अयाज मेमन की कलम से / सजा मिलने के मामले में धोनी भाग्यशाली रहे



Ayaz Memon Column: Dhoni's token punishment will set bad example for young players
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Ayaz Memon Column: Dhoni's token punishment will set bad example for young players

  • किसी की पहली गलती पर भी रेफरी उसे टोकन पनिशमेंट देकर नहीं छोड़ सकते
  • विश्वकप में ऑलराउंडर और विकेटकीपर के स्थानों पर असमंजस

Dainik Bhaskar

Apr 14, 2019, 07:24 AM IST

पिछले हफ्ते राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच के दौरान चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अंपायरों के एक फैसले पर भड़क गए और डगआउट से मैदान पर जा पहुंचे। उनपर 50% मैच फीस का जुर्माना लगा। यकीनन वे सजा के मामले में भाग्यशाली रहे। ये सच है कि उस वाकये में अंपायर के फैसले पर सवाल उठ सकते हैं, लेकिन इस बात से धोनी के कदम को सही नहीं ठहरा सकते। 

 

धोनी भी इंसान हैं
ये खुद धोनी के भी व्यक्तित्व से जुदा था। कितनी भी दबाव और टेंशन वाली परिस्थितियां हों, धोनी खुद को शांत रखते हैं। इसी वजह से उन्होंने 'कैप्टन कूल' की छवि बनाई है। धोनी विश्व क्रिकेट के सबसे संयमित और ठोस खिलाड़ियों में से एक हैं। उनका खुद पर गजब का नियंत्रण है। मुझे ऐसा कोई दूसरा वाकया याद नहीं आता, जब उन्होंने इस तरह से प्रतिक्रिया जताई हो। फिर भी आखिर धोनी भी इंसान ही हैं। समझदार और गंभीर व्यक्ति वो ही होता है, जो गलती को स्वीकार करे और दोबारा ना दोहराए। 

 

सजा कम रुतबे वाले खिलाड़ियों का मनोबल गिराने वाली
यकीनन धोनी ने मैच के बाद उस एक गेंद का रिप्ले जरूर देखा होगा। शायद यही कारण रहा होगा कि उन्होंने मैच रेफरी के एक्शन को बिना किसी जवाब-तलब के स्वीकार कर लिया। रेफरी के फैसले की बात करें तो मुझे लगता है कि भले ही किसी की पहली गलती हो, फिर भी आप उसे 'टोकन पनिशमेंट' देकर नहीं छोड़ सकते। सजा का मकसद ये भी होता है कि उससे दूसरे खिलाड़ियों को भी संदेश मिले। रेफरी ने धोनी के मामले को कुछ ढीले तरीके से डील किया। इससे क्रिकेट में एक तरह की वर्ग व्यवस्था भी शुरू हो सकती है, जहां बड़े खिलाड़ी कुछ भी करके आसानी से बच सकते हैं। जबकि युवा, नए या कम रुतबे वाले खिलाड़ियों को उसी तरह की हरकत के लिए कड़ी सजा मिल जाती है। इसके 2 बड़े परिणाम हो सकते हैं- बड़े खिलाड़ियों की हिम्मत बढ़ेगी और अन्य खिलाड़ियों का मनोबल गिरेगा। 

 

विश्वकप के लिए टीम चयन पर रहेगी नजर
वहीं इस हफ्ते आईपीएल के रोमांच के साथ-साथ भारत की विश्वकप की टीम भी नजरें टिकी रहेंगी, जिसकी घोषणा सोमवार को होनी है। टीम के अधिकतर स्थानों के लिए नाम तो लगभग तय हैं। बस कुछ स्थानों पर नजर है। जैसे कि दूसरे विकेटकीपर के तौर पर रिषभ पंत और दिनेश कार्तिक में से कौन जाएगा। रायडू, राहुल और अब मयंक अग्रवाल भी नंबर-4 पर बल्लेबाजी के लिए दौड़ में हैं। विजय शंकर, हार्दिक पंड्या और रवींद्र जडेजा का ऑलराउंडर के तौर पर दावा मजबूत है। 

 

मेरी टीम कुछ ऐसी है... 
कोहली, रोहित, धवन, विजय शंकर, मयंक अग्रवाल/राहुल, धोनी, जाधव, पंत, पंड्या, जडेजा, भुवनेश्वर, शमी, कुलदीप, चहल, बुमराह। 

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