विनोद कांबली आर्थिक तंगी से जूझ रहे:₹30 हजार पेंशन से कर रहे गुजारा; बोले- सचिन को सब पता, लेकिन उनसे उम्मीद नहीं

मुंबईएक महीने पहले

दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के जिगरी दोस्त विनोद कांबली की माली हालत खराब है। वे बेरोजगार भी हैं और इन दिनों काम की तलाश कर रहे हैं। वे BCCI की 30 हजार रुपए की पेंशन के दम पर जी रहे हैं।

कांबली ने अपने स्कूल के दिनों में सचिन तेंदुलकर के साथ रिकॉर्ड 664 रनों की साझेदारी कर क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी थी। 34 साल पहले की इस रिकॉर्ड साझेदारी में विनोद कांबली ने 349 रन और सचिन तेंदुलकर ने नाबाद 326 रन बनाए थे। इतना ही नहीं, कांबली ने अपने शुरुआती सात मैचों में ही 793 रन बनाए थे। कांबली की मौजूदा स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे मैदान पर कोई भी काम करने को तैयार हैं।

मिड-डे से बात करते हुए वे कहते हैं...
'मैं एक रिटायर्ड क्रिकेटर हूं और पूरी तरह से BCCI की पेंशन पर निर्भर हूं। मेरी आय सिर्फ पेंशन से ही है। मैं BCCI का आभारी हूं। मुझे असाइनमेंट चाहिए, ताकि मैं युवा क्रिकेटरों की मदद कर सकूं। मुंबई ने अमोल मजूमदार को मुख्य कोच बनाए रखा है और अगर उन्हें मेरी जरूरत है तो मैं वहां हूं। मैंने उनसे कई बार कहा है कि अगर आपको मेरी जरूरत है तो मैं आपके साथ हूं। मेरा परिवार है और मुझे उनकी देखभाल करनी है। क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद आपके लिए कोई क्रिकेट नहीं है, लेकिन अगर आपको जीवन में स्थिरता चाहिए तो असाइनमेंट्स होने जरूरी हैं। मैं MCA प्रेसिडेंट से अनुरोध कर सकता हूं कि अगर मेरी जरूरत है तो मैं तैयार हूं।'

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चेन-ब्रेसलेट सब गायब, मोबाइल स्क्रीन भी फूटी
अपने लुक और स्टाइल के लिए मशहूर रहे कांबली सफेद दाढ़ी में नजर आए। उनके गले में न तो गोल्ड चेन है और न ही हाथ में ब्रेसलेट और घड़ी। यहां तक कि उनके मोबाइल फोन की स्क्रीन भी टूट चुकी है।

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कई प्रोफेशन में हाथ आजमा चुके हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली
विनोद कांबली ने 2000 में आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला खेला था। उसके बाद से वे कई प्रोफेशन में हाथ आजमा चुके हैं, लेकिन उन्हें सफलता कहीं नहीं मिली। वे संजय दत्त के साथ कुछ फिल्मों में भी नजर आए। उन्होंने पल-पल दिल के साथ, आज का युगांधर और अनर्थ जैसी फिल्में की हैं। बाद में ऐड फिल्में भी कीं। आखिर में कोचिंग भी की। आखिरी बार वे 2019 में मुंबई टी-20 लीग में एक टीम की कोचिंग कर रहे थे।

कांबली ने 2018 में बांद्रा-कुर्ला में कोचिंग एकेडमी भी खोली थी।
कांबली ने 2018 में बांद्रा-कुर्ला में कोचिंग एकेडमी भी खोली थी।

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बोले- मैं सचिन से उम्मीद नहीं रखता
कांबली आगे कहते हैं, 'मैं उनसे कुछ उम्मीद नहीं करता हूं। उन्होंने मुझे TMGA (तेंडुलकर मिडलसेक्स ग्लोबल अकादमी) का कार्यभार दिया था। मैं काफी खुश था। वे मेरे बहुत अच्छे दोस्त रहे हैं। वे हमेशा मेरे साथ खड़े रहे।'

सचिन और कांबली ने बचपन में 664 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की थी।
सचिन और कांबली ने बचपन में 664 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की थी।

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