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87 साल में पहली बार नहीं होगी रणजी ट्रॉफी:सैयद मुश्ताक अली के बाद विजय हजारे, महिला टूर्नामेंट और वीनू मांकड़ ट्रॉफी की तैयारी

मुंबई3 महीने पहले
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सैयद मुश्ताक अली टी-20 टूर्नामेंट के एक मैच में खेलते तमिलनाडु के कप्तान दिनेश कार्तिक। उनकी टीम 31 जनवरी को फाइनल में बड़ौदा से भिड़ेगी। - Dainik Bhaskar
सैयद मुश्ताक अली टी-20 टूर्नामेंट के एक मैच में खेलते तमिलनाडु के कप्तान दिनेश कार्तिक। उनकी टीम 31 जनवरी को फाइनल में बड़ौदा से भिड़ेगी।

कोरोना के बाद भारत में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी टूर्नामेंट कराने में सफल रहा है। बोर्ड अब विजय हजारे, महिला वनडे टूर्नामेंट और वीनू मांकड़ अंडर-19 ट्रॉफी भी कराएगा। बोर्ड सचिव जय शाह ने सभी राज्य संघों को लेटर लिखकर यह जानकारी दे दी है। 87 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा, जब किसी साल रणजी ट्रॉफी नहीं कराया जा रहा।

हाल ही में सचिव ने सभी राज्य संघों को लेटर लिखकर विजय हजारे और रणजी ट्रॉफी में से कोई एक टूर्नामेंट कराने के लिए सुझाव मांगे थे। इसमें ज्यादातर राज्य विजय हजारे टूर्नामेंट के सपोर्ट में हैं, क्योंकि यह वनडे फॉर्मेट में होता है। जबकि रणजी टूर्नामेंट टेस्ट फॉर्मेट में होता है।

IPL नीलामी से पहले खिलाड़ियों को ज्यादा मौके मिलेंगे
सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट में खेले एक क्रिकेटर ने न्यूज एजेंसी से कहा कि IPL से पहले रणजी के बजाय विजय हजारे टूर्नामेंट कराना बेहतर होगा। उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद है कि IPL के 14वें सीजन की नीलामी से पहले हमें कुछ और मैच खेलने को मिल सकते हैं। इससे खिलाड़ियों खासकर युवाओं को एक या उससे ज्यादा IPL फ्रेंचाइजी को इंप्रेस करने का मौका मिलेगा।’’

आंध्र प्रदेश ने रणजी ट्रॉफी कराने की बात कही
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणजी और विजय हजारे ट्रॉफी में से एक ऑप्शन चुनने के लिए BCCI सचिव जय शाह ने सभी राज्य संघ को फोन भी किया था। इसके तहत मुंबई और ओडिशा क्रिकेट संघ ने विजय हजारे को सपोर्ट किया। वहीं, आंध्र प्रदेश ने रणजी ट्रॉफी कराने की बात कही थी।

रणजी ट्रॉफी से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी
रणजी ट्रॉफी भारत का सबसे पॉपुलर घरेलु क्रिकेट टूर्नामेंट है। यह नेशनल टीम में एंट्री के लिहाज से सबसे अहम टूर्नामेंट है। इस टूर्नामेंट के बाद कई खिलाड़ी भारतीय टीम में जगह बनाने में कामयाब हुए। इस टूर्नामेंट को लेकर कुछ महत्वपूर्ण बातें जानते हैं:

  • रणजी ट्रॉफी का पहला मैच चेन्नई के चेपक स्टेडियम में 4 नवंबर 1934 को खेला गया था। यह मद्रास और मैसूर की टीम के बीच खेला गया था। रणजी ट्रॉफी का शुरूआती नाम क्रिकेट चैंपियनशिप ऑफ इंडिया हुआ करता था।
  • इस टूर्नामेंट का नाम बाद में महाराजा रणजीत सिंहजी के नाम पर रख दिया गया। महाराजा रणजीत भारत की नवानगर रियासत के राजा थे। हालांकि रणजीत सिंहजी ने इंडिया के लिए कभी क्रिकेट ही नहीं खेला। उनकी मौत रणजी ट्रॉफी शुरू होने से एक साल पहले ही हो गई थी।
  • रणजी की पहली बॉल मद्रास के एम. जे. गोपालन ने मैसूर के एन. कर्टिस को फेंकी थी। रणजी की पहली सेंचुरी हैदराबाद के एसएम हादी ने लगाई थी। उन्होंने पहले ही सीजन में मुंबई के खिलाफ सिकंदराबाद में 132 रन बनाए थे।
  • रणजी ट्रॉफी खेलने वाली ज्यादातर टीमें भारत की राज्य टीमें हैं। राज्य के अलावा रेलवेज और सर्विसेज (आर्मी) की टीमें भी रणजी में खेलती हैं। आजादी से पहले रियासतें रणजी ट्रॉफी खेला करतीं थीं।
  • रणजी ट्रॉफी के 87 साल के इतिहास में मुंबई सबसे ज्यादा कामयाब टीम रही है। मुंबई ने कुल 41 बार ट्रॉफी जीती है। मुंबई ने 1958 से 1973 तक लगातार 15 बार ट्रॉफी पर कब्जा किया था। इसके बाद कर्नाटक ने 8 और दिल्ली ने 7 बार इस ट्रॉफी पर कब्जा किया।
  • इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन वसीम जाफर के नाम है। जाफर ने 156 मैचों में 12,038 रन बनाए। उनके नाम रणजी में 40 सेंचुरी भी है। इसके अलावा मुंबई के अमोल मजूमदार भी रणजी में बल्लेबाजी के बड़े नाम हैं।
  • रणजी में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड रजिंदर गोयल के नाम है। उन्होंने 1958 से 1985 के बीच 640 विकेट लिए थे। वीवीएस लक्ष्मण के नाम रणजी के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 1999-00 सीजन में 1,415 रन बनाए थे।
  • इस सीजन में लक्ष्मण ने एक सीजन में सबसे ज्यादा सेंचुरी भी लगाई थी। उन्होंने हैदराबाद से खेलते हुए 8 सेंचुरी लगाई थी। एक सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड बिहार के आशुतोष अमन के नाम है। उन्होंने 2018-19 सीजन में 68 विकेट लिए थे।

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