बाबर आजम ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड:टेस्ट क्रिकेट की चौथी पारी में सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले कप्तान बने, 27 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

5 महीने पहले

पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है। बाबर कराची के नेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मैच की चौथी पारी में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने 425 गेंदों का सामना करते हुए 21 चौके और 1 छक्का की मदद से 196 रनों की यादगार पारी खेली। उनसे पहले इंग्लैंड के माइकल अथर्टन ने अपनी कप्तानी में 1995 में चौथी पारी में नाबाद 185 रन बनाए थे।

बाबर ने मैदान पर 607 मिनट बिताते हुए चौथी पारी में सबसे ज्यादा समय तक बल्लेबाजी करने वाले एशियाई खिलाड़ी का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।

196 रन बनाने के बाद पवेलियन में तालियों के बीच बाबर आजम का स्वागत हुआ।
196 रन बनाने के बाद पवेलियन में तालियों के बीच बाबर आजम का स्वागत हुआ।

यूं ही नहीं टॉप खिलाड़ियों में शामिल हैं बाबर
दिन की शुरुआत में अब्दुल्ला शफीक के साथ मिलकर जब बाबर ने खेलना शुरू किया तो कंगारूओं को विकेट के लिए तरसा दिया । हर गेंद को उसके मेरिट के अनुरूप खेलते हुए बाबर ने साबित किया कि आखिर उन्हें दुनिया के बेस्ट बल्लेबाजों में क्यों शुमार किया जाता है। पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क की गति और रिवर्स स्विंग के सामने बाबर चट्टान की तरह डट गए। एक वक्त को जब लगा कि पाकिस्तानी बल्लेबाज बैकफुट पर चले गए हैं , उस पल में नाथन लायन की गेंद को लॉन्ग ऑफ के ऊपर से छक्के के लिए उड़ाकर बाबर ने अपनी योग्यता का परिचय दिया। बाबर से पहले चौथी पारी में पाक की ओर से बड़ी पारी का रिकॉर्ड यूनिस खान के नाम था। उन्होनें श्रीलंका के खिलाफ 171 रनों की पारी खेली थी।

शतक पूरा करने के बाद दर्शकों का अभिवादन स्वीकार करते बाबर आजम।
शतक पूरा करने के बाद दर्शकों का अभिवादन स्वीकार करते बाबर आजम।

दो साल से था शतकों का सूखा
दो साल से बाबर टेस्ट क्रिकेट में शतक नहीं लगा सके थे और उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। पहली पारी में बाबर केवल 36 रनों पर आउट हो गए थे। दूसरी पारी में बाबर ने हर सवाल का जवाब अपने बल्ले से दिया। शतक लगाने के बाद बाबर की चीख में विरोधियों के प्रति गुस्सा साफ झलक रहा था। मानो वह कहना चाहते हों कि उनका बल्ला हर आलोचना पर भारी है।बाबर की बदौलत ही पाकिस्तान मैच ड्रॉ कराने में सफल रहा।

केवल 27 साल की उम्र में विश्व क्रिकेट में बाबर का दबदबा साबित करता है कि आने वाले समय में क्रिकेट की दुनिया के काफी रिकॉर्ड्स उनके निशाने पर होंगे ।