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आईसीसी महिला क्रिकेट को पुरुष के बराबर ले जाना चाहती है, इसे समर्थन भी मिला

एक वर्ष पहलेलेखक: अयाज मेमन
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ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम की कप्तान मेग लेनिंग और भारतीय कैप्टन हरमनप्रीत कौर (दाएं)। - Dainik Bhaskar
ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम की कप्तान मेग लेनिंग और भारतीय कैप्टन हरमनप्रीत कौर (दाएं)।
  • महिला दिवस के दिन टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल का आयोजन होना एक अच्छा आइडिया
  • भारतीय खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी बड़े मैच का दबाव, इससे बचना होगा

क्रिकेट के सबसे पवित्र मैदान मेलबर्न में रविवार को टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला जाएगा। आईसीसी, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और अन्य बोर्ड ने महिला क्रिकेट को प्रोत्साहन दिया है। महिला दिवस के दिन फाइनल का आयोजन होना एक अच्छा आइडिया है। इस दौरान कई बड़े लोग उपस्थित रहेंगे। कई ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाली टेनिस खिलाड़ी बिली जीन भी उपस्थित रहेंगी। 76 साल की बिली कई दशकों से जेंडर समानता की लड़ाई लड़ रही हैं। उनकी उपस्थिति औपचारिक नहीं है, बल्कि इस मुद्दे पर एक मजबूत संदेश देती है। आईसीसी महिला क्रिकेट को पुरुष के बराबर ले जाना चाहती है। यह महत्वपूर्ण है कि इसे क्रिकेट के अंदर और बाहर दोनों ओर से समर्थन मिला है।

पत्नी का मैच देखने द. अफ्रीका से लौटे स्टार्क
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क पत्नी एलिसा हीली का मैच देखने के लिए दक्षिण अफ्रीका से लौट आए हैं। स्टार्क को कोच जस्टिन लैंगर और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से भी अच्छा समर्थन मिला है, जो इस बात का संकेत देता है कि भविष्य में पुरुष और महिलाओं के मुकाबले साथ में हो सकते हैं। टूर्नामेंट में दर्शकों की दिलचस्पी बहुत अधिक रही है। रविवार के फाइनल के लिए 75 हजार से अधिक टिकट पहले ही बेचे जा चुके थे। आयोजकों का मानना है कि रविवार को एक भी सीट खाली नहीं होगी। आईसीसी की ओर से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को इसका प्रचार करने की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन टूरिज्म ऑस्ट्रेलिया ने इसे ग्लोबल इवेंट बनाया। यह एक ड्रीम फाइनल है। टूरिज्म ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों ने मुझे पहले ही बताया था कि फाइनल ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच ही होगा। भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल में बारिश के कारण एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी। इस पर विवाद हुआ। आईसीसी का इस स्टेज पर बारिश के लिए कोई इंतजाम ना किया जाना आश्चर्यजनक है। 2019 वर्ल्ड कप के फाइनल में हुए ड्रामे के बाद भी सभी टीमों ने इसके लिए सहमति दी। यह भी गलत है।

हरमनप्रीत का प्रदर्शन मैच विनिंग नहीं रहा
इंग्लैंड ने वह मैच जीत लिया, लेकिन न्यूजीलैंड एक दुर्भाग्यपूर्ण नियम का शिकार था। सुपर ओवर में टाई होने के बाद इंग्लैंड को बाउंड्री काउंट नियम से जीत मिली क्योंकि सभी कप्तानों ने इसके लिए सहमति दी थी। दूसरा सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया बारिश के बीच जीता। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और बीसीसीआई की उम्मीद सच साबित हुई। इंग्लैंड की टीम अच्छी थी, लेकिन टीम इंडिया का प्रदर्शन भी शानदार रहा। पहले मैच में हमने ऑस्ट्रेलिया को हराया। कप्तान हरमनप्रीत ने मैच विनिंग प्रदर्शन नहीं किया है, लेकिन कप्तानी अच्छी रही, जिससे टीम को कई विषम परिस्थितियों से बाहर आने के लिए प्रेरणा मिली। ऑस्ट्रेलिया डिफेंडिंग चैंपियन है और उसे घरेलू दर्शकों का समर्थन मिलेगा। भारतीय खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी बड़े मैच का दबाव। इससे बचना होगा। परिणाम चाहे जो भी हो, महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने का यह सबसे बड़ा मंच बना है।

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