुष्टी की है। इसी के साथ वेमैकुलम कोलकाता नाइट राइडर्स का साथ छोड़ने जा रहे हैं। इस सीजन के बाद वे फ्रेंचाइजी को अलविदा कह सकते हैं। 40 साल के इस पूर्व खिलाड़ी ने टीम मीटिंग में अपने साथियों को यह जानकारी दे दी है।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में इंग्लैंड की डूबती नैया बचाने की जिम्मेदारी
मैकुलम पर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में इंग्लैंड की डूबती नैया को पार लगाने की उम्मीद होगी। वर्तमान में इंग्लिश टीम टेबल के निचले पायदान पर है। उसने 13 में से 7 मैच गंवाए हैं। जबकि एक ही जीत सकी है। टीम के चार मैच ड्रॉ रहे हैं। मैकुलम के टेस्ट करियर की बात करें, तो उन्होंने 101 मैच में 12 शतक और 31 अर्धशतक सहित 6453 रन बनाए हैं। उन्होंने 31 मुकाबले में कीवी टीम की कप्तानी की है। इनमें से 11 में जीते हैं। इतने ही हारे हैं और नौ मुकाबले में प्रतिद्वंद्वी टीम के साथ ड्रॉ खेलकर उन्हें अंक साझा करना पड़ा है। यहां बताना जरूरी है कि मैकुलम ने रेड बॉल क्रिकेट में किसी टीम को कोच नहीं किया है।

लीग के पहले ही मुकाबले में बनाए थे 158 रन

मैकुलम 14 साल बाद फ्रेंचाइजी से अलग हाे रहे हैं। वे IPL के पहले सीजन से KKR के साथ थे। याद दिला दें कि मैकुलम ने 2008 में लीग के पहले ही मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते हुए 158 रनों की नाबाद पारी खेली थी। वे 2018 तक बतौर एक खिलाड़ी लीग से जुड़े रहे। मैकुलम ने अपने आईपीएल करियर में 109 मैचों में 2880 रन बनाए हैं। इनमें दो शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं।

IPL प्वाइंट टेबल में पांच जीत के साथ सातवें स्थान पर है KKR
इस सीजन में लीग में 59 मुकाबले खेले जा चुके हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम ने 12 में से 5 मुकाबले जीते हैं। जबकि सात में उसे पराजय झेलनी पड़ी है। प्वाइंट टेबल में उसके 10 अंक है। टीम के चार मुकाबले अब भी शेष हैं। यदि वह इन मुकाबलों में जीत हासिल कर लेती है तो अंतिम-4 के लिए क्वालिफाई कर जाएगी और यदि उसने एक भी मैच गंवाया तो उसे क्वालिफाई करने के लिए दूसरी टीमों की हार-जीत पर निर्भर रहना होगा।